शराब नीति केस में केजरीवाल–सिसोदिया बरी | ‘गुजरात लॉबी’ पर साजिश का आरोप  

दिल्ली की कथित शराब नीति मामले में बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है... अदालत के फैसले के बाद अरविंद केजरीवाल...   

4पीएम न्यूज नेटवर्कः दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने शुक्रवार.. 27 फरवरी को दिल्ली आबकारी नीति 2021-22 से जुड़े भ्रष्टाचार के कथित मामले में आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक.. और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया.. और अन्य 21 आरोपियों को सभी आरोपों से पूरी तरह बरी कर दिया.. स्पेशल सीबीआई जज जितेंद्र सिंह ने 598 पन्नों के विस्तृत आदेश में कहा कि सीबीआई की चार्जशीट में आरोपों को साबित करने लायक कोई ठोस सबूत नहीं है.. कोर्ट ने साफ कहा कि कोई समग्र साजिश या आपराधिक मंशा नहीं थी.. और आरोप मुकदमा चलाने लायक भी नहीं हैं.. इस फैसले के बाद केजरीवाल ने आप मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस की.. और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा हमला बोला.. उन्होंने इसे आजाद भारत का सबसे बड़ा राजनीतिक षड्यंत्र बताया..

आपको बता दें कि कोर्ट के फैसले ने पूरे देश में हलचल मचा दी है.. यह फैसला सिर्फ केजरीवाल और सिसोदिया की राहत नहीं.. बल्कि आप पार्टी के लिए बड़ी जीत माना जा रहा है.. कोर्ट ने सीबीआई की जांच को पूर्व-नियोजित और कोरियोग्राफ्ड व्यायाम बताया.. और जांच अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की सिफारिश की.. सीबीआई ने तुरंत दिल्ली हाई कोर्ट में अपील दायर कर दी है.. लेकिन फिलहाल आरोपियों को क्लीन चिट मिल गई है..

प्रेस कॉन्फ्रेंस में केजरीवाल भावुक हो गए.. उन्होंने कहा कि शराब घोटाला आम आदमी पार्टी को खत्म करने के लिए आजाद भारत का सबसे बड़ा राजनीतिक षड्यंत्र था.. मैंने जीवन में केवल ईमानदारी कमाई है.. और आज कोर्ट ने भी कह दिया कि केजरीवाल कट्टर ईमानदार है.. उन्होंने मोदी और शाह पर आरोप लगाया कि दिल्ली की सत्ता हासिल करने के लिए उन्होंने यह साजिश रची.. उन्हें देश से माफी मांगनी चाहिए.. कोर्ट ने केस चलाने योग्य भी नहीं माना..

केजरीवाल ने बताया कि भाजपा ने पिछले चार साल से शराब घोटाला शब्द का इस्तेमाल करके आप को बदनाम किया.. ईडी, सीबीआई और सभी एजेंसियों का दुरुपयोग किया गया.. चार्जशीट फाइल की गई.. लेकिन कोर्ट ने 600 पन्नों के आदेश में सारे सबूत और गवाहों के बयान देखने के बाद कहा कि मुकदमा चलाने लायक भी सामग्री नहीं है.. अगर मुकदमा चलता तो 15-20 साल लगते.. लेकिन कोर्ट ने कहा कि यह इतना टुच्चा, फर्जी और बेकार केस है कि मुकदमा भी नहीं चल सकता.. यह ऐतिहासिक आदेश है..

आपको बता दे कि उन्होंने आगे कहा कि यह पूरा षड्यंत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी.. और अमित शाह ने मिलकर रचा.. आज उन दोनों को पूरे देश से माफी मांगनी चाहिए.. केजरीवाल ने दावा किया कि भाजपा दिल्ली में आप को चुनाव में नहीं हरा सकती थी.. इसलिए ईमानदारी पर हमला किया.. जनता जानती है कि केजरीवाल ईमानदार है.. इसलिए उन्होंने मेरी ईमानदारी पर चोट की.. उन्होंने झूठ फैलाया कि केजरीवाल ने शराब घोटाला किया.. 100 करोड़ खा लिए..

केजरीवाल ने अपनी जिंदगी का जिक्र करते हुए कहा कि मैंने जिंदगी में एक नया पैसा नहीं कमाया.. केवल ईमानदारी और इज्जत कमाई है.. उन्होंने कहा कि कोर्ट के आदेश से साबित हो गया कि पूरी आप पार्टी कट्टर ईमानदार है.. यह हम नहीं कह रहे, कोर्ट ने कहा है.. वहीं एक भावुक मोमेंट में केजरीवाल ने कहा कि मोदी के पास अब उनसे निपटने का एक ही तरीका बचा है.. केजरीवाल का कत्ल करवाना.. लेकिन उन्होंने कहा कि दूसरा तरीका भी है.. अच्छे काम करना.. मैंने 500 स्कूल बनवाए, मोदी 5000 बनवाएं.. मैंने सड़कें ठीक कीं, मोदी पूरे देश की ठीक कर दें.. मोहल्ला क्लीनिक बनाए, मोदी 20 हजार बनाएं.. उन्होंने दिल्ली की मौजूदा हालत का जिक्र किया.. और कहा कि टूटी सड़कें, बंद क्लीनिक, बढ़ता प्रदूषण, यमुना का बुरा हाल है

