AAP नेता कायनात अंसारी को झूठे केस में जेल? 9 दिन बाद रिहाई पर हुआ भव्य स्वागत
AAP की पूर्व कच्छ अध्यक्ष कायनात अंसारी को कथित तौर पर झूठे मामले में फंसाकर जेल भेजा गया था... 9 दिनों की कैद के बाद...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः गुजरात के कच्छ जिले के गांधीधाम शहर में आम आदमी पार्टी की पूर्वी कच्छ की पूर्व जिला अध्यक्ष डॉ. कायनात अंसारी से जुड़ी.. एक विवादास्पद घटना ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है.. पार्टी के आधिकारिक बयान के अनुसार उन्होंने गांधीधाम में चल रहे एक अवैध शराब अड्डे पर जनता रेड किया था.. इसके बाद दूसरे पक्ष ने उनके खिलाफ.. अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज कराया.. वहीं पुलिस ने बिना गहन जांच के उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया.. AAP ने इसे झूठा केस और शराब माफिया को बचाने की साजिश बताया है..
आपको बता दें कि मार्च की शुरुआत में हुई इस घटना में 9 दिन जेल में रहने के बाद.. 21 मार्च को डॉ. कायनात अंसारी की रिहाई हुई.. AAP गुजरात की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक.. रिहाई के तुरंत बाद गांधीधाम और अंजार के AAP नेताओं.. और कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया.. AAP नेता कैलाशदान गढ़वी की उपस्थिति में उन्हें शक्ति के प्रतीक के रूप में तलवार भेंट कर सम्मानित किया गया..
आपको बता दें कि डॉ. कायनात अंसारी एक प्रतिष्ठित डॉक्टर हैं.. वे गांधीधाम में कॉस्मोप्लास्ट नाम का सुपर स्पेशलिटी अस्पताल चलाती हैं.. जो कच्छ का सबसे बड़ा लेजर सेंटर होने का दावा करता है.. वे कॉस्मेटिक सर्जरी की विशेषज्ञ हैं.. उनकी शादी रवीश अथा से हुई है.. राजनीति में वे AAP से जुड़ीं.. और पूर्वी कच्छ जिले की अध्यक्ष रहीं.. अपनी फायरब्रांड छवि के कारण वे स्थानीय स्तर पर काफी चर्चित हैं.. और उन्होंने दारूमुक्त कच्छ अभियान चलाया.. और अवैध शराब की बिक्री के खिलाफ 50 से अधिक शिकायतें पुलिस को दीं.. जब कोई कार्रवाई नहीं हुई.. तो उन्होंने जनता के साथ मिलकर खुद रेड की..
नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार.. डॉ. कायनात अंसारी ने गांधीधाम के एक अवैध शराब अड्डे पर जनता रेड की.. और उन्होंने वहां शराब की बिक्री का खुलासा किया.. और पुलिस को बुलाया.. रेड के दौरान दूसरे पक्ष ने आरोप लगाया कि.. डॉ. अंसारी ने जाति-सूचक अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया.. पुलिस ने तुरंत SC/ST एक्ट के तहत केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया.. और कोर्ट ने उन्हें जेल भेज दिया.. जिसको लेकर AAP का कहना है कि यह केस पूरी तरह झूठा है.. डॉक्टर ने केवल अवैध शराब के खिलाफ आवाज उठाई थी.. किसी तरह का जातीय अपमान नहीं किया..
नवभारत टाइम्स के अनुसार आरोप केवल एट्रोसिटी एक्ट के तहत जातीय अपमान से जुड़ा है.. डॉ. अंसारी खुद शराब के खिलाफ थीं.. वहीं AAP इसे पुलिस और शराब माफिया की मिलीभगत बता रही है.. गुजरात एक सूखा राज्य है.. जहां शराब प्रतिबंधित है.. लेकिन अवैध व्यापार लंबे समय से जारी है.. गांधीधाम जैसे औद्योगिक क्षेत्र में यह समस्या.. और अधिक गंभीर मानी जाती है..
गिरफ्तारी के तुरंत बाद AAP गुजरात के प्रदेश अध्यक्ष इशुदान गढ़वी गांधीधाम SP ऑफिस पहुंचे और विरोध दर्ज कराया.. और उन्होंने डिप्टी SP से सवाल किए.. लेकिन SP से मुलाकात नहीं हो सकी.. इशुदान गढ़वी ने कहा कि एक प्रतिष्ठित डॉक्टर को बिना जांच जेल भेज दिया गया.. यह तानाशाही है.. शराब माफिया को बचाने के लिए उन्हें फंसाया गया.. उन्होंने न्यायिक जांच की मांग की.. AAP की राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ ने भी कहा कि पार्टी डॉ. कायनात अंसारी के साथ खड़ी है..
एट्रोसिटी एक्ट के मामलों में जमानत मिलना कठिन होता है.. नवभारत टाइम्स की दूसरी रिपोर्ट के अनुसार, जांच अधिकारी कोर्ट में पेश नहीं हो रहे थे.. जिससे जमानत में देरी हो रही थी.. 16 मार्च को जमानत की सुनवाई तय थी.. AAP ने आरोप लगाया कि पुलिस जानबूझकर देरी कर रही है.. पार्टी ने पूरे कच्छ में अवैध शराब के खिलाफ अभियान तेज करने की चेतावनी दी..
आपको बता दें कि AAP गुजरात की आधिकारिक X पोस्ट के अनुसार.. डॉ. कायनात अंसारी 9 दिन जेल में रहने के बाद रिहा हो गईं.. पोस्ट में बताया गया कि गांधीधाम और अंजार के कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया.. और कैलाशदान गढ़वी की उपस्थिति में उन्हें तलवार भेंट कर सम्मानित किया गया.. जानकारी के मुताबिक कैलाशदान गढ़वी AAP के कच्छ जिले के सक्रिय नेता हैं.. और 2022 के चुनाव में भुज सीट से उम्मीदवार रह चुके हैं.. उनकी उपस्थिति में हुआ यह सम्मान कार्यक्रम.. स्थानीय स्तर पर पार्टी की एकजुटता को दर्शाता है.. कार्यकर्ताओं ने इसे शक्ति का प्रतीक बताया.. और महिलाओं के सशक्तिकरण से जोड़ा..



