रमजान में UAE सरकार का बड़ा फैसला | 9 जरूरी चीजों के दाम तय | सेंधमारी पर भारी जुर्माना
रमजान के पवित्र महीने में आम लोगों को राहत देने के लिए UAE सरकार ने बड़ा कदम उठाया है... सरकार ने 9 जरूरी खाद्य...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः संयुक्त अरब अमीरात में रहने वाले लाखों भारतीय प्रवासियों.. और स्थानीय नागरिकों के लिए रमजान का पवित्र महीना और भी खुशहाल हो गया है.. आपको बता दें कि 28 फरवरी 2026 को UAE की Ministry of Economy and Tourism ने एक बहुत बड़ा ऐलान किया है.. जिसमें सरकार ने साफ कहा कि रमजान के दौरान.. 9 जरूरी खाने-पीने की चीजों के दाम बिना लिखित अनुमति के नहीं बढ़ाए जा सकते है.. अगर कोई दुकानदार, सप्लायर या व्यापारी इन दामों में बिना वजह बढ़ोतरी करता है.. गलत जानकारी देता है या होर्डिंग जरूरत से ज्यादा सामान जमा करता है.. तो उसे पांच सौ दिरहम से लेकर एक लाख दिरहम यानी करीब बाइस लाख रुपये तक का भारी जुर्माना लग सकता है.. साथ ही सरकार ने लोगों से अपील की है कि घबराकर ज्यादा सामान न खरीदें.. और न जमा करें.. क्योंकि बाजार में सब कुछ भरपूर मात्रा में उपलब्ध है.. और कोई भी सामान की कमी नहीं है..
जानकारी के मुताबिक यह फैसला रमजान दो हजार छब्बीस और हिजरी चौदह सौ सैंतालीस से ठीक पहले लिया गया है.. जब खाने-पीने की चीजों की मांग बढ़ जाती है.. जानकारी के अनुसार इफ्तार और सहरी की तैयारी में लोग ज्यादा सामान खरीदते हैं.. इसलिए दाम बढ़ने का खतरा रहता है.. लेकिन UAE सरकार ने पहले से ही Pricing Policy for Essential Consumer Goods.. नाम की सख्त नीति बना रखी है.. जो दो हजार बाइस से लागू है.. और इस रमजान में और मजबूती से लागू की जा रही है.. MoET के मंत्री अब्दुल्ला बिन तौक अल मर्री ने मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि.. देश के रणनीतिक स्टॉक बहुत मजबूत हैं.. क्षेत्रीय तनाव के बावजूद आयात पूरी तरह सामान्य है.. और बाजार में स्थिरता बनी रहेगी.. सरकार ने जो नौ चीजें चुनी हैं.. वे हर घर की रोजमर्रा की जरूरत हैं.. इनके दाम बिना मंत्रालय की लिखित मंजूरी के नहीं बढ़ सकते हैं..
आपको बता दें कि रोजाना इस्तेमाल होने वाली नौ चीजों में खाना पकाने का तेल जिससे सब्जी, फ्राई, रोजाना खाना बनाने के लिए सबसे जरूरी है.. अंडे सस्ता प्रोटीन, नाश्ते और इफ्तार में इस्तेमाल किया जाता है.. डेयरी प्रोडक्ट्स में दूध, लबन, दही, चीज आदि जो हमेशा इस्तेमाल की जाने वाली चीज है.. चावल भारतीय परिवारों का मुख्य भोजन है.. जो बिरयानी, पुलाव के लिए इस्तेमाल किया जाता है.. चीनी का उपयोग चाय, शरबत, मिठाई और इफ्तार की जरूरत में इस्तेमाल किया जाता है.. मुर्गी का मांस रोजाना का प्रोटीन, सस्ता और पसंदीदा आहार है.. दालें और लेग्यूम्स मसूर, चना, राजमा, बीन्स आदि जो प्रोटीन और फाइबर का खजाना है. ब्रेड सुबह का नाश्ता या सहरी में इस्तेमाल किया जाने वाला जरूरी सामान है.. वहीं गेहूं का प्रयोग आटा बनाने के लिए है.. जो रोटी का मुख्य आधार है.. शामिल हैं..
आपको बता दें कि इन सभी पर सख्त निगरानी है.. अगर कोई व्यापारी इनमें से किसी का दाम बढ़ाता है.. तो तुरंत एक्शन होगा.. यह नीति सिर्फ इन 9 चीजों पर लागू है.. बाकी सामान बाजार के हिसाब से चलेंगे.. बता दें कि UAE सरकार हमेशा आम आदमी की भलाई को प्राथमिकता देती है.. रमजान में खर्च बढ़ता है.. इसलिए कीमतों को नियंत्रित करना जरूरी है.. जिसको लेकर मंत्री अब्दुल्ला बिन तौक अल मर्री ने कहा कि हमारे रणनीतिक भंडार सुरक्षित और भरपूर हैं.. बाजार में हर चीज उपलब्ध है.. लोग घबराकर स्टॉक न करें.. इससे बाजार बिगड़ सकता है.. पिछले साल भी ऐसी अपील की गई थी.. और बाजार पूरी तरह स्थिर रहा.. यह फैसला क्षेत्रीय भू-राजनीतिक स्थिति को देखते हुए और महत्वपूर्ण है.. लेकिन सरकार ने भरोसा दिलाया कि आयात बिना रुकावट चल रहा है.. और रोजाना स्टॉक की निगरानी हो रही है..
