दिल्ली में हादसा नहीं हत्या की गई थी: केजरीवाल

  • गड्ढे में गिरकर युवक की मौत पर बवाल जारी
  • भाजपा सरकार पर बरसी आप

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली के जनकपुरी इलाके में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां पीडब्ल्यूडी की सडक़ पर दिल्ली जल बोर्ड द्वारा खोदे गए गड्ढेमें गिरकर एक 25 साल के युवक की मौत हो गई। इस दर्दनाक घटना ने दिल्ली की राजनीति में उबाल ला दिया है। आम आदमी पार्टी (आप) ने इसके लिए सीधे तौर पर बीजेपी सरकार और प्रशासन की घोर लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इस घटना पर गहरा दुख जताते हुए इसे सरकारी हत्या करार दिया है।
उन्होंने कहा, राजधानी की सडक़ों पर गड्ढे में गिरकर जान जाना हादसा नहीं, बल्कि हत्या है। बीजेपी सरकारों ने नोएडा की पिछली घटना से कुछ नहीं सीखा। इस गैर-जिम्मेदाराना रवैये का खामियाजा जनता अपनी जान देकर भुगत रही है। यह घटना दिल्ली में बुनियादी ढांचे के रखरखाव और आपातकालीन सेवाओं की तत्परता पर बड़े सवाल खड़े करती है। आप ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से अपील की है कि वे इस मामले में हस्तक्षेप करें और दोषियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करें।

किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा: आशीष

मंत्री आशीष सूद ने कहा कि इस घटना के लिए जिम्मेदार सभी अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है। पुलिस ने भी एफआईआर दर्ज कर ली है और जांच जारी है। किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी विभागों के साथ संयुक्त निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। इन निर्देशों के अनुसार सडक़ को सुचारू रूप से संचालित कराया जाएगा, ताकी लोगों को कम से कम असुविधा हो। इसी उद्देश्य से हम घटनास्थल पर पहुंचे हैं। दोषी अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और जांच के आधार पर जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा। इस घटना से हम भी आहत हैं। इसमें सुधार के लिए स्वयं मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता निगरानी कर रही हैं।

मंत्री सूद लीपापोती कर रहे : सौरभ भारद्वाज

दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने घटना का विस्तृत ब्यौरा साझा किया। उन्होंने बताया कि मृतक युवक, कमल (25), रोहिणी स्थित एक कॉल सेंटर में काम करता था. गुरुवार रात काम से लौटते समय वह जनकपुरी में एक खुले गड्ढे में गिर गया और पूरी रात वहीं तड़पता रहा। सौरभ भारद्वाज ने क्षेत्रीय मंत्री आशीष सूद पर लीपापोती करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मंत्री दावा कर रहे हैं कि सुरक्षा के पूरे इंतजाम थे, जबकि चश्मदीदों के मुताबिक बैरिकेडिंग और पर्दे शुक्रवार सुबह पुलिस के आने के बाद लगाए गए. उन्होंने मांग की कि पुलिस उस इलाके की सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक करे ताकि सच सामने आ सके कि गड्ढे के पास कोई चेतावनी बोर्ड था या नहीं।

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