LPG संकट पर सियासत गरम | Akhilesh Yadav का Modi सरकार पर तीखा हमला
देश में LPG की उपलब्धता और गैस संकट को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है... समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष Akhilesh Yadav...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः देशभर में एलपीजी गैस सिलेंडर की भारी किल्लत ने आम लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है.. इजराइल, अमेरिका और ईरान के बीच छिड़ी जंग के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से आने वाले जहाज प्रभावित हो गए हैं.. भारत अपनी 60 से 67 प्रतिशत एलपीजी आयात करता है.. और उसमें से करीब 90 प्रतिशत इसी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरता है.. युद्ध के चलते सप्लाई रुक गई है.. घरेलू सिलेंडर की बुकिंग में देरी हो रही है.. कमर्शियल सिलेंडर तो लगभग खत्म हो गए हैं.. मुंबई, बेंगलुरु, पुणे, अहमदाबाद, कोलकाता जैसे बड़े शहरों में होटल-रेस्तरां 20 प्रतिशत तक बंद हो गए हैं.. और लोग घंटों लाइन में खड़े रहते हैं.. लेकिन सिलेंडर नहीं मिलता है..
इसी बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने.. मुंबई में पत्रकारों से बात करते हुए केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा.. उन्होंने कहा कि युद्ध संकट में भारत के पास दुनिया को शांति का संदेश देने.. और विश्वगुरु बनने का बड़ा मौका था.. लेकिन नरेंद्र मोदी सरकार ने कुछ नहीं किया.. आपको बता दें कि अखिलेश यादव मुंबई पहुंचे थे.. वहां मीडिया से बात करते हुए उन्होंने पूरी स्थिति को स्पष्ट किया.. और उन्होंने कहा कि मौजूदा युद्ध संकट के दौरान भारत के पास दुनिया को शांति का संदेश देने और विश्वगुरु बनने का बड़ा अवसर था.. लेकिन नरेंद्र मोदी की सरकार ने इस दिशा में कोई पहल नहीं की..
अखिलेश ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का जिक्र करते हुए कहा कि वहां से भारत की ओर कितने जहाज आ रहे हैं.. इसकी असली जानकारी किसी के पास नहीं है.. कोई कह रहा है एक जहाज आ रहा है.. कोई दो का जिक्र कर रहा है.. लेकिन हकीकत क्या है यह स्पष्ट नहीं है.. सरकार चुप है और जनता परेशान है.. यह संकट सिर्फ कागजों पर नहीं है.. मुंबई के रेस्तरां मालिक रो रहे हैं.. कई होटलों ने मेन्यू कम कर दिया.. कुछ ने समय घटा दिया.. और कई पूरी तरह बंद हो गए.. बेंगलुरु और पुणे में भी यही हाल है.. घरों में महिलाएं पुरानी लकड़ी के चूल्हे पर खाना बना रही हैं.. कई जगहों पर इलेक्ट्रिक इंडक्शन खरीदने की होड़ मची है.. सरकार ने घरेलू उपयोग के लिए प्राथमिकता दी है.. लेकिन कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई लगभग ठप हो गई है.. कीमतें भी बढ़ गई हैं.. घरेलू सिलेंडर 60 रुपये महंगा हो गया.. और कमर्शियल 114 रुपये महंगा हो गया.. फिर भी उपलब्धता नहीं है..
अखिलेश यादव ने ठीक यही मुद्दा उठाया.. उन्होंने आरोप लगाया कि युद्ध संकट के कारण देश में एलपीजी गैस सिलेंडरों की कमी हो गई है.. और आम लोगों को गैस नहीं मिल पा रही है.. इसके बावजूद सरकार इस समस्या को हल करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रही.. अखिलेश ने बीजेपी पर भी निशाना साधा.. उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के नेता अक्सर दूसरों पर अफवाह फैलाने का आरोप लगाते हैं.. जबकि असल में सबसे ज्यादा अफवाहें बीजेपी के लोग ही फैलाते हैं.. उन्होंने कहा कि सरकार कह रही है कि कोई संकट नहीं है.. लेकिन हकीकत में लोग लाइन में खड़े हैं.. और सिलेंडर नहीं मिल रहा.. प्रधानमंत्री मोदी ने भी अपील की कि अफवाहों पर ध्यान न दें.. लेकिन अखिलेश का कहना है कि यह असली समस्या है..
