कुवैत एयरपोर्ट पर ईरानी ड्रोन का हमला, अमेरिकी ठिकानों पर बमबारी

मिडिल ईस्ट में चल रही जंग अब सिर्फ उस इलाके तक सीमित नहीं रही...बल्कि, हालात ऐसे बनते दिख रहे हैं कि इसकी आंच अब दुनिया के सबसे ताकतवर देश अमेरिका तक पहुंचने लगी है...

4पीएम न्यूज नेटवर्क: मिडिल ईस्ट में चल रही जंग अब सिर्फ उस इलाके तक सीमित नहीं रही…बल्कि, हालात ऐसे बनते दिख रहे हैं कि इसकी आंच अब दुनिया के सबसे ताकतवर देश अमेरिका तक पहुंचने लगी है…

एक तरफ कुवैत के इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ईरान के ड्रोन हमले से हड़कंप मचा दिया है…तो दूसरी तरफ अमेरिका के टेक्सास में एक बड़ी तेल रिफाइनरी में भयंकर धमाका और आग कई सवाल खड़े कर देती है कि क्या ये दोनों घटनाएं एक-दूसरे से जुड़ी हैं?

सबसे पहले बात कुवैत की करते हैं….तो कल रात कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर अचानक ड्रोन अटैक होता है…इस हमले में एयरपोर्ट के फ्यूल टैंक में आग लग जाती है…आग इतनी भयानक थी कि दूर-दूर तक लपटें और धुआं दिखाई देने लगा…कुवैत की सेना तुरंत एक्शन में आती है और दावा करती है कि उसने दुश्मन के कई ड्रोन और मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया…नेशनल गार्ड भी कहता है कि उसने अपने इलाके में पांच ड्रोन को नष्ट कर दिया…ये हमला सिर्फ एक देश पर हमला नहीं था…बल्कि ये एक बड़ा संकेत था कि जंग अब फैल रही है और नए-नए देशों को अपनी चपेट में ले रही है…कुवैत जैसे देश, जो सीधे युद्ध का हिस्सा नहीं थे…अब निशाने पर आ रहे हैं…

इसी बीच एक और बड़ा दावा सामने आता है…इराक के उग्रवादी संगठन इस्लामिक रेजिस्टेंस इन इराक कहता है कि उसने पिछले 24 घंटों में अमेरिका से जुड़े 23 ठिकानों पर हमले किए हैं…इन हमलों में ड्रोन और मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया…हालांकि, इन हमलों से कितना नुकसान हुआ…इसकी पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है…लेकिन इतना जरूर है कि अमेरिका के लिए खतरे की घंटी बज चुकी है…

अब नजर डालते हैं इस जंग के अब तक के असर पर…तो आंकड़े बेहद डरावने हैं…करीब 1500 लोगों की मौत हो चुकी है और 18 हजार से ज्यादा लोग घायल हैं…मरने वालों में छोटे बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक शामिल हैं…200 से ज्यादा महिलाएं इस जंग की भेंट चढ़ चुकी हैं…जबकि, एक स्कूल पर हमले में 168 बच्चों की मौत हो जाना…इस जंग की क्रूरता को साफ दिखाता है…हेल्थ वर्कर्स तक सुरक्षित नहीं हैं….55 घायल हुए हैं…जिनमें 11 की मौत हो चुकी है… ये आंकड़े सिर्फ नंबर नहीं हैं…बल्कि ये बताते हैं कि जंग की असली कीमत आम लोग चुका रहे हैं…

अब कहानी में सबसे बड़ा ट्विस्ट आता है….अमेरिका के टेक्सास से…टेक्सास के पोर्ट आर्थर में स्थित एक बड़ी तेल रिफाइनरी में जोरदार धमाका होता है…जिसके बाद पूरी रिफाइनरी आग के गोले में बदल जाती है…आग इतनी भयानक थी कि पूरे इलाके में इमरजेंसी लॉकडाउन लगाना पड़ा…लोगों को घरों के अंदर रहने के आदेश दिए गए…आसमान में उठता काला धुआं कई किलोमीटर दूर तक दिखाई देता है…अब सवाल उठता है कि…क्या ये सिर्फ एक हादसा था या इसके पीछे कोई साजिश है?..

यही वो सवाल है जिसने इस हादसे को और ज्यादा गंभीर बना दिया है…क्योंकि ये धमाका ऐसे समय में हुआ है…जब अमेरिका और ईरान के बीच जंग अपने चरम पर है…और ईरान पहले ही चेतावनी दे चुका है कि अगर उस पर हमला हुआ…तो वो पलटवार जरूर करेगा…चाहे वो कहीं भी क्यों न हो…

हालांकि, अभी तक न तो ईरान ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है और न ही अमेरिका ने सीधे तौर पर ईरान पर आरोप लगाया है…लेकिन कई ऐसे संकेत हैं…जो शक पैदा करते हैं…चश्मदीदों का कहना है कि आग लगने से पहले जोरदार विस्फोट हुआ था…यानी ये सिर्फ तकनीकी खराबी नहीं भी हो सकती है…अब सबसे अहम सवाल कि अगर ये हमला था…तो कैसे हुआ?…

तो इसे लेकर विशेषज्ञ मानते हैं कि इतनी दूर से अमेरिका पर सीधे मिसाइल हमला करना आसान नहीं है…ईरान और अमेरिका के बीच दूरी 10,000 किलोमीटर से ज्यादा है…अगर मिसाइल दागी जाती…तो अमेरिका के रडार सिस्टम उसे पकड़ लेते…इसलिए मिसाइल से हमला होना लगभग नामुमकिन माना जा रहा है…लेकिन ड्रोन…यही वो हथियार है…जो इस पूरे मामले को mysterious बनाता है…देखिए, ड्रोन छोटे होते हैं…नीचे उड़ते हैं और कई बार रडार की पकड़ में नहीं आते…अगर किसी तरह ड्रोन को अमेरिका के अंदर पहुंचा दिया जाए और वहां से उसे लॉन्च किया जाए…तो ये हमला पॉसिबल हो सकता है और यही possibility इस पूरे मामले को और खतरनाक बना देती है…

अब जरा उस रिफाइनरी की अहमियत समझिए जहां ये धमाका हुआ…ये अमेरिका की सबसे बड़ी तेल रिफाइनरियों में से एक है…यहां रोजाना लाखों बैरल कच्चे तेल को प्रोसेस किया जाता है और उससे पेट्रोल, डीजल और जेट फ्यूल तैयार होता है…अगर ये रिफाइनरी लंबे समय तक बंद रहती है…तो इसका असर न सिर्फ अमेरिका बल्कि पूरी दुनिया के तेल बाजार पर पड़ सकता है…इस घटना के बाद अमेरिका में भी सवाल उठने लगे हैं…लोग पूछ रहे हैं कि क्या अब जंग उनके घर तक पहुंच गई है?…क्या मिडिल ईस्ट में जो आग लगी थी…उसकी लपटें अब अमेरिका को भी जलाने लगी हैं?…

स्थिति और भी गंभीर इसलिए हो जाती है…क्योंकि इससे पहले भी अमेरिका के एक युद्धपोत में आग लगने की घटना सामने आई थी…उस वक्त भी ईरान ने दावा किया था कि ये उसके ड्रोन हमले का नतीजा है…लेकिन अमेरिका ने इसे स्वीकार नहीं किया था…अब टेक्सास की घटना ने उन पुराने सवालों को फिर से जिंदा कर दिया है…राजनीतिक स्तर पर भी ये मामला बेहद संवेदनशील है…उस समय अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के साथ जंग को खत्म करने की कोशिश में लगे हुए हैं…

अगर ये साबित हो जाता है कि टेक्सास की रिफाइनरी पर हमला ईरान ने किया है…तो ट्रंप के लिए स्थिति बेहद मुश्किल हो जाएगी…अगर वो जंग जारी रखते हैं…तो अमेरिका के अंदर और हमलों का खतरा बढ़ जाएगा और अगर वो समझौता करते हैं…तो इसे अमेरिका की कमजोरी माना जा सकता है…यानी ट्रंप एक ऐसी स्थिति में फंस गए हैं…जहां हर फैसला जोखिम भरा है…

दूसरी तरफ ईरान साफ कह चुका है कि वो किसी भी दबाव में नहीं झुकेगा…अगर उस पर हमला होता है…तो वो जवाब देगा और उसका जवाब और ज्यादा खतरनाक होगा…मिडिल ईस्ट में जो कुछ हो रहा है…वो इस बात का सबूत भी है…अब पूरी दुनिया की नजर इस बात पर है कि आगे क्या होगा…क्या ये सिर्फ एक चेतावनी है या आने वाले समय में और बड़े हमले देखने को मिल सकते हैं?…

क्या जंग अब ग्लोबल लेवल पर फैलने वाली है?…एक बात तो साफ है कि ये जंग अब सिर्फ सीमाओं तक सीमित नहीं रही…ये अब एक ऐसी लड़ाई बन चुकी है…जिसका असर हर देश, हर इंसान और हर अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है…और सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या दुनिया एक और बड़े युद्ध की तरफ बढ़ रही है?

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