और घातक हुई पश्चिम एशिया की लड़ाई अब पूरी दुनिया को खूब जलाएगी महंगाई
29वें दिन भी हर ओर धुंआ ही धुंआ, ईरान ने इस्राइल पर दागी मिसाइल, एक की मौत

यमन ने भी इजरायल पर दागी मिसाइलें
अमेरिका को उम्मीद सैन्य अभियानहफ्तों में खत्म हो जाएजा
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। अमेरिका-इजरायल और ईरान जंग को तीन हफ्तों से ज्यादा समय बीत चुका है। अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता की चर्चा शुरू होनी थीं, लेकिन तेहरान ने शर्तें मानने से इनकार कर दिया। हालांकि इसबीच अमरिका ने दस दिन के लिए लड़ाई रोकने की बात कही है। पर इन सब दावों के बाद इजरायल व ईरान एक दूसरे पर बम चला रहे हैं। उधर इन सबके बीच पूरी दुनिया में आर्थिक संकट की रिपोर्टे आ रहीं हैं।
जानकारों का कहना है अब महंगाई का बम पूरे विश्व को अपने चपेट में लेगा। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रही जंग आज 29वें दिन भी जारी है। इन सबकेबीच अमेरिका-इजरायल और ईरान के युद्ध में यमन भी कूद पड़ा है । ईरान ने इस्राइल पर दागी मिसाइल, एक की मौत हो गई है। वही यमन ने भी इजरायल पर हमला कर दिया है। यमन ने कई मिसाइलें दागी हैं। वहीं अमेरिका को उम्मीद है कि ईरान के खिलाफ उसका सैन्य अभियान महीनों नहीं, बल्कि हफ्तों में खत्म हो जाएजा और वह जमीन पर सेना तैनात किए बिना ही अपने लक्ष्य हासिल कर सकता है। विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने ये बाते कही।
भारत को लेकर रिपोर्ट में विशेष रूप से चेतावनी दी गई है कि ऊंचे कच्चे तेल के दाम और कमजोर मांग मिलकर स्टैगफ्लेशन की स्थिति पैदा कर सकते हैं। इससे हाल के आर्थिक सुधारों पर असर पड़ सकता है और घरेलू अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, आने वाले महीनों में भारत की खुदरा महंगाई दर 6 से 7 प्रतिशत से ऊपर जा सकती है। अंत में रिपोर्ट ने कहा है कि मौजूदा हालात अस्थायी नहीं हैं। ऊंचे तेल के दाम, सख्त वित्तीय परिस्थितियां और बार-बार होने वाले भू-राजनीतिक झटके अब वैश्विक अर्थव्यवस्था की स्थायी विशेषताएं बन सकते हैं, जिससे लंबी अवधि तक समायोजन का दौर जारी रह सकता है।

अमेरिका के सैनिक भी भेजे जा रहे
अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो कहा कि हालांकि इस क्षेत्र में कुछ सैनिक भेजे जा रहे हैं, लेकिन ऐसा राष्ट्रपति को ज्यादा से ज्यादा विकल्प और ज्यादा से ज्यादा अवसर देने के लिए किया जा रहा है, ताकि अगर कोई आपात स्थिति पैदा हो तो वे उससे निपट सकें। उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब पूरे मध्य-पूर्व में संघर्ष लगातार बढ़ता जा रहा है।
अमेरिका के 12 सैनिक घायल
अमेरिकी अधिकारी ने रॉयटर्स को बताया कि सऊदी अरब में प्रिंस सुल्तान एयरबेस पर ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमले में 12 अमेरिकी सैनिक घायल हो गए, जिनमें से दो की हालत गंभीर है और सैन्य उपकरणों को भी नुकसान पहुंचा है। यह संघर्ष 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के हवाई हमलों के साथ शुरू हुआ था। इसके बाद से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति बाधित है।
दक्षिणी लेबनान में इस्राइली हमले में एक नर्स की मौत
दक्षिणी लेबनान के कफर तबनित इलाके में इस्राइल के हमले में एक नर्स की मौत हो गई, जबकि चार अन्य लोग घायल हो गए। लेबनान की नेशनल न्यूज एजेंसी के अनुसार, यह हमला सिविल डिफेंस की एंबुलेंस को निशाना बनाकर किया गया। हमले के बाद स्थानीय अधिकारियों ने इसे गंभीर घटना बताते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से जवाबदेही तय करने की मांग की है। इस घटना को युद्ध के नियमों के उल्लंघन के तौर पर देखा जा रहा है। इलाके में तनाव बना हुआ है और हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं।
वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए खतरा
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच वैश्विक बाजार एक बड़े भू-राजनीतिक बदलाव को नजरअंदाज कर रहे हैं। सिस्टमैटिक्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि मौजूदा हालात केवल तात्कालिक उतार-चढ़ाव नहीं, बल्कि वैश्विक परिदृश्य में एक बड़े बदलाव का संकेत हैं, जो आगे चलकर बार-बार उभर सकते हैं और लंबी अवधि तक अनिश्चितता बनाए रख सकते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, बाजार फिलहाल हर युद्ध से जुड़ी खबर पर उम्मीद और डर के बीच झूल रहे हैं, लेकिन इसके पीछे एक गहरा बदलाव चल रहा है। अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में बदलती नीतियां और ईरान की प्रतिक्रिया मिलकर ऐसी स्थिति बना रही हैं, जहां निवेशकों के लिए लंबी अवधि के जोखिमों का आकलन करना मुश्किल हो गया है।
ओमान के सलालाह बंदरगाह पर ड्रोन हमला
ओमान के दक्षिणी प्रांत की राजधानी सलालाह के बंदरगाह पर ड्रोन हमला हुआ है, जिसमें एक विदेशी कर्मचारी घायल हो गया। ओमान की सरकारी समाचार एजेंसी के मुताबिक, दो ड्रोन ने पोर्ट को निशाना बनाया। इस हमले में एक व्यक्ति को मध्यम चोटें आईं, जबकि बंदरगाह पर मौजूद एक क्रेन को भी मामूली नुकसान पहुंचा है। सुरक्षा एजेंसियों ने घटना के बाद इलाके को घेर लिया और जांच शुरू कर दी है। फिलहाल हमले के पीछे किसका हाथ है, इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है, लेकिन क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच इस घटना को गंभीर माना जा रहा है।
अबू धाबी में मिसाइल इंटरसेप्शन के बाद मलबा गिरा, पांच भारतीय घायल
संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी अबू धाबी में शनिवार को मिसाइल इंटरसेप्शन के बाद गिरे मलबे से पांच लोग घायल हो गए और दो जगह आग लग गई। अधिकारियों के मुताबिक, यह घटना खलीफा इकोनॉमिक ज़ोन्स अबू धाबी के पास हुई, जहां सुरक्षा एजेंसियां तुरंत सक्रिय हो गईं। मीडिया ऑफिस ने बताया कि बैलिस्टिक मिसाइल को हवा में ही रोक लिया गया था, लेकिन उसके टुकड़े गिरने से नुकसान हुआ। एडी पोर्ट्स समूह के इस औद्योगिक इलाके में आग पर काबू पाने के लिए फायर टीमें तैनात की गईं। स्थिति अब नियंत्रण में बताई जा रही है।



