भारत के ये हैं सबसे शांत मंदिर

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
कुछ मंदिर ऐसे होते हैं जहां पहुंचते ही शोर खत्म हो जाता है और मन को शांति मिलती है। भारत के इन मंदिरों में बेचैनी और जल्दीबाजी पीछे छूट जाती है। यहां की भीड़ भी आपको परेशान नहीं करती, बल्कि दौड़भाग भरी जिंदगी में सुकून देती है। चाहे केदारनाथ की ठंडी हवा हो या तिरुवन्नामलै की गहरी शांति या फिर तुंगनाथ की ऊंचाई, यह सब मन को स्थिर कर देते हैं। यहां पूजा से पहले ही ध्यान शुरू हो जाता है। अगर आप भी जीवन की दौड़ में थोड़ी देर ठहरकर खुद से मिलना चाहते हैं, तो ये मंदिर मन की शांति के लिए सबसे उपयुक्त हैं।

ओंकारेश्वर मंदिर

नर्मदा नदी के बीच यह ज्योतिर्लिंग स्थिति है। नदी की निरंतर धारा मन को स्थिर करती है। शाम की आरती विशेष रूप से शांतिदायक है। भगवान ओंकारेश्वर और ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शनों के लिए भक्तों की लंबी कतार लगी रहती है। भगवान शिव से जुड़े द्वादश ज्योतिर्लिंगों में मध्य प्रदेश स्थित ओंकारेश्वर का चौथा स्थान आता है। यहां पर भगवान शिव नर्मदा नदी के किनारे के आकार वाली पहाड़ पर विराजमान हैं। यहां भगवान भोलेनाथ तीनों लोक का भ्रमण करके प्रतिदिन इसी मंदिर में रात को सोने के लिए आते हैं। यह भी मानना है कि इस पावन तीर्थ पर जल चढ़ाए बगैर व्यक्ति की सारी तीर्थ यात्राएं अधूरी मानी जाती है।

शिरडी साईं बाबा मंदिर

शिरडी साईं बाबा मंदिर श्रद्धा और सबूरी का जीवंत उदाहरण है। यहां बैठकर मौन में समय बिताने का अवसर मिलता है। यह स्थान आस्था के साथ मानसिक सुकून भी देता है।

तवांग मठ

पहाड़ों के बीच यह बौद्ध मठ बसा है। शोर-शराबे से काफी दूर और पूरी तरह शांत जगह है। इसे ध्यान, मौन और आत्मअनुशासन का केंद्र कहते हैं। तवांग मठ से प्रकृति का मनोरम दृश्य मंत्रमुग्ध करता है। ऊंचे पहाडों और ठंडी बहती नदियों के बीच पर्यटकों को खूब मजा आता है। यहां पर अनेक स्थल हैं जो प्राकृतिक सुंदरता के पास ले जाते हें। दोंग घाटी पर्यटकों के लिए बेहद सुंदर उपहार है। यहां की प्राकृतिक सुंदरता अविस्मरणीय है। हरे-भरे वातावरण से घिरी ग्लो झील आकर्षण का केंद्र है। इसके अलावा छगलोगम, वालोंग, हवा कैंप, तेजू बोटानिकल गार्डन और तेजू पार्क घूम सकते हैं।

केदारनाथ मंदिर

हिमालय की गोद में यह ज्योतिर्लिंग बसा है। यहां ठंडी हवा और घंटियों की धीमी ध्वनि सुनाई पड़ती है। यहां दर्शन से पहले ही मन स्थिर हो जाता है।

तुंगनाथ मंदिर

दुनिया में सबसे ऊंचाई पर तुंगनाथ मंदिर का शिव मंदिर स्थित है। यहां कम भीड़, खुला आकाश और गहरी शांति मिलती है। ध्यान और आत्मचिंतन के लिए यह एक आदर्श स्थान है। वहीं अगर आप भगवान शिव के भक्त हैं और उनके सभी मंदिरों में दर्शन की इच्छा रखते हैं तो यहां जाकर आप शिव के दर्शन के साथ-सथ बर्फबारी का भी मजा ले सकते हैं। तुंगनाथ मंदिर महादेव के पंच केदारों में से एक है। ये मंदिर उत्तराखंड के गढ़वाल के रुद्रप्रयाग जिले में एक बहाड़ पर बना हुआ है।

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