गिरिबाला सिंह के लिए गिरफ्तारी की तैयारी? ट्विशा के ससुराल पहुँची CBI
ट्विशा शर्मा केस में अग्रिम जमानत रद्द होते ही CBI की टीम गिरिबाला सिंह के घर पहुंची. घटना स्थल की '3D मैपिंग' की. अब आरोपी सास पर कभी भी गिरफ्तारी की गाज गिर सकती है.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: ट्विशा शर्मा केस में अग्रिम जमानत रद्द होते ही CBI की टीम गिरिबाला सिंह के घर पहुंची. घटना स्थल की ‘3D मैपिंग’ की. अब आरोपी सास पर कभी भी गिरफ्तारी की गाज गिर सकती है. सुबह के समय वो स्ट्रे डॉग्स को खाना खिलाती भी दिखीं.
नोएडा की रहने वाली मॉडल-एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की भोपाल में हुई संदिग्ध मौत के मामले में सास रिटायर्ड जिला जज गिरिबाला सिंह पर गाज गिरी है. उनकी अग्रिम जमानत देर रात 1 बजे रद्द हो गई है. इसके बाद गुरुवार को सुबह ही सीबीआई की टीम गिरिबाला सिंह के घर पहुंची.
जहां गिरिबाला सिंह के पूरे बंगले की थ्रीडी मैपिंग हुई, उस स्थान की भी मैपिंग हुई, जिस जगह पर ट्विशा कथित रूप से फंदे पर लटकी हुई मिली थी. इस मामले में गिरिबाला सिंह के बेटे समर्थ सिंह पहले ही सीबीआई की गिरफ्त में है. उनसे पूछताछ चल रही है. वहीं, ये कयास लगाए जा रहे हैं कि गिरिबाला की भी गिरफ्तारी हो सकती है.
देशभर में चर्चित ट्विशा शर्मा केस में गुरुवार को सुबह से ही भोपाल के बागमुगालिया क्षेत्र में हलचल है. यहां रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह का बंगला है. बुधवार देर रात को गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत रद्द करने के बाद अब गिरफ्तारी की तलवार लटक गई है. सुबह से ही सीबीआई की टीम गिरिबाला के बंगले में मौजूद है. इससे पहले सीबीआई की टीम ने गिरिबाला सिंह के बंगले की थ्रीडी मैपिंग की.
ऐसा माना जा रहा है कि कभी भी सीबीआई उन्हें गिरफ्तार करके ले जा सकती है. हालांकि, इस बात की पुष्टि अभी हुई नहीं है. इधर, हाईप्रोफाइल मामला हो जाने के बाद से ही हर दिन गिरिबाला सिंह के बंगले पर मीडियाकर्मियों का जमावड़ा है।गुरुवार को सुबह ही गिरिबाला कुछ मिनट के लिए घर से बाहर निकली थी और स्ट्रीट डॉग को खाना खिलाया था.
12 मई को हुई थी ट्विशा की संदिग्ध मौत
12 मई की रात को ट्विशा की भोपाल के कटारा हिल्स क्षेत्र में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी. ट्विशा के परिवार के लोग इस मामले में पति और गिरिबाला सिंह पर दहेज प्रताड़ना और हत्या का आरोप लगा रहे हैं. वहीं, गिरिबाला सिंह और पति समर्थ सिंह इसे आत्महत्या बता रहे हैं.
इस मामले में मध्य प्रदेश के एडवोकेट जनरल (AG) प्रशांत सिंह ने कहा- एमपी हाई कोर्ट ने इस मामले में कुछ बातों को गंभीरता से लिया है. जैसे ट्विशा शर्मा के शरीर पर मौत से पहले की चोटें, जो एक गंभीर अपराध की ओर इशारा करती हैं. कई नोटिसों के बावजूद गिरिबाला सिंह का सहयोग न करना और वाट्सअप चैट, जो ट्विशा शर्मा के मानसिक उत्पीड़न की ओर संकेत करती हैं. इन सभी बातों को देखते हुए, हाई कोर्ट ने गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत खारिज कर दी है. अब सबकी निगाहें CBI के अगले एक्शन पर हैं.



