मिडिल ईस्ट में मिसाइल इंडिया में राजनीति गरमाई

- भारत सिर्फ स्क्राल कर रहा है या फिर प्लानिंग?
- भारत सिर्फ स्क्राल कर रहा है या फिर प्लानिंग?
- ट्रंप ने कहा- युद्ध लंबा चलेगा, ईरान का अमेरिकन एंबेसी पर अटैक
- बदले में इजरायल ने तेहरान पर बरसाये बम
- यूपी समेत अन्य राज्यों में मुस्लिम धर्मगुरूओं से राहुल गांधी का पैगाम लेकर मिल रहे हैं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। भारत में चुनाव सिर पर है। बीजेपी खुलकर इजरायल के पक्ष में है तो कांग्रेस भी अपने गुजरे वोट बैंक को वापस लाने के लिए सड़कों पर उतर रही है। बीती रात लखनऊ में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष की कल्बे जव्वाद समेत दूसरे नेताओं से हुई ताजियानी मुलाकात को इसी नजर से देखा जा रहा है। जव्वाद जो अब तक बीजेपी के सुर में सुर मिला रहे थे पीएम मोदी के इजरायल दौरे के बाद अब उन्होंने बीजेपी से दूरी बनाना शुरू कर दी है। वहीं मिडिल ईस्ट में दागी जा रही मिसाइलों का दूसरा असर देश की अर्थव्यवस्था पर पडऩा शुरू हो गया है। कुछ लोग महंगाई से डरें तो बहुत से लोगों के अपने विदेशों में फंसे है और वह उनकी जिंदगी की सलामती को लेकर फिक्रमदं है। कुल मिलाकर दुनिया में चल रही उथल पुथल का असर हम पर अब सीधा पडऩा शुरू हो गया है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने इस पूरे घटनाक्रम को सिर्फ विदेश नीति का सवाल नहीं रहने दिया इसे नैतिक नेतृत्व और भावनात्मक प्रतिनिधित्व के फ्रेम के नैरेटिव में ढालने की कोशशों को शुरू कर दिया है।
नये समीकरण क्या कांग्रेस की ओर लौटेंगे जव्वाद?
उत्तर प्रदेश में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय का शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जव्वाद से मिलना महज एक ताजियत मुलाकात नहीं था। यह एक राजनीतिक सिग्नल था। संदेश साफ था हम आपकी भावनाओं को समझते हैं। सवाल उठता है कि क्या यह सिर्फ संवेदना थी या एक संगठित चुनावी चाल? राजनीति में टाइमिंग संयोग नहीं होती। कांग्रेस लंबे समय से उत्तर प्रदेश में अपनी जमीन खोज रही है। मुस्लिम मतदाता जो राज्य की चुनावी गणित में निर्णायक भूमिका निभाते हैं उनकी भावनाओं से जुड़ा कोई भी मुद्दा अचानक रणनीतिक महत्व ले लेता है। और यहां कहानी सिर्फ एक मुलाकात की नहीं है। यह उस नैरेटिव की है जिसे विपक्ष गढऩा चाहता है कि सरकार की चुप्पी रणनीतिक संतुलन नहीं बल्कि भावनात्मक दूरी है।
जंग में फंसे यात्रियों को लेकर दिल्ली में उतरा एयर इंडिया का विमान
भारतीय एयरलाइंस कंपनी एयर इंडिया ने के विशेष अभियान के तहत दुबई से 149 फंसे हुए यात्रियों को वापस लाने का काम किया। एयरलाइन के अनुसार फ्लाइट एआई916डी सुबह 10:58 बजे (भारतीय समयानुसार) दिल्ली हवाई अड््डे पर सुरक्षित उतरी। पंजीकरण संख्या वीटी-ईडीसी वाले इस विमान में कुल 149 यात्री सवार थे जो क्षेत्र में मौजूदा परिस्थितियों के कारण दुबई में फंसे हुए थे। मध्य पूर्व में मौजूदा संकट के दौरान यात्रियों को वापस लाने के लिए किसी भारतीय एयरलाइन द्वारा संचालित यह पहली उड़ान है। एयर इंडिया ने एक बयान में कहा कि दुबई में 149 फंसे यात्रियों को लाने वाली फ्लाइट एआई916डी भारतीय समयानुसार 10:58 बजे दिल्ली में उतरी। हवाई अड््डे पर इन यात्रियों का स्वागत किया गया। एयर इंडिया ने कहा कि उसका ऑपरेशन कंट्रोल सेंटर और सहायक टीमें असाधारण परिस्थितियों में इन उड़ानों को संभव बनाने के लिए चौबीसों घंटे काम कर रही हैं।
