Rahul Gandhi का BJP पर बड़ा हमला, कहा- दलित-आदिवासियों को नहीं मिला न्याय
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गुजरात में दलित और आदिवासी समुदायों पर बढ़ते अत्याचार को लेकर बीजेपी सरकार पर तीखा हमला बोला है...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने रविवार को गुजरात में दलित.. और आदिवासी समुदायों पर बढ़ते अत्याचार, नफरत.. और भेदभाव का आरोप लगाया.. और उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के शासन में ये हालात लगातार बदतर होते जा रहे हैं.. राहुल गांधी ने 2016 के ऊना कांड के पीड़ितों के साथ मुलाकात की.. और उनके साथ एकजुटता जताई.. उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया.. जिसमें वे गुजरात के दलित.. और आदिवासी प्रतिनिधियों के साथ बातचीत करते दिख रहे हैं.. इसमें ऊना कांड के पीड़ित भी शामिल थे.. आपको बता दें कि राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि.. ऊना की चीख आज भी इंसाफ के दरवाजे पर दस्तक दे रही है.. बीते 10 सालों से पीड़ित न्याय के लिए दर-दर भटक रहे हैं.. यह मुलाकात बेहद पीड़ादायक और चिंतनशील रही, जैसा उन्होंने खुद बताया..
राहुल गांधी ने स्पष्ट रुप से कहा कि गुजरात में दलित.. और आदिवासी समुदायों के खिलाफ नफरत, भेदभाव.. और अत्याचार का माहौल भाजपा शