तमिलनाडु के अंतरिम बजट पर बवाल

  • एआईएडीएमके व भाजपा ने साधा डीएमके सरकार पर निशाना
  • विपक्ष बोला- द्रविड़ मॉडल नहीं धोखेबाज मॉडल

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
चेन्न्ई। तमिलनाडु के अंतरिम बजट पर पूरे राज्य में बवाल मच गया है। विपक्ष ने डीएमके सरकार पर सवाल उठाए हैं। आईएडीएमके नेता पलानीस्वामी ने तमिलनाडु के अंतरिम बजट की आलोचना करते हुए डीएमके के द्रविड़ मॉडल को धोखेबाज मॉडल बताया है। उन्होंने बजट को ठोस आधार के बिना सिर्फ शब्दों का दिखावा करार दिया, जिससे राज्य की वित्तीय स्थिति पर सवाल उठते हैं। एआईएडीएमके के महासचिव एडप्पाडी के पलानीस्वामी ने मंगलवार को अंतरिम बजट को लेकर मौजूदा डीएमके सरकार की कड़ी आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि तथाकथित द्रविड़ मॉडल एक धोखाधड़ी मॉडल में तब्दील हो गया है और इसने तमिलनाडु की जनता को परेशान किया है।
आईएडीएमके नेता पलानीस्वामी ने कहा कि पिछले वर्षों की तरह, इस बजट में भी कोई ठोस आधार नहीं है और यह महज एक दिखावटी भाषण है।

सीएम का बजट पर भाषण शब्दों के छल से भरा था : पलानीस्वामी

पलानीस्वामी ने कहा कि डीएमके सरकार, जिसने पिछले पांच वर्षों से तमिलनाडु की जनता को तथाकथित द्रविड़ मॉडल से परेशान किया है, जो एक दिखावटी मॉडल साबित हुआ है, ने विधानसभा में अपना अंतिम बजट पेश किया है। पिछले वर्षों की तरह, इस वर्ष का अंतरिम वित्तीय विवरण भी ठोस आधार के बिना, शब्दों के छल से भरा एक दिखावटी भाषण मात्र है। डीएमके सांसदों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए एआईएडीएमके नेता ने बताया कि जहां 2025-26 के लिए राज्य का अपना कर राजस्व 2.58 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान था, वहीं संशोधित अनुमानों के अनुसार यह घटकर 2.32 लाख करोड़ रुपये रह गया है, जिससे लगभग 26,000 करोड़ रुपये की कमी आई है। उन्होंने यह भी दावा किया कि केंद्रीय कर राजस्व में तमिलनाडु का हिस्सा लगभग 7,000 करोड़ रुपये कम हो गया है।

विपक्ष ने राजकोषीय घाटे को लेकर सरकार को घेरा

पलानीस्वामी ने कहा कि 2025-26 के वित्तीय विवरण में राज्य का अपना कर राजस्व 2.58 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान था। हालांकि अनुमानों के अनुसार, यह घटकर 2.32 लाख करोड़ रुपये रह गया है, जिससे लगभग 26,000 करोड़ रुपये की कमी आई है। केंद्रीय कर राजस्व में राज्य का हिस्सा भी लगभग 7,000 करोड़ रुपये कम हो गया है। विपक्ष के नेता ने बढ़ते राजकोषीय घाटे को लेकर राज्य सरकार की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि 2025-26 के लिए राजकोषीय घाटा 1.08 लाख करोड़ रुपये अनुमानित था, लेकिन अब यह बढक़र 1.24 लाख करोड़ रुपये हो गया है, यानी लगभग 16,000 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है। पलानीस्वामी ने कहा कि 2025-26 के लिए राजकोषीय घाटा 1.08 लाख करोड़ रुपये अनुमानित था, लेकिन संशोधित अनुमान के अनुसार यह बढक़र 1.24 लाख करोड़ रुपये हो गया है, यानी लगभग 16,000 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है। 2026-27 के अंतरिम बजट में राजकोषीय घाटा 1.22 लाख करोड़ रुपये बताया गया है। और संशोधित अनुमानों में इसके और बढऩे की संभावना है।

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