होर्मुज संकट बेअसर? भारत को मिल सकता है नया आर्थिक मौका
OPEC में आई दरार का सीधा फायदा भारत को होगा. इसके कारण होर्मुज के बंद होने का भी कोई खास असर नहीं पड़ेगा.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: OPEC में आई दरार का सीधा फायदा भारत को होगा. इसके कारण होर्मुज के बंद होने का भी कोई खास असर नहीं पड़ेगा.
होर्मुज के बंद रहने के बावजूद अप्रैल में भारत की तेल आपूर्ति 44 लाख बैरल प्रतिदिन रही है, जो औसत आपूर्ति से सिर्फ 4 लाख 40 हजार बैरल कम है. OPEC में आई इस टूट से इस कमी की भरपाई हो सकती है.
होर्मुज संकट के बीच पेट्रोलियम निर्यातक देशों के बीच बढ़ती फूट से भारत को बड़ा फायदा हो सकता है. संयुक्त अरब अमीरात के OPEC और OPEC+ से बाहर निकलने के बाद तेल आपूर्ति के वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, जिसका सीधा लाभ भारत जैसे देशों को मिल सकता है. ईरान युद्ध के दौरान होर्मुज़ जलडमरूमध्य के बंद होने से भारत की तेल आपूर्ति में कुछ कमी आई थी. अब OPEC में आई इस दरार से उस कमी की भरपाई होने की उम्मीद जताई जा रही है.
होर्मुज के बंद होने से भारत को औसतन 4,80,000 बैरल प्रतिदिन तेल की आपूर्ति कम हो रही है. इराक जैसे देशों से भारत की सप्लाई लगभग पूरी तरह ठप है. ऐसे में OPEC की यह दरार भारत के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है.
भारत की तेल सप्लाई में कोई बाधा नहीं, 3 डेटा
1. होर्मुज के बिना सऊदी ने 1 अप्रैल से 26 अप्रैल 2026 तक भारत को 6 लाख 97 हजार बैरल प्रतिदिन तेल की आपूर्ति की है. यह 2025-26 के औसत 6 लाख 68 हजार बैरल प्रतिदिन से काफी ज्यादा है. सऊदी ने लाल सागर के रास्ते भारत को तेल बेचा है. क्योंकि, होर्मुज पूरी तरह ब्लॉक है. इसी तरह यूएई ने इस दौरान 6 लाख 19 हजार बैरल तेल प्रतिदिन सप्लाई किया.
यह 2025-26 के औसत 4 लाख 30 बैरल प्रतिदिन से काफी ज्यादा है. यूएई फुजेराह के जरिए तेल सप्लाई कर रहा है. होर्मुज के बंद होने से सिर्फ इराक से भारत की तेल सप्लाई नहीं हो पा रही है. इराक आम दिनों में औसतन 8 लाख बैरल प्रतिदिन तेल भारत को देता था. अब यह पूरी तरह से बंद है.
संख्या 1000 बीपीडी के हिसाब से है.
2. होर्मुज संकट के बावजूद अप्रैल महीने में भारत को औसतन 44 लाख बैरल प्रतिदिन तेल मिला है. यह 2025-26 के औसत 48 लाख बैरल प्रतिदिन से कम है. यानी भारत की तेल सप्लाई पर होर्मुज ब्लॉक का बड़ा असर नहीं देखने को मिल रहा है. वहीं अब ओपेक में टूट के बाद भारत की सप्लाई बढ़ सकती है. क्योंकि, यूएई अब स्वतंत्र रूप से तेल उत्पादन और बेच सकेगा. यूएई और भारत के संबंध काफी बेहतरीन हैं.
हाल ही में सीजफायर की घोषणा के बाद भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने यूएई का दौरा किया था. जंग के दौरान भी यूएई ने तेल की आपूर्ति बढ़ा दी थी.
3. भारत ने ओमान से तेल की सप्लाई बढ़ा दी है. 2025-26 में ओमान से सिर्फ 18 हजार बैरल प्रतिदिन तेल खरीदा जा रहा था. अब यह नंबर 1 लाख को पार कर गया है. इसी तरह वेनेजुएला से भी तेल खरीदी में बढ़ोतरी हुई है. वेनेजुएला से पहले भारत 10 हजार बैरल प्रतिदिन तेल खरीद रहा था. अब यह 2 लाख 58 हजार बैरल प्रतिदिन हो गया है.
अभी अनिश्चितकाल तक बंद रहेगा होर्मुज
वॉल स्ट्रीट जर्नल ने व्हाइट हाउस के सूत्रों के हवाले से एक रिपोर्ट की है. इस रिपोर्ट में कहा गया है कि होर्मुज अभी बंद ही रहेगा. राष्ट्रपति ट्रंप ने पेंटागन के अधिकारियों से होर्मुज के आउटर को और ज्यादा मजबूती के साथ ब्लॉक करने के लिए कहा है. अमेरिका का कहना है कि यह कदम ईरान को बैकफुट पर लाने के लिए उठाया गया है.
दूसरी तरफ ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत पर पेच फंसा हुआ है. ईरान की नई शर्तों को भी अमेरिका ने नहीं माना है. होर्मुज से पूरी दुनिया की 20 प्रतिशत तेल सप्लाई होती है.