केजरीवाल ने परिवारों का दर्द भी बताया.. मेरी मां बहुत बीमार हैं, मनीष सिसोदिया की पत्नी को मल्टीपल स्क्लेरोसिस है.. लेकिन उन्होंने कहा कि परिवार महत्वपूर्ण नहीं.. दिल्ली के 3 करोड़ लोग महत्वपूर्ण हैं.. जो भाजपा शासन में भुगत रहे हैं.. उन्होंने मोदी को चुनौती दी.. दिल्ली में दोबारा चुनाव कराओ.. अगर भाजपा को 10 से ज्यादा सीटें आईं तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा.. अंत में उन्होंने कहा कि जेल से बाहर आने के बाद चुप क्यों रहे.. क्योंकि मैं राजनेता नहीं हूं.. मुझे बेईमान कहने पर फर्क पड़ता है.. जब तक निर्दोष साबित नहीं होता, चुप रहूंगा.. आज बोझ उतर गया.. उन्होंने न्यायपालिका, वकीलों और पार्टी कार्यकर्ताओं का धन्यवाद किया..

कोर्ट ने अपने आदेश में साफ कहा कि कोई समग्र साजिश या आपराधिक मंशा नहीं थी.. नीति संवैधानिक चैनलों से बनी, एलजी के सुझाव शामिल किए गए.. कोई अचानक बदलाव नहीं था जो अपराध साबित करे.. सीबीआई ने जो सबूत दिए, उनमें आंतरिक विरोधाभास थे, गवाहों के बयान बिना पुष्टि के थे.. कोर्ट ने कहा कि आरोपियों पर गंभीर आरोप लगाने के लिए ठोस सामग्री चाहिए.. लेकिन यहां सिर्फ अटकलें और अनुमान थे.. अप्रूवर (माफी पाने वाले गवाह) के बयान बिना किसी स्वतंत्र पुष्टि के इस्तेमाल किए गए.. जो संवैधानिक सिद्धांतों का उल्लंघन है.. कोर्ट ने जांच अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की सिफारिश की क्योंकि बिना सबूत के आरोपी बनाया गया..

खास तौर पर केजरीवाल के खिलाफ सिर्फ एक गवाह का एक वाक्य था.. कोई प्रत्यक्ष लिंक नहीं.. सिसोदिया या अन्य पर भी कोई ठोस वित्तीय ट्रेल या रिकवरी नहीं.. कोर्ट ने कहा कि प्रॉसिक्यूशन केस जांच में नहीं टिकता.. पॉलिसी में कोई हेराफेरी नहीं पाई गई.. यह फैसला 27 फरवरी को सुबह सुनाया गया.. और तुरंत आप नेताओं ने जश्न मनाया.. दिल्ली आबकारी नीति 2021-22 नवंबर 2021 में लागू हुई.. इसमें लाइसेंस फीस बढ़ाई गई.. जोन सिस्टम लागू किया गया.. जुलाई 2022 में नीति रद्द कर दी गई.. सीएजी रिपोर्ट में अनियमितताओं का जिक्र हुआ.. अगस्त 2022 में सीबीआई ने एफआईआर दर्ज की.. आरोप था कि नीति कुछ शराब कार्टेल को फायदा पहुंचाने के लिए बदली गई.. बदले में आप को 100 करोड़ से ज्यादा रिश्वत मिली.. जो चुनाव खर्च में लगाई गई..

मनीष सिसोदिया फरवरी 2023 में गिरफ्तार हुए.. केजरीवाल को मार्च 2024 में ईडी ने गिरफ्तार किया.. कई बार समन टालने के बाद गिरफ्तारी हुई.. सुप्रीम कोर्ट ने जून 2024 में अंतरिम जमानत दी.. फिर सितंबर 2024 में नियमित जमानत मिल गई.. सीबीआई ने भी केस चलाया.. जिसमें कुल 23 आरोपी थे.. केजरीवाल, सिसोदिया, के. कविता समेत अन्य लोग शामिल थे.. ईडी का मनी लॉन्ड्रिंग केस अलग है.. लेकिन सीबीआई केस में आज क्लीन चिट मिली..

सीबीआई का दावा था कि पॉलिसी में बदलाव से कुछ कंपनियों को फायदा हुआ.. हवाला से पैसे ट्रांसफर हुए.. लेकिन कोर्ट ने पाया कि पक्की एंट्रियां ढीले कागजों पर थी.. बुक में दर्ज नहीं थी.. कोई कैश रिकवरी नहीं, तारीखें मेल नहीं खाती.. सबूत सिर्फ अटकलों पर टिके थे.. आप ने इसे मोदी सरकार के मुंह पर तमाचा बताया.. पार्टी ने कहा कि यह आप को खत्म करने की साजिश थी.. कांग्रेस पर भी आरोप लगाया कि उसने शुरुआत की.. और भाजपा को सौंप दिया.. आप ने मीडिया के एक वर्ग पर भी झूठी खबरें चलाने का आरोप लगाया..

 

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