नांदेड़ में चुनावी सरगरमी तेज, चैतर वसावा का डोर-टू-डोर कैंपेन
नांदेड़ विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सरगर्मी अपने चरम पर है... विधायक चैतर वसावा लगातार एक्टिव नजर आ रहे हैं... और डोर-टू-डोर...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः गुजरात नें निकाय चुनाव को लेकर सियासी सरगरमी जोरों पर है.. जिसको लेकर आप जोर-शोर से चुनाव प्रचार में जुटी है.. और आप नेता डोर-टू-डोर जाकर चुनाव प्रचार कर रहे हैं.. बता दें गुजरात में स्थानीय स्वशासन यानी निकाय चुनाव 26 अप्रैल को होने वाले हैं.. पूरे राज्य में 15 नगर निगम, 84 नगरपालिकाएं, 34 जिला पंचायतें.. और 260 तालुका पंचायतों की सीटों पर मतदान होगा.. इन चुनावों की तैयारियां हर जिले में जोरों पर हैं.. नर्मदा जिले के नांदेड़ विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सरगर्मी अपने चरम पर पहुंच गई है..
आम आदमी पार्टी के विधायक चैतर वसावा लगातार सक्रिय नजर आ रहे हैं.. वे डोर-टू-डोर अभियान के जरिए मतदाताओं तक सीधा संपर्क बना रहे हैं.. नर्मदा जिला अध्यक्ष निरंजन वसावा के साथ मिलकर वे गरुड़ेश्वर तालुका में तालुका.. और जिला पंचायत के उम्मीदवारों और कार्यकर्ताओं के साथ रणनीति बना रहे हैं.. यह अभियान पार्टी को स्थानीय स्तर पर मजबूत बनाने.. और जीत हासिल करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है..
नर्मदा जिला गुजरात के दक्षिणी भाग में स्थित आदिवासी बहुल क्षेत्र है.. यहां की मुख्य आबादी आदिवासी समुदाय की है.. जिले में पानी, सिंचाई, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य.. और रोजगार जैसी बुनियादी समस्याएं लंबे समय से चली आ रही हैं.. नांदेड़ विधानसभा क्षेत्र इस जिले का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है.. यहां स्थानीय स्वशासन चुनावों में तालुका पंचायत.. और जिला पंचायत की सीटें निर्णायक भूमिका निभाती हैं.. आम आदमी पार्टी इन चुनावों को बहुत गंभीरता से ले रही है.. पार्टी का फोकस ग्रामीण क्षेत्रों और आदिवासी वोट बैंक पर है.. चैतर वसावा और निरंजन वसावा जैसे नेता इसी क्षेत्र में पार्टी की जड़ें मजबूत कर रहे हैं..
चैतर वसावा नर्मदा जिले की डेडियापाड़ा विधानसभा सीट से AAP के विधायक हैं.. वे आदिवासी समुदाय से आते हैं.. और लंबे समय से आदिवासी अधिकारों और स्थानीय मुद्दों पर सक्रिय रहे हैं.. वे डोर-टू-डोर अभियान में व्यक्तिगत रूप से घर-घर जाकर मतदाताओं से मिल रहे हैं.. वे उनकी समस्याएं सुन रहे हैं, नोट कर रहे हैं.. और AAP की योजनाओं के बारे में बता रहे हैं.. चैतर वसावा का कहना है कि स्थानीय निकाय चुनाव आम आदमी की जिंदगी को सीधे प्रभावित करते हैं.. वहीं अगर सही प्रतिनिधि चुने गए तो पानी, सड़क.. और स्वास्थ्य जैसी समस्याओं का समाधान तेजी से हो सकता है.. वे कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहित कर रहे हैं कि हर वोटर तक पहुंचें और AAP की काम की राजनीति का संदेश दें..
नर्मदा जिला अध्यक्ष निरंजन वसावा भी इस अभियान में पूरी तरह सक्रिय हैं.. वे चैतर वसावा के साथ गरुड़ेश्वर तालुका में उम्मीदवारों.. और कार्यकर्ताओं की बैठकें कर रहे हैं.. बैठकों में जीत की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हो रही है.. निरंजन वसावा पार्टी संगठन को मजबूत करने पर फोकस कर रहे हैं.. वे कहते हैं कि नर्मदा जिले में AAP का आधार बढ़ रहा है.. आदिवासी भाई-बहन पुरानी पार्टियों से नाराज हैं.. और बदलाव चाहते हैं.. डोर-टू-डोर अभियान इसी बदलाव की नींव रख रहा है..
गरुड़ेश्वर तालुका नांदेड़ विधानसभा क्षेत्र का हिस्सा है.. यहां की आबादी मुख्य रूप से आदिवासी है और कृषि पर निर्भर है.. तालुका पंचायत की सीटों पर चुनाव स्थानीय विकास को प्रभावित करेंगे.. चैतर वसावा और निरंजन वसावा ने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए हैं.. कि वे हर गांव, मोहल्ले और घर तक पहुंचें.. अभियान में पर्चे बांटे जा रहे हैं.. स्थानीय मुद्दों पर चर्चा की जा रही है.. और वोट की अपील की जा रही है.. कार्यकर्ता उत्साहित हैं और कह रहे हैं कि जनता का समर्थन मिल रहा है..
आपको बता दें कि नर्मदा जिले में स्थानीय स्वशासन चुनावों की तैयारी तेज हो चुकी है.. AAP ने उम्मीदवारों की सूचियां जारी कर दी हैं.. पार्टी का फोकस भ्रष्टाचार-मुक्त स्थानीय शासन, बेहतर सुविधाएं और आदिवासी कल्याण पर है.. चैतर वसावा ने कहा कि पिछले कई सालों में क्षेत्र में विकास के नाम पर सिर्फ वादे हुए हैं.. अब AAP सच्चे काम करके दिखाएगी.. वे मतदाताओं से सीधा संवाद कर रहे हैं ताकि कोई गलतफहमी न रहे.. यह डोर-टू-डोर अभियान केवल प्रचार तक सीमित नहीं है.. इसमें रणनीति निर्माण भी शामिल है.. चैतर वसावा और निरंजन वसावा उम्मीदवारों को बताते हैं कि.. किन मुद्दों पर फोकस करना है.. जिसमें नर्मदा नदी से जुड़ी सिंचाई समस्याएं, आदिवासी अधिकार, शिक्षा की गुणवत्ता और स्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति शामिल है.. वहीं कार्यकर्ता इन मुद्दों को घर-घर लेकर जा रहे हैं..



