सरमा असम के सबसे असफल सीएम

  • गौरव गोगोई ने कहा- सरमा सरकार जानबूझकर एफआईआर की संख्या कम कर रही है

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
गुवाहाटी। असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को राज्य का सबसे असफल सीएम बताते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। सरमा सरकार जानबूझकर एफआईआर की संख्या कम कर रही है ताकि अपराध नियंत्रण का झूठा दावा किया जा सके, जिससे आम जनता, विशेषकर महिलाओं को न्याय से वंचित किया जा रहा है। एपीसीसी के अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री सरमा को राज्य का सबसे असफल मुख्यमंत्री और गृह मंत्री बताया।
गोगोई ने आरोप लगाया कि जब कोई महिला पुलिस स्टेशन जाती है, तो असम पुलिस उसकी शिकायत या एफआईआर दर्ज नहीं करती। कुछ दिन पहले, घोषणापत्र समिति के रूप में, हमने विभिन्न जिलों और आम जनता से पूछा था, और वकीलों के संगठनों ने हमें बताया था कि जहां पहले 3000-4000 एफआईआर दर्ज होती थीं, अब केवल 300-400 ही दर्ज हो रही हैं। गोगोई ने आगे आरोप लगाया कि महिलाओं के खिलाफ अपराध और नशीली दवाओं से संबंधित अपराध बढ़ गए हैं, लेकिन मामले औपचारिक रूप से दर्ज नहीं किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा क्यों हो रहा है? मुख्यमंत्री केवल एफआईआर की संख्या कम करके यह दिखाना चाहते हैं कि अपराध कम हो गया है। स्थानीय लोग, विशेषकर महिलाएं, न्याय से वंचित हो रही हैं। अपने हमले को और तेज़ करते हुए, कांग्रेस नेता ने मुख्यमंत्री पर कानूनी कार्रवाई के ज़रिए आलोचकों को चुप कराने की कोशिश करने का आरोप लगाया। गोगोई ने कहा कि क्या वह राजनेता नहीं हैं?

कानूनी के बजाय राजनीतिक लड़ाई को प्राथमिकता

उन्होंने कहा कि वह कानूनी लड़ाई के बजाय राजनीतिक लड़ाई को प्राथमिकता देते हैं। अगर मुख्यमंत्री में राजनेता के तौर पर हिम्मत है, तो हमसे सीधे मुकाबला कीजिए। मुझ पर पाकिस्तान से संबंध जोडऩे के आरोपों पर हम भी मुकदमा कर सकते हैं, लेकिन मैं ऐसा नहीं करना चाहता। मैं एक राजनेता हूं, और मुझे जनता की अंतरात्मा पर भरोसा है। मैं उनसे राजनीतिक रूप से, सडक़ पर, लडऩा चाहता हूं, अदालत में नहीं। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि असम की जनता सच्चाई से वाकिफ है और मुख्यमंत्री पर राजनीतिक विरोध से डरने का आरोप लगाया।

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