वहीं MoET ने साफ चेतावनी दी है कि कोई भी दुकानदार या सप्लायर इन 9 चीजों के दाम नहीं बढ़ा सकता है.. गलत तरीके से दाम बढ़ाना, गुमराह करना.. डेटा में छेड़छाड़ करना या दूसरे व्यापारियों से मिलकर सांठगांठ करना गंभीर अपराध है.. जिसके लिए 500 दिरहम का जुर्माना.. जो करीब ग्यारह हजार से शुरू होकर एक लाख दिरहम.. जो करीब बाइस लाख रूपये तक हो सकता है.. वहीं बार-बार गलती करने पर दुकान बंद भी की जा सकती है.. जानकारी के लिए आपको बता दें कि पिछले रमजान में सात हजार सात सौ दो उल्लंघन पाए गए थे.. जिनमें ज्यादातर को चेतावनी देकर सुलझाया गया.. इस बार डिजिटल सिस्टम से और सख्त निगरानी है..
आपको बता दें कि सरकार ने छ सौ सत्ताइस बड़े रिटेल स्टोर्स लुलु, कारफोर, स्पिनीज, यूनियन कोऑप आदि पर एडवांस्ड डिजिटल प्राइस मॉनिटरिंग सिस्टम लगा दिया है.. यह सिस्टम पूरे UAE में नब्बे फीसदी से ज्यादा जरूरी सामान की ट्रेड कवर करता है.. स्टोर्स को नियमित रूप से कीमतें अपलोड करनी पड़ती हैं.. सिस्टम खुद ही गड़बड़ी पकड़ लेता है.. आपको बता दें कि रमजान के पूरे महीने में चार सौ बीस इंस्पेक्शन टूर यानी जांच दौरे किए जाएंगे.. और हर दिन कई टीमें बाजार में घूमेंगी.. दुबई, अबू धाबी, शारजाह समेत सभी अमीरात में यह निगरानी होगी.. अगर आपको लगे कि कोई दुकान दाम बढ़ा रही है.. या गुमराह कर रही है तो चुप न रहें.. तुरंत इसकी शिकायत करें.. वहीं शिकायत करने के लिए MoET का टोल-फ्री नंबर 800-1222 है.. इस पर कॉल करके आसानी से शिकायत दर्ज करा सकते हैं..
वहीं लोग ऑनलाइन शिकायत भी moet.gov.ae वेबसाइट पर कर सकते हैं.. जिसके लिए आपको वेबसाइट की eServices सेक्शन में जाना होगा.. जिसके बाद शिकायत करने पर टीम तुरंत जांच करती है.. और एक्शन लेती है.. पिछले साल तीन सौ सतहत्तर शिकायतें आई थीं.. जिनमें तीस फीसदी का तुरंत समाधान हुआ.. कई बड़े स्टोर्स ने पहले से ही रमजान बास्केट शुरू कर दिए हैं.. इनमें नौ जरूरी चीजें समेत सैकड़ों सामान पर पचास फीसदी तक छूट है.. कुछ जगहों पर पैंसठ फीसदी तक डिस्काउंट मिल रहा है.. जानकारी के मुताबिक लुलु, कारफोर, अल माया, ग्रैंडियोस आदि ने हजारों प्रोडक्ट्स सस्ते कर दिए हैं.. और स्पेशल इफ्तार किट, सहरी बॉक्स और Buy 1 Get 1 ऑफर भी हैं..
जानकारी के लिए आपको बता दें कि UAE में सबसे ज्यादा भारतीय प्रवासी हैं.. लाखों लोग निर्माण, आईटी, हेल्थकेयर, रिटेल में काम करते हैं.. उनकी सैलरी सीमित होती है.. और परिवार का खर्च बड़ा होता है.. चावल, दाल, तेल, अंडे, चिकन रोजाना की जरूरत है.. इनके दाम स्थिर रहने से मासिक बजट दस से पंद्रह फीसदी बच सकता है.. जिससे इफ्तार की तैयारियां सस्ती पड़ेंगी.. जानकारी के अनुसार भारतीय स्टोर्स भी रमजान स्पेशल ऑफर दे रहे हैं..
जानकारी के अनुसार पिछले रमजान में भी यही नीति थी.. जिसके चलते बाजार स्थिर रहा.. और इस बार और बेहतर तैयारी की जा रही है.. जिससे डिजिटल सिस्टम, ज्यादा इंस्पेक्शन, सप्लायर्स से 26 मीटिंगे की गई है.. जिसको लेकर मंत्री ने कहा कि बाजार में सब कुछ उपलब्ध है.. और क्या-क्या खास इंतजाम किए गए हैं.. बता दें कि हर मॉल में स्पेशल रमजान सेक्शन है.. जकात अल फित्र की दरें पच्चीस से तीस दिरहम प्रति व्यक्ति घोषित कर दी गई है.. वहीं ऑनलाइन डिलीवरी पर छूट की सुविधा भी लागू है.. प्रोमोशंस पर भी पचास फीसदी से से ज्यादा छूट दी जा रही है.. जिसको लेकर सरकार का कहना है कि सभी चीजें पारदर्शी होनी चाहिए..