दिल्ली लखनऊ में सुनाई दे रही है मिसइलों की राजनीतिक गूंज
मिडिल ईस्ट में दागी जा रही मिसाइलें की गूंज की आवाज दिल्ली और लखनऊ की राजनीति में साफ सुनाई दे रही है। ईरान-इजरायल टकराव ने अंतरराष्ट्रीय समीकरण बदले या नहीं यह अलग बहस है लेकिन भारत की घरेलू राजनीति में इसने हलचल जरूर पैदा कर दी है। खासकर तब जब युद्ध के बीच ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामनेई को लेकर खबरों ने भावनात्मक प्रतिक्रिया को जन्म दिया। भारत सरकार की आयतुल्ला की मौत पर खामोशी ने साइलेंस को मुद्दा बना दिया है। जंग में खामनेई की मौत के बाद सरकार की चुप्पी से भारत के लोगों का आक्रोश सड़कों पर उतर आया है। देश के बड़े शहरों में खामनेई की मौत के बाद प्रदर्शन हुए। मंहगाई की आहट नहीं महंगाई दस्तक दे चुकी है और जंग का दायरा लगातार फैल रह है। अमेरिकन प्रेसीडेंट ने जंग को लंबा खिचने के आसार बताएं हैं। इन सब चीजों के बीच भारत में राजनीतिक विस्तार भी तेजी से हो रहा है और कांग्रेस इन हलातों को अपने फेवर में कर कुछ वोट प्रतिशत में इजाफा करने के प्लान पर आगे बढ़ चुकी है
हाई एलर्ट पर देश
मध्य पूर्व के हालात को देखते हुए भारत में हाईअलर्ट जारी किया गया है। गृह मंत्रालय और सुरक्षा एजेंसियों ने सभी राज्यों को संदिग्ध लोगों पर नजर रखने और प्रदेश में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस फोर्स तैनात करने का निर्देश दिया है। राज्यों में पुलिस-प्रशासन ने सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर भी सख्त चेतावनी दी है। नागरिकों से कहा गया है कि वे किसी भी तरह का आपत्तिजनक, भड़काऊ या अनचाहा कंटेंट पोस्ट, शेयर या फॉरवर्ड करने से बचें। अफवाहें और भ्रामक संदेश माहौल को बिगाड़ सकते हैं और कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बन सकते हैं। पुलिस-प्रशासन ने कहा कि शांतिपूर्ण और कानूनी तरीके से अपनी बात रखने के अधिकार का सम्मान किया जाता है लेकिन हिंसा, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना और सुरक्षा बलों के साथ टकराव किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। ऐसी घटनाओं से जान-माल का नुकसान होता है और पूरे समाज को परेशानी होती है।
सीबीएसई ने टाली परीक्षाएं
ईरान-इजराइल संघर्ष के मद्देनजर केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने पश्चिम एशिया क्षेत्र में पांच मार्च को होने वाली 10वीं और 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं को स्थगित कर दिया है। सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने कहा है कि पश्चिम एशिया के कुछ हिस्सों जैसे बहरीन, ईरान, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात में मौजूदा स्थिति के कारण बोर्ड ने पांच मार्च को 10वीं और 12वीं कक्षा की परीक्षाएं स्थगित करने का निर्णय लिया है। भारद्वाज ने बताया कि नयी तारीखों की घोषणा बाद में की जाएगी और आगे की परीक्षाओं के लिए स्थिति की समीक्षा पांच मार्च को की जाएगी। बोर्ड ने इस क्षेत्र में दो मार्च को होने वाली परीक्षा रविवार को स्थगित कर दी थी।




