अजित पवार की मौत पर सनसनीखेज आरोप, काका की मौत पर उठाये गंभीर सवाल

जब से महाराष्ट्र के पूर्व उप मुख्यमंत्री अजित पवार की विमान हादसे में मौत हुई है तभी से इसको लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। उनकी मौत को लेकर लोगों का शक गहराता जा रहा है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: जब से महाराष्ट्र के पूर्व उप मुख्यमंत्री अजित पवार की विमान हादसे में मौत हुई है तभी से इसको लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। उनकी मौत को लेकर लोगों का शक गहराता जा रहा है। कई लोगों का मानना है कि ये सिर्फ एक हादसा नहीं बल्कि साजिश है।

वहीं अब पवार परिवार से भी कई आरोप लगाए जा रहे हैं। इस बीच अजित पवार के भतीजे रोहित पवार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए विमान हादसे को लेकर कई सनसनीखेज खुलासे करते हुए अहम सवाल उठायें हैं। उन्होंने इसको लेकर डीजीसीए तक भी गंभीर आरोप लगा दिये हैं। इसके साथ ही रोहित ने VSR कंपनी, ARROW हैंडलर, पायलट सुमित कपूर और यहां तक कि मेंटेनेंस से जुड़े लोगों पर शक जताया है। इस बीच, अजित गुट के एनसीपी के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल का नाम भी MRO कंपनी को लेकर चर्चा में आ गया है। तो अजित पवार के भतीजे ने विमान हादसे को लेकर क्या खुलासे किए हैं और अब किस पर शक की सुई आ कर अटक गई है,

बारामती में हुए इस विमान हादसे ने महाराष्ट्र की राजनीति को झकझोर कर रख दिया है। शरद पवार गुट के विधायक और अजित पवार के भतीजे रोहित पवार ने मुंबई में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कई ऐसे सवाल उठाए, जिनसे सियासी हलकों में हलचल तेज हो गई है। रोहित पवार ने साफ कहा कि यह सिर्फ एक पारिवारिक दुख नहीं है बल्कि राज्य के एक बड़े नेता की मौत है, इसलिए हर सवाल का जवाब मिलना जरूरी है। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी शंकाओं का समाधान नहीं होगा, वह यह मुद्दा उठाते रहेंगे। रोहित पवार ने सबसे पहले विमान की मालिक कंपनी VSR पर निशाना साधा। उन्होंने पूछा कि क्या विमान का नियमित मेंटेनेंस हुआ था। टेक लॉग अब तक सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया। एयरवर्दी रिपोर्ट क्यों छुपाई जा रही है। क्या क्रैश से पहले ट्रांसपोंडर बंद किया गया था।

उन्होंने यह भी कहा कि साल 2023 में VSR के एक और विमान का हादसा हुआ था, लेकिन उसकी अंतिम रिपोर्ट अब तक सामने नहीं आई। उन्होंने आशंका जताई कि कहीं डीजीसीए पर दबाव तो नहीं है और जांच पारदर्शी तरीके से क्यों नहीं हो रही। उड़ान से जुड़े तकनीकी पहलुओं पर भी रोहित ने गंभीर सवाल खड़े किए। बारामती से शामशाबाद जाने वाली इस फ्लाइट ने लगभग 3000 मीटर विजिबिलिटी में टेक ऑफ किया। जबकि डीजीसीए के नियमों के मुताबिक 5000 मीटर से कम विजिबिलिटी में टेक ऑफ नहीं होना चाहिए। इसके बावजूद विमान ने उड़ान भरी। बाद में गो अराउंड किया गया, जबकि रोहित का दावा है कि तकनीकी रूप से इसकी अनुमति नहीं थी। उन्होंने पूछा कि जब पुणे बैकअप एयरपोर्ट था तो विमान वहां क्यों नहीं गया। किसके निर्देश पर यह निर्णय लिया गया।

इस प्रेस कांफ्रेंस के दौरान रोहित पवार ने अजित पवार की निजी आदतों में आए बदलाव का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ दिनों से अजित पवार ने प्लास्टिक की बोतलों का इस्तेमाल बंद कर दिया था और कांच की बोतल से पानी पीने लगे थे। वह बोतल हमेशा उनके भरोसेमंद सुरक्षा गार्ड के पास रहती थी। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या उन्हें किसी बात का अंदेशा था। अचानक सड़क मार्ग से यात्रा रद्द कर विमान से जाने का फैसला क्यों लिया गया। उन्होंने बताया कि 27 जनवरी को अजित पवार का कार्यक्रम बदला गया। उनके बंगले के बाहर बारामती जाने के लिए काफिला तैयार था। सड़क मार्ग से यात्रा की पूरी तैयारी थी। लेकिन एक वरिष्ठ नेता उनसे मिलने आने वाले थे जो देर से पहुंचे।