आपको बता दें कि युद्ध के कारण ग्लोबल एनर्जी मार्केट में अनिश्चितता बढ़ गई है.. भारत जैसे देश, जो आयात पर निर्भर हैं.. सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं.. अखिलेश ने सवाल किया कि अगर लड़ाई दो हफ्ते.. और चली तो क्या होगा.. क्या लोग खाना बनाना छोड़ देंगे.. संभल मस्जिद मुद्दे पर भी अखिलेश ने बीजेपी को घेरा.. उन्होंने कहा कि भारत में हमेशा सभी धर्मों का सम्मान किया गया है.. हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई सभी साथ रहते आए हैं.. हर धर्म शांति का संदेश देता है.. लेकिन बीजेपी नफरत की राजनीति करती है.. और समाज को बांटने का काम करती है.. अखिलेश ने कहा कि संभल में जो कुछ हुआ.. वह बीजेपी की साजिश है.. वे समाज को बांटकर वोट बटोरना चाहते हैं..
अखिलेश ने याद दिलाया कि समाजवादी पार्टी हमेशा सभी धर्मों के साथ खड़ी रही है.. उन्होंने कहा कि नफरत से देश आगे नहीं बढ़ सकता.. शांति और एकता ही भारत की ताकत है.. वहीं यह पूरा संकट इज़राइल-अमेरिका-ईरान युद्ध का नतीजा है.. मार्च 2026 में इस संघर्ष ने पूरी दुनिया को हिला दिया.. अमेरिका और इज़राइल ने ईरान पर हमले किए.. ईरान ने जवाब में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को प्रभावित किया.. यह स्ट्रेट खाड़ी का एक अहम चोक पॉइंट है.. यहां से दुनिया का करीब 20 प्रतिशत तेल और गैस गुजरता है..
भारत के लिए तो यह एक लाइफलाइन है.. देश हर साल लगभग 31 मिलियन टन एलपीजी इस्तेमाल करता है.. इसमें से करीब 87 प्रतिशत घरेलू उपयोग में जाता है.. लेकिन आयात लगभग 62 प्रतिशत है.. ज्यादातर एलपीजी सऊदी अरब और कतर से आती है.. युद्ध के बाद रिफाइनरियों ने घरेलू उत्पादन लगभग 25 प्रतिशत बढ़ाया.. लेकिन कमर्शियल सप्लाई पर असर पड़ा.. सरकार ने राज्यों को कहा कि होर्डिंग और ब्लैक मार्केटिंग रोकी जाए.. लेकिन मुंबई जैसे शहरों में 20 प्रतिशत रेस्तरां बंद होने लगे हैं..
अखिलेश यादव की आलोचना सिर्फ राजनीतिक नहीं है.. वे जनता की पीड़ा को आवाज दे रहे हैं.. लखनऊ में भी उन्होंने कहा था कि बीजेपी के अच्छे दिन का सिलेंडर खाली हो गया है.. यूपी में भी किल्लत है.. गाजीपुर और नोएडा में लोग 10 दिन तक इंतजार कर रहे हैं.. अखिलेश ने पूछा कि क्या अब बीजेपी कार्यकर्ता घर-घर जाकर सिलेंडर पहुंचाएंगे.. उन्होंने कहा कि महामारी के समय भी ऑक्सीजन की कमी पर सरकार ने पहले इनकार किया था.. और अब फिर वही स्थिति दिखाई दे रही है..
जानकारी के मुताबिक मुंबई हाईकोर्ट में भी इस मामले में एक याचिका दायर हुई है.. वितरकों ने बढ़ी हुई सप्लाई की मांग की है.. केंद्र सरकार ने राज्यों को निगरानी बढ़ाने को कहा है.. लेकिन अखिलेश का आरोप है कि तैयारी पहले से होनी चाहिए थी.. सरकार को युद्ध की आशंका थी.. फिर भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया..



