पप्पू यादव की गिरफ्तारी पर भड़के चंद्रशेखर, नीतीश सरकार की लगाई क्लास!
नगीना सांसद ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए पप्पू यादव की गिरफ्तारी को लेकर नीतीश सरकार पर हमला किया. उन्होंने लिखा- 'रात के अंधेरे में पूर्णिया के लोकप्रिय सांसद पप्पू यादव की गिरफ्तारी, बिहार की एनडीए सरकार की डर, दमन और बदले की राजनीति का खुला ऐलान है.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: बिहार का सियासी पारा आज सातवें आसमान पर है। प्रशासन के एक कदम से नीतीश सरकार पर लगातार सवालों की झड़ी लग गई है।
नीतीश सरकार पर सवाल उठने लगे हैं। दरअसल पप्पू यादव की गिरफ्तारी ने बिहार की सियासत में एक बार फिर तेज राजनीतिक बहस को जन्म दे दिया है. यह मामला अब सिर्फ कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सत्ता और विपक्ष के बीच सियासी टकराव का मुद्दा बन चुका है. इसे लेकर नेताओं की लगातार प्रतिक्रिया सामने आ रही है। इसी बीच सांसद पप्पू यादव की गिरफ़्तार पर आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष और यूपी की नगीना लोकसभा सीट से सांसद चंद्रशेखर आजाद ने तीखी प्रतिक्रया दी है. उन्होंने बिहार की एनडीए सरकार पर निशाना साधते हुए इसे डर और बदले की राजनीति बताया. उन्होंने कहा कि ये कानून का नहीं बल्कि सत्ता का अंहकार है.
नगीना सांसद ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए पप्पू यादव की गिरफ्तारी को लेकर नीतीश सरकार पर हमला किया. उन्होंने लिखा- ‘रात के अंधेरे में पूर्णिया के लोकप्रिय सांसद पप्पू यादव की गिरफ्तारी, बिहार की एनडीए सरकार की डर, दमन और बदले की राजनीति का खुला ऐलान है. जो सत्ता जनता के सवालों से घबरा जाती है, वही सत्ता आधी रात को जननेताओं को निशाना बनाती है. यह क़ानून का राज नहीं, बल्कि सत्ता का अहंकार है. बीमारी के बावजूद एक जननेता को इस तरह निशाना बनाना, सत्ता की संवेदनहीनता और क्रूर मानसिकता को उजागर करता है. बिहार की जनता सब समझ रही है. तानाशाही के खिलाफ यह लड़ाई और तेज होगी.’
हालांकि बीजेपी और जेडीयू जहां इस कार्रवाई को कानून और अदालत के आदेश का स्वाभाविक परिणाम बता रहे हैं. वहीं विपक्ष इसे राजनीतिक दबाव और बदले की कार्रवाई के तौर पर पेश कर रहा है. पप्पू यादव की छवि एक मुखर जननेता की रही है, ऐसे में उनकी गिरफ्तारी को लेकर राजनीतिक संदेश भी निकाले जा रहे हैं. इस घटनाक्रम ने बिहार की राजनीति में ‘कानून बनाम राजनीति’ की बहस को फिर से केंद्र में ला दिया है. जहां हर दल अपने-अपने हित और नैरेटिव के हिसाब से इस पूरे मामले को परिभाषित करने में जुट गया है. वहीं जेडीयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि अदालत के फैसले का सम्मान करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है. पप्पू यादव न्यायालय के आदेश की अवहेलना कर रहे थे, इसलिए कार्रवाई जरूरी थी. उन्होंने कहा कि हर मुद्दे को राजनीति से जोड़ना सही नहीं है.
वहीं बीजेपी प्रवक्ता प्रभाकर मिश्रा ने कहा कि आम आदमी हो या सांसद, कानून सबके लिए बराबर है. जब भी पप्पू यादव के खिलाफ कानून कार्रवाई करता है, वह उसे राजनीति बताकर पीड़ित बनने की कोशिश करते हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि इस बार पप्पू यादव शंभू गर्ल्स हॉस्टल को ढाल बनाकर बचने का प्रयास कर रहे हैं. पूर्णिया के निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव को पटना पुलिस ने बीती रात तकरीबन 12 बजे गिरफ्तार कर लिया. यादव की यह गिरफ्तारी किराये के घर पर कब्जा करने से जुड़े एक 31 साल पुराने मामले में कोर्ट के वारंट के बाद हुई है. लेकिन गिरफ्तारी से पहले शुक्रवार देर रात तक पप्पू यादव के पटना स्थित आवास पर हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला.
पप्पू यादव जैसे ही शुक्रवार देर रात दिल्ली से पटना पहुंचे, उनके आवास पर पुलिस भी पहुंच गई. फिर पटना पुलिस और पप्पू यादव के समर्थकों के बीच तीखी नोकझोंक होने लगी. इस दौरान पप्पू यादव ने पटना पुलिस को कहा कि जितनी ताकत लगाना है लगा लो मैं रात को नहीं जाऊंगा. पुलिस अधिकारी भी यह कहते नजर आए कि हम ताकत लगाने नहीं आए हैं लेकिन कानून का तो आप पालन कीजिएगा… इस नोकझोंक के बाद आखिरकार पटना पुलिस ने पप्पू यादव को गिरफ्तार कर लिया. लेकिन बड़ा सवाल यह कि क्या 31 साल पुराने मामले में पप्पू यादव की देर रात गिरफ्तारी सही है या मोटिवेटेड?
शुक्रवार रात गर्दनीबाग थाने की पुलिस पप्पू यादव के मंदिरी स्थित आवास पर वारंट लेकर पहुंची. सादे लिबास में सांसद पप्पू यादव के पास खड़ा एक शख्स ने कहा, ‘मैं इंस्पेक्टर दीपक हूं. आपको गिरफ्तार करने आया हूं.’ ये कहते हुए पप्पू यादव और उनके समर्थक भड़क गए. उस अधिकारी ने उंगली दिखाते हुए समर्थकों को हड़काते हुए कहा कि गिरफ्तारी में रुकावट मत डालो. इसके बाद पप्पू यादव और उस इंसपेक्टर में तीखी नोकझोंक हुई. इंस्पेक्टर दीपक के व्यवहार से सांसद पप्पू यादव भी नाराज दिखे। इस गिरफ़्तारी को लेकर सियासी गलियारों में चर्चा तेज हो गई है।