इसी वजह से सड़क मार्ग की योजना रद्द हुई और फ्लाइट बुक करनी पड़ी। रोहित का दावा है कि फ्लाइट की योजना पहले से बन रही थी, भले अंतिम फैसला बाद में लिया गया।उन्होंने दावा किया कि अजित पवार को विदर्भ से जुड़ी एक फाइल पर हस्ताक्षर करने थे। वह मंत्रालय में थे और फाइल साइन करने में देर हो गई। इस कारण रवाना होने में देरी हुई। विमान का निर्धारित समय सुबह 7 बजे था, लेकिन टेक ऑफ सुबह 8 बजकर 10 मिनट पर हुआ। यह देरी क्यों हुई और कौन जिम्मेदार था। रोहित ने यह भी याद दिलाया कि पहले कम विजिबिलिटी की स्थिति में अजित पवार ने दो इंजन वाला हेलीकॉप्टर उपलब्ध होने के बावजूद हवाई यात्रा टाल दी थी और सड़क मार्ग से गए थे। ऐसे में इस बार कम विजिबिलिटी के बावजूद उड़ान क्यों भरी गई।

पायलटों की नियुक्ति को लेकर भी सवाल उठे। रोहित के मुताबिक एक ईमेल में कैप्टन साहिल मदान और कैप्टन यश को इस फ्लाइट के लिए तैनात किया गया था। लेकिन आखिरी समय में बदलाव हुआ। सोशल मीडिया पर सुमित कपूर के नाम से जो फोटो वायरल हुई, वह दरअसल साहिल मदान की बताई गई। उनकी पत्नी ने भी इस पर टिप्पणी की। सुबह 7 बजकर 2 मिनट पर एक अधिकारी का संदेश आया कि सभी क्रू पहुंच चुके हैं। तो फिर पहले असाइन किए गए पायलट वहां क्यों नहीं थे। क्या वे ट्रैफिक में फंसे थे। क्या डीजीसीए के पास उनका कॉल डिटेल रिकॉर्ड है। वे एयरपोर्ट के पास रहते थे या दूर।

मेंटेनेंस के मुद्दे पर रोहित ने लियरजेट विमानों की एमआरओ व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि देश में एमआरओ सेवाएं देने वाली केवल दो कंपनियां हैं। एक दिल्ली में और दूसरी मुंबई में। रोहित के अनुसार मुंबई की कंपनी का संबंध प्रफुल्ल पटेल से बताया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि VSR की अपनी इन हाउस मेंटेनेंस यूनिट है। क्या मेंटेनेंस में कोई चूक हुई। हालांकि उन्होंने कहा कि वे सीधे किसी नेता पर आरोप नहीं लगा रहे, बल्कि VSR, ARROW और पायलट की भूमिका की निष्पक्ष जांच चाहते हैं। रोहित पवार ने यह भी कहा कि यह सिर्फ हादसा था या साजिश, इसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने एक किताब का हवाला दिया जो मोसाद पर आधारित है। उसमें लिखा है कि कभी कभी सबसे प्रभावी तरीका ड्राइवर को खत्म करना होता है। उन्होंने कहा कि कुछ घटनाओं को महज संयोग नहीं कहा जा सकता।

महाराष्ट्र की राजनीति में पवार परिवार का दबदबा लंबे समय से रहा है। अजित पवार, शरद पवार के भाई अनंतराव पवार के बेटे थे। रोहित पवार, राजेंद्र पवार के बेटे हैं जो अप्पासाहेब पवार के पुत्र हैं। इस तरह अजित, रोहित के चाचा थे और रोहित, शरद पवार के ग्रैंडनेफ्यू हैं। एनसीपी में दो फाड़ के बाद रोहित शरद पवार खेमे के साथ खड़े रहे। वो 2019 में कारजात जमखेड़ से विधायक बने और अजित गुट के खिलाफ मुखर रहे हैं। अब इस पूरे मामले में ठाकरे गुट के सांसद संजय राऊत भी रोहित के समर्थन में आ गए हैं। उन्होंने स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि इतने बड़े नेता की मौत को सिर्फ हादसा कहकर नहीं छोड़ा जा सकता।

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