मोदी-शाह को लेकर केजरीवाल की जबरदस्त भविष्यवाणी, साम्राज्य खत्म होने के दिए सबूत
सोमवार को राजधानी दिल्ली में शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत की किताब 'अनलाइकली पैराडाइज' लॉन्च की गई थी।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: जब से दिल्ली के पूर्व सीएम और AAP के प्रमुख अरविंद केजरीवाल को कोर्ट से शराब घोटाले मामले में क्लीन चिट मिली है, वो पहले से कई गुणा ज्यादा मजबूत नजर आने लगे हैं।
उन्होंने मोदी शाह और बीजेपी पर हमलें और तेज कर दिए हैं। लेकिन अब उन्होंने कुछ तथ्य रखते हुए मोदी जी की गिरती हुई लोकप्रियता को सबके सामने लाकर रख दिया है। इसके साथ ही उन्होंने मोदी जी को लेकर ऐसी भविष्यवाणी कर दी है जिसको मोदी खुद सुन लें तो वो टेंशन में आ जाएं। तो कैसे अरविंद केजरीवाल ने मोदी शाह की धुलाई कर दी है,
सोमवार को राजधानी दिल्ली में शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत की किताब ‘अनलाइकली पैराडाइज’ लॉन्च की गई थी। इस ईवेंट में हिस्सा लेने के लिए अरविंद केजरीवाल, दिग्विजय सिंह, कपिल सिब्बल, संजय सिंह और 4 पीएम संपादक संजय शर्मा समेत कई बड़े नाम शामिल हुए थे।
इस ईवेंट के दौरान अरविंद केजरीवाल ने भविष्यवाणी करते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री के तौर पर 2026 पूरा नहीं कर पाएंगे। मेरा दिल और राजनीतिक समझ कहती है कि मोदी और अमित शाह जाने वाले है। केजरीवाल ने कहा कि मोदी जी की पॉपुलैरिटी आज पाताल लोक पहुंच चुकी है। उनका साम्राज्य जाने वाला है। अब देखिए अरविंद केजरीवाल बेहद पढ़े लिखे व्यक्ति हैं। वो कोई बात ऐसे ही हवा में नहीं कहते हैं। उनके हर आरोप के पीछे कोई तथ्य या सबूत होता है।
यहां पर भी केजरीवाल ने कहा कि एक समय ऐसा होता था जब एक भी नेगेटिव कमेंट आता था तो इनकी पूरी मशीनरी मिलकर उसको डिलीट या म्यूट कर देती थी। लेकिन अब तो मोदी जी एक पोस्ट करते हैं तो नीचे कमेंट बॉक्स में सिर्फ गालियां मिलती हैं। उन्होंने कहा कि पहले जब मोदी जी के खिलाफ कोई मीम बना देता था तो उसको जेल हो जाती थी। लेकिन अब इतने मीम बन रहे हैं कि किस-किस को जेल में डालेंगे। सोशल मीडिया का पूरा माहौल और इको-सिस्टम ही बदल चुका है। वही आपको बताता है कि मोदी जी की पॉपुलैरिटी आज पाताल लोक पहुंच चुकी है।
अरविंद केजरीवाल ने यहां मोदी शाह की सरकार को बुरी तरह से धो डाला। आपने देखा कि कैसे केजरीवाल ने जहां सीधे-सीधे नरेंद्र मोदी और अमित शाह पर निशाना साधा, वहीं चुनावी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए यह तक कह दिया कि जीत अब जनसमर्थन से नहीं बल्कि सिस्टम को प्रभावित करके हासिल की जा रही है।
नई दिल्ली सीट का उदाहरण देते हुए उन्होंने जो आंकड़े सामने रखे, उसने बहस को और गहरा कर दिया है। वोटरों की संख्या में इतनी बड़ी कमी को उन्होंने साजिश बताया और कहा कि यही वजह है कि लोकतंत्र कमजोर हो रहा है। इसके साथ ही मिडिल ईस्ट संकट को लेकर भी उन्होंने केंद्र सरकार को घेरा और कहा कि जब हालात बिगड़ने के संकेत पहले से थे, तो तैयारी क्यों नहीं की गई। महंगाई, एलपीजी संकट, रोजगार की समस्या और गिरती अर्थव्यवस्था का सीधा असर आम जनता पर पड़ रहा है।
वहीं मंच पर मौजूद अन्य विपक्षी नेताओं ने भी जांच एजेंसियों और चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाते हुए इसे सत्ता के दबाव में काम करने का आरोप लगाया।जिस तरह से इस पूरे मंच से एक सुर में अरविंद केजरीवाल, दिग्विजय सिंह, कपिल सिब्बल, संजय सिंह, डेरेक ओ ब्रायन और संजय राउत ने केंद्र सरकार, एजेंसियों और चुनाव प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए, उसने साफ कर दिया है कि आने वाले समय में सियासी टकराव और तेज होने वाला है।
इन सभी बयानों ने यह संकेत दिया कि विपक्ष अब पहले से ज्यादा आक्रामक रणनीति के साथ मैदान में उतर चुका है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह सिर्फ राजनीतिक बयानबाजी है या वास्तव में देश की राजनीति एक बड़े बदलाव की ओर बढ़ रही है। क्या आने वाले चुनावों में सत्ता समीकरण बदलेंगे या फिर यह शोर भी समय के साथ थम जाएगा। फिलहाल इतना जरूर है कि आरोप, पलटवार और दावों के इस दौर में सियासत अपने चरम पर पहुंच चुकी है और आने वाला समय ही तय करेगा कि किसके दावे में कितना दम है।



