गुजरात में BJP में खलबली! सत्ता पर खतरा?, सागर रबारी का बड़ा दावा
गुजरात में स्थानीय स्वशासन चुनावों के ऐलान के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है... बीजेपी के भीतर हल्की खलबली की...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः गुजरात में स्थानीय स्वशासन यानी निकाय चुनाव 26 अप्रैल 2026 को होने वाले हैं.. मतदान के दिन से पहले ही राजनीतिक सरगर्मी चरम पर पहुंच गई है.. भाजपा में खलबली मची हुई है.. पार्टी के अंदर टिकट बंटवारे को लेकर असंतोष, पुराने पार्षदों के टिकट कटने.. और आम आदमी पार्टी के तेजी से बढ़ते प्रभाव को देखकर सत्ता खोने का डर साफ नजर आ रहा है.. AAP गुजरात में पहली बार बड़े पैमाने पर लगभग सभी 10 हजार सीटों पर चुनाव लड़ रही है.. और जनता में उसका समर्थन बढ़ रहा है.. AAP नेता सागर रबारी ने बड़ा दावा किया है कि.. AAP का असर तेजी से बढ़ रहा है.. और भाजपा को अपनी सत्ता पर खतरा महसूस हो रहा है..
गुजरात में कुल 15 नगर निगम, 84 नगर पालिकाएं, 34 जिला पंचायतें.. और 260 तालुका पंचायतों की सीटों पर वोटिंग होगी.. कुल करीब 9,992 सीटें हैं.. राज्य चुनाव आयोग के अनुसार 4.19 करोड़ मतदाता इन चुनावों में हिस्सा लेंगे.. मतदान 26 अप्रैल को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक होगा.. और नतीजे 28 अप्रैल को आएंगे.. भाजपा पिछले कई दशकों से राज्य में सत्ता में है.. और स्थानीय निकायों में भी उसकी मजबूत पकड़ रही है.. लेकिन 2026 के इन चुनावों में AAP ने नई चुनौती खड़ी कर दी है..
आपको बता दें कि सागर रबारी AAP के गुजरात इकाई के प्रमुख नेताओं में से एक हैं.. वे किसान नेता के रूप में जाने जाते हैं.. पहले वे खेड़ुत एकता मंच से जुड़े रहे.. और किसानों के मुद्दों पर लंबे समय से संघर्ष करते रहे हैं.. 2022 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने AAP के टिकट पर बेचराजी सीट से चुनाव लड़ा था.. अब वे स्थानीय निकाय चुनावों में पार्टी की रणनीति को मजबूत करने में सक्रिय हैं.. सागर रबारी का कहना है कि AAP का जनता में समर्थन तेजी से बढ़ रहा है.. लोग भ्रष्टाचार, महंगाई, बेरोजगारी और स्थानीय समस्याओं से तंग आ चुके हैं.. भाजपा के लंबे शासन में विकास के नाम पर सिर्फ दिखावा हुआ है.. AAP काम की राजनीति.. और भ्रष्टाचार मुक्त शासन का वादा कर रही है..
AAP ने मार्च 2026 में पहली लिस्ट में 460 से ज्यादा उम्मीदवार घोषित किए थे.. पार्टी का दावा है कि सभी उम्मीदवार सामान्य लोग हैं.. न कि परिवारवाद या धनबल वाले.. गुजरात AAP प्रमुख इसुदान गढ़वी ने कहा कि अब पिता-पुत्र की राजनीति खत्म हो रही है.. AAP ने सूरत नगर निगम में 75 उम्मीदवार घोषित किए हैं.. सूरत में 2021 के चुनाव में AAP ने 27 सीटें जीती थी.. और मुख्य विपक्ष बनी थी.. वहीं अब पार्टी मेयर पद का दावा कर रही है.. घर-घर प्रचार में AAP उम्मीदवार पानी, ड्रेनेज, सफाई.. और ट्रैफिक जैसी स्थानीय समस्याओं पर फोकस कर रहे हैं..
भाजपा में इस बढ़ते प्रभाव को देखकर असंतोष बढ़ रहा है.. कई जगहों पर भाजपा ने पुराने पार्षदों के टिकट काट दिए हैं.. वडोदरा जैसे शहरों में जहां 2021 में भाजपा ने 59 सीटें जीती थीं.. वहां अब ज्यादातर पुराने चेहरों को टिकट नहीं मिला.. पार्टी नो रिपीट नीति और युवा चेहरों पर जोर दे रही है.. लेकिन इससे आंतरिक गुटबाजी बढ़ गई है.. सूरत में भी भाजपा ने 50 प्रतिशत से ज्यादा बैठे पार्षदों के टिकट काट दिए.. कुछ जगहों पर टिकट के लिए हजारों फॉर्म भरे गए.. लेकिन चयन में नाराजगी देखी जा रही है..
सागर रबारी का दावा है कि भाजपा को सत्ता खोने का डर सताने लगा है.. AAP के घर-घर अभियान.. और झाड़ू प्रतीक से भ्रष्टाचार साफ करने का संदेश जनता को आकर्षित कर रहा है.. गुजरात में किसान, मजदूर, मध्यम वर्ग और युवा AAP की ओर रुझान दिखा रहे हैं.. रबारी कहते हैं कि भाजपा ने औद्योगीकरण को बढ़ावा दिया.. लेकिन कृषि और किसानों की उपेक्षा की.. 50 प्रतिशत से ज्यादा आबादी कृषि पर निर्भर है.. लेकिन उनकी समस्याएं नहीं सुलझी.. AAP इन मुद्दों पर हमलावर है..
भाजपा ने इन आरोपों को खारिज किया है.. पार्टी का कहना है कि गुजरात में अभूतपूर्व विकास हुआ है.. सड़कें, फ्लाईओवर, स्मार्ट सिटी और औद्योगिक क्षेत्र भाजपा के काम हैं.. भाजपा गुजरात में तीन दशक से सत्ता में है.. स्थानीय निकायों में भी उसकी मजबूत स्थिति है.. कई जगहों पर भाजपा के उम्मीदवार निर्विरोध चुने जा रहे हैं.. क्योंकि विपक्षी उम्मीदवारों के फॉर्म रद्द हो गए या नामांकन वापस ले लिए गए.. भाजपा प्रवक्ताओं का कहना है कि AAP सिर्फ आरोप लगाती है.. लेकिन उसके पास जमीनी काम नहीं है..
AAP ने पंजाब और दिल्ली का मॉडल गुजरात में लाने का वादा किया है.. सस्ती बिजली, अच्छी शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं.. और भ्रष्टाचार पर शून्य सहनशीलता ये AAP के मुख्य मुद्दे हैं.. अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान ने गुजरात दौरे पर भाजपा.. और कांग्रेस दोनों पर हमला बोला.. केजरीवाल ने आरोप लगाया कि भाजपा.. और कांग्रेस मिलकर AAP के खिलाफ लड़ रही हैं..



