लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कटियार का बयान, कहा- ऑपरेशन सिंदूर 2.0 पहले से ज्यादा खतरनाक होगा

LG मनोज कटियार ने ऑपरेशन सिंदूर 2.0 पर चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सिंदूर 2.0 होता है तो वह पहले से ज्यादा सख्त होगा.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: LG मनोज कटियार ने ऑपरेशन सिंदूर 2.0 पर चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सिंदूर 2.0 होता है तो वह पहले से ज्यादा सख्त होगा.

कार्रवाई की गहराई और तीव्रता उस समय की रणनीति पर निर्भर करेगी. ड्रोन इस हमारी रणनीति का अहम हिस्सा होंगे.

भारत बढ़ती वैश्विक चुनौती को देखते हुए लगातार सजग है. वह अपनी सीमा की सुरक्षा को लेकर भी अलर्ट रहता है. ऐसे में युद्ध के मैदान में दुश्मन को करारा जवाब देने की भारतीय सेना की तैयारी कैसी है, इसकी झलक हाल ही में पठानकोट कैंट में आयोजित ऑपरेशन सिंदूर के प्रदर्शन के दौरान देखने को मिली. इस प्रदर्शन के जरिए सेना ने अत्याधुनिक हथियारों, मिसाइल सिस्टम और एयर डिफेंस की ताकत को विस्तार से दिखाया. वेस्टर्न कमांड के लेफ्टिनेंट जनरल ने भी कहा कि भारत किसी के दबाव में नहीं आने वाला है और अगर ऑपरेशन सिंदूर 2.0 हुआ तो यह पहले से ज्यादा खतरनाक होगा.

वहीं पाकिस्तान की ओर से परमाणु हमले की धमकी को लेकर वेस्टर्न कमांड के लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कटियार का कहना है कि पाकिस्तान की ओर परमाणु धमकी के जरिए सिर्फ दबाव बनाने की कोशिश की गई, यह एक तरह का ब्लफ है, और इसका मकसद भारत को कार्रवाई से रोकना था. लेकिन भारत ऐसे किसी भी दबाव में आने वाला नहीं है.

आतंकी ठिकानों को निशाना बनायाः LG कटियार

उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर की कामयाबी को लेकर कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारत ने पाकिस्तान में मौजूद कई आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया. जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान ने हमला हम पर किया, जिसके बाद भारत ने उनके एयरबेस और सैन्य ठिकानों को नुकसान पहुंचाया. करीब 88 घंटे चले संघर्ष के बाद पाकिस्तान ने डीजीएमओ स्तर पर सीजफायर की अपील की. 7 मई को भारत की ओर से बातचीत का प्रस्ताव दिया गया था, जिसे पहले पाकिस्तान ने ठुकराया था.

मनोज कटियार ने ऑपरेशन सिंदूर 2.0 पर चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सिंदूर 2.0 होता है तो वह पहले से ज्यादा सख्त होगा. कार्रवाई की गहराई और तीव्रता उस समय की रणनीति पर निर्भर करेगी. ड्रोन इस हमारी रणनीति का अहम हिस्सा होंगे. पश्चिमी कमान में ड्रोन निर्माण और तकनीकी तैयारी पर विशेष काम किया जा रहा है. जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद की स्थिति पर उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के आंकड़े पहले से कम बताए गए हैं. पाकिस्तान की ओर से शांति भंग करने की कोशिश की जाती रही है. उन्होंने साफ संदेश दिया कि आतंकियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.

ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम की मारक क्षमता

पठानकोट में प्रदर्शनी के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा में रहा ब्रह्मोस मिसाइल. यह सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल जमीन से जमीन पर सटीक वार करने में सक्षम है. सेना ने बताया कि इसी बेजोड़ और सटीक क्षमता के दम पर दुश्मन के कई एयरबेस और सामरिक ठिकानों को बेहद कम समय में ही निशाना बनाया जा सकता है. इसकी रफ्तार, सटीकता और कम ऊंचाई पर उड़ान भरने की क्षमता को देखते हुए इसे रोक पाना बेहद मुश्किल बनाती है.

आकाश एयर डिफेंस सिस्टम

हवाई खतरों से निपटने के लिए आकाश मिसाइल सिस्टम की अहम भूमिका रही है. यह सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली है, जिसने दुश्मन की ओर से दागी गई मिसाइलों और ड्रोन को हवा में ही नष्ट करने की क्षमता दिखाई. भारतीय सेना के अनुसार, इस सिस्टम की सबसे बड़ी ताकत किसी भी लक्ष्य को अपने ठिकानों तक पहुंचने से पहले इंटरसेप्ट कर लेना है.

ड्रोन और मॉडर्न वॉरफेयर का जवाब

आधुनिक युद्ध में ड्रोन बड़ा खतरा बन चुके हैं. प्रदर्शन के दौरान यह भी दिखाया गया कि यदि दुश्मन ड्रोन के जरिए सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश करता है, तो मल्टी लेयर एयर डिफेंस सिस्टम, रडार नेटवर्क और त्वरित प्रतिक्रिया यूनिट किस तरह उन्हें ट्रैक कर निष्क्रिय कर देती हैं. इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम के जरिए ड्रोन की कम्युनिकेशन लिंक को जाम करने की तकनीक भी दिखाई गई.

रुद्र ब्रिगेड और भैरव बटालियन

हाल ही में सेना के बेड़े में शामिल रुद्र ब्रिगेड और भैरव बटालियन की विशेष क्षमता भी प्रदर्शित की गई. इन यूनिट्स को तेज, सटीक और उच्च जोखिम वाले अभियानों के लिए तैयार किया गया है. आधुनिक हथियारों, नाइट विजन सिस्टम और एडवांस कम्युनिकेशन से लैस ये यूनिट्स किसी भी चुनौतीपूर्ण परिस्थिति में तुरंत कार्रवाई करने में सक्षम हैं.

एकीकृत युद्ध क्षमता का प्रदर्शन

इस खास प्रदर्शन का मकसद साफ था. थल, वायु और तकनीकी क्षमताओं के तालमेल से भारतीय सेना किसी भी पारंपरिक या हाइब्रिड खतरे का जवाब देने के लिए तैयार है. मिसाइल से लेकर ड्रोन डिफेंस और स्पेशल फोर्स ऑपरेशन तक, हर स्तर पर समन्वित रणनीति ही असली ताकत है.

कुल मिलाकर, ऑपरेशन सिंदूर के जरिए सेना ने यह संदेश दिया कि आधुनिक युद्ध के हर मोर्चे पर भारत की तैयारी मजबूत है और किसी भी चुनौती का जवाब देने की क्षमता रखती है.

Related Articles

Back to top button