Rajpal Yadav की जेल यात्रा से टूटा परिवार, पत्नी Radha Yadav सदमे में
राजपाल की ज़िंदगी में उनकी बीवी राधा यादव और बेटी हर्षिता की बेहद अहमियत है। आखिर, राधा ने राजपाल का साथ उस समय जो दिया, जब वो बेहद मुश्किल दौर से गुजर रहे थे।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: बॉलीवुड के जाने-माने कॉमेडी एक्टर राजपाल यादव के लिए ये महीना ख़ुशी नहीं बल्कि मुश्किलें लेकर आया।
आखिर, एक्टर क़ानूनी पचड़े में जो फंसे हुए हैं। चेक बाउंस मामलों के चलते दिल्ली हाई कोर्ट ने उन्हें हाल ही में सरेंडर करने का आदेश दिया था। जिसके बाद, एक्टर ने गुरुवार को तिहाड़ जेल में सरेंडर कर भी दिया। यूं तो, राजपाल से जुड़ा ये मामला 16 साल पुराना है लेकिन, अदालत ने अब इसमें कड़ा एक्शन लिया है।
अब, राजपाल यादव तो सलाखों के पीछे बंद हो गए हैं। लेकिन, उनके जाने से उनकी बीवी राधा यादव और बेटी हर्षिता का हाल बुरा हो गया है। आखिर, राजपाल को यूं जेल में देखकर मां-बेटी की हालत खराब जो हो गई है। राजपाल के घर से दूर होने के चलते राधा और हर्षिता का एक-एक दिन काटना मुश्किल हो रहा है। एक्टर के फैन्स के साथ-साथ उनकी फैमिली भी इस मामले के होने से बेहद परेशान हो गए हैं। राजपाल की बीवी और बेटी अब बस हर समय यही प्रार्थना कर रही हैं कि, इस केस से एक्टर को जल्द से जल्द कोई राहत मिले और वो घर आ सकें।
राजपाल की ज़िंदगी में उनकी बीवी राधा यादव और बेटी हर्षिता की बेहद अहमियत है। आखिर, राधा ने राजपाल का साथ उस समय जो दिया, जब वो बेहद मुश्किल दौर से गुजर रहे थे। अब जैसा कि, सभी जानते हैं कि, राजपाल ने राधा से दूसरी शादी की थी। उनकी पहली बीवी के दुनिया से जाने के बाद राधा संग उनका रिश्ता जुड़ा था।
इनका मिलना भी बेहद दिलचस्प रहा है। बात तब की है, जब साल 2002 में राजपाल फिल्म ‘द हीरो: लव स्टोरी ऑफ स्पाय’ की शूटिंग के लिए कनाडा गए थे। वहीं, एक कॉमन फ्रेंड ने उनकी मुलाकात राधा से करवाई थी। दोनों कनाडा के शहर कैलगरी में कॉफी शॉप पर मिले थे। इस मीटिंग में कपल ने अपनी प्रोफेशनल और पर्सनल लाइफ की बातें एक-दूसरे से शेयर की थीं। वहां साथ में 10 दिन गुजारे और दोनों को एक-दूसरे से प्यार हो गया। 10 दिन पूरे होने के बाद राजपाल वापस इंडिया आ गए। वापस आने के बाद भी ये दोस्ती टूटी नहीं, दोनों फोन पर एक-दूसरे से जुड़े रहे। फिर, तकरीबन 10 महीने तक फोन कनेक्ट रहने के बाद राधा ने इंडिया में शिफ्ट होने का फैसला लिया। इंडिया शिफ्ट होने के बाद ही 10 जून 2003 में दोनों ने शादी भी कर ली। राजपाल की पत्नी राधा उनसे करीब 9 साल छोटी हैं। जी हां, दोनों की उम्र में 9 साल का फासला है। खुद इस बात का खुलासा राजपाल ने एक इंटरव्यू में किया था। दूसरी पत्नी राधा से उन्हें दो बेटियां हैं।
वहीं, एक्टर की पहली शादी करुणा से हुई थी। लेकिन, बेटी ज्योति को जन्म देते समय करुणा का निधन हो गया। करुणा का 1991 में निधन हो गया था, जो एक्टर के लिए एक बड़ा सदमा था। पहली पत्नी के निधन के बाद राजपाल यादव दूसरी शादी नहीं करना चाहते थे लेकिन राधा ने आकर उनकी जिंदगी बदल दी। आज के समय में राजपाल यादव और राधा की तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल होती हैं और इन्हें फैंस का खूब प्यार भी मिलता है।
दूसरी ओर, बात राजपाल से जुड़े इस मामले के बारे में करें तो, कोर्ट की कार्यवाही से पता चलता है कि राजपाल यादव के ख़िलाफ़ यह मामला उनकी डायरेक्टेड पहली फिल्म ‘अता-पता-लापता’ से जुड़ा है। साल 2010 में फ़िल्म बनाने के लिए उन्होंने मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी से करीब 5 करोड़ रुपये का कर्ज़ लिया था। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कामयाब नहीं रही और कथित तौर पर एक्टर को इससे काफी फाइनेंशियल लॉस भी हुआ। इसके बाद वो कंपनी से लिया गया कर्ज़ वापस नहीं कर पाए।
अब, इस मामले में कोर्ट ने कहा, ”अदालत इस नतीजे पर पहुंची है कि याचिकाकर्ता नंबर 1 (राजपाल यादव) का आचरण निंदनीय है। बार-बार आश्वासन देने और अदालत से रियायत मांगने के बावजूद उन्होंने समय-समय पर पारित आदेशों का पालन नहीं किया।कर्ज़ के भुगतान के लिए कंपनी को दिए गए कई चेक बाउंस हो गए, जिसके कारण उनके ख़िलाफ़ चेक बाउंस का मामला दर्ज किया गया।
तो, पहले निचली अदालत ने राजपाल यादव को दोषी ठहराते हुए छह महीने की जेल की सज़ा सुनाई थी। बाद में मामला दिल्ली हाई कोर्ट पहुंचा, जहां शुरुआती दौर में सज़ा पर रोक लगाई गई। हालांकि इसक लिए शर्त यह रखी गई कि वो शिकायतकर्ता कंपनी को बकाया राशि का भुगतान करेंगे। लेकिन, बार-बार दिए गए आश्वासनों के बावजूद राजपाल ने रकम नहीं चुकाई।
अब, इसी आधार पर हाई कोर्ट ने सख्त रुख़ अपनाते हुए सरेंडर का आदेश दिया, जिसके बाद गुरुवार को राजपाल यादव को तिहाड़ जेल जाना पड़ा था। उन्हें ये सजा ‘निगोशिएबल इंस्ट्रयूमेंट एक्ट 1881’ की धारा ‘138’ के उल्लंघन के आरोप में दी गई है। राजपाल यादव ने दिसंबर 2025 और जनवरी 2026 में अदालत के सामने राशि चुकाने का वादा किया, लेकिन वो ऐसा नहीं कर पाए। इसके बाद कोर्ट ने 4 फ़रवरी को सरेंडर करने का आदेश जारी किया।
वहीं, ऐसा पहली बार नहीं है कि, राजपाल को जेल में बंद होना पड़ा हो। इससे पहले, साल 2013 में झूठा हलफ़नामा दायर करने के एक मामले में राजपाल यादव को 3 दिसंबर से 6 दिसंबर तक तिहाड़ जेल भेजा गया था। गौरतलब है कि, हमारे देश में चेक बाउंस (अनादर) एक गंभीर कानूनी अपराध है, ये निगोशिएबल इंस्ट्रयूमेंट एक्ट 1881 की धारा 138 के तहत आता है। बैंक खाते में पैसे न होने या अन्य वजहों से चेक बाउंस होने पर, जारी कर्ता को 30 दिनों के भीतर कानूनी नोटिस भेजकर 15 दिनों में भुगतान की मांग की जा सकती है। भुगतान न होने पर, 2 साल तक की जेल या चेक राशि से दोगुनी तक का जुर्माना हो सकता है। बहरहाल, अब राजपाल की ये क़ानूनी लड़ाई कितनी लंबी खींचती है..? ये तो समय के साथ ही पता चलेगा।



