जिम्बाब्वे ने ऑस्ट्रेलिया को 23 रनों से दी मात

- टी20 विश्वकप 2026 का पहला बड़ा उलटफेर, 170 चेज नहीं कर सके कंगारू
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
कोलंबो। टी20 विश्वकप 2026 का पहला बड़ा उलटफेर हो चुका है। जिम्बाब्वे ने ऑस्ट्रेलिया को 23 रन से हरा दिया है। यह मुकाबला कोलंबो के प्रेमदासा स्टेडियम में खेला गया। जिम्बाब्वे ने 20 ओवर में दो विकेट गंवाकर 169 रन बनाए। जवाब में ऑस्ट्रेलिया की पूरी पारी 19.3 ओवर में 146 रन पर सिमट गई। यह जिम्बाब्वे टीम की ऑस्ट्रेलिया पर टी20 में दूसरी जीत है। इससे पहले जिम्बाब्वे ने 2007 टी20 विश्वकप में ऑस्ट्रेलिया को पांच विकेट से हराया था। दोनों के बीच अब तक चार बार आमना-सामना हुआ है। इसमें से दो बार ऑस्ट्रेलियाई टीम और दो बार जिम्बाब्वे की टीम जीती है।
सिकंदर रजा की टीम का टी20 विश्वकप में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 100 प्रतिशत जीत का रिकॉर्ड है। यानी अब तक कंगारू जिम्बाब्वे की टीम को इस टूर्नामेंट में हरा नहीं पाए हैं। साथ ही ग्रूप-बी में भी सुपर-8 में पहुंचने की जंग दिलचस्प हो चली है। अब ऑस्ट्रेलिया पर सुपर-8 की दौड़ से बाहर होने का खतरा मंडरा रहा है। उसे अब अपने सभी मैच जीतने होंगे। एक हार उनकी उम्मीदों पर पानी फेर सकता है। फिलहाल ग्रूप-बी में श्रीलंका दो मैचों में दो जीत और चार अंक लेकर शीर्ष पर हैं। वहीं, जिम्बाब्वे के भी दो मैचों के बाद चार अंक हैं। ऑस्ट्रेलिया के दो मैचों के बाद दो अंक हैं। टीम तीसरे स्थान पर है। अब ऑस्ट्रेलिया को अगला मैच श्रीलंका से खेलना है और अगर हारे तो बाहर हो जाएंगे। ऑस्ट्रेलिया को अब मनाना है कि जिम्बाब्वे या श्रीलंका एक-एक मैच हारे और कंगारू अपने बाकी सभी मैच बड़े अंतर से जीतें।
चिन्नास्वामी स्टेडियम में द्रविड़-कुंबले के नाम पर होगा स्टैंड
बंगलूरू। वेंकटेश प्रसाद के नेतृत्व वाले केएससीए ने बंगलूरू के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में भारत के दिग्गज खिलाड़ी अनिल कुंबले और राहुल द्रविड़ के नाम पर स्टैंड रखने का फैसला किया है। कुंबले टेस्ट और वनडे में भारत के लिए सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं, जबकि सचिन तेंदुलकर के बाद टेस्ट में भारत के लिए सबसे ज्यादा रन द्रविड़ ने बनाए हैं। दोनों ही खिलाड़ी भारत के कप्तान रहे हैं। इसके साथ ही द्रविड़ और कुंबले टीम के मुख्य कोच भी रह चुके हैं। कुंबले ने कहा, मुझे नहीं लगता कि यह कहना गलत होगा कि हम सभी के योगदान ने कर्नाटक क्रिकेट को वह मुकाम दिलाया है, ठीक उसी तरह जैसे कर्नाटक क्रिकेट ने हम सभी को बनाया है। वहीं, द्रविड़ ने कहा, चिन्नास्वामी स्टेडियम मेरे लिए दूसरा घर जैसा है और जैसा कि कुबंले ने कहा कि यह वो स्थान है जहां हमने अपने घर से भी ज्यादा समय बिताया है। यह ऐसी जगह है जहां हमें कई खुशियां मिली और कुछ मौकों पर निराशा भी हाथ लगी, लेकिन आज मैं जो कुछ भी हूं इसी स्थान के कारण हूं।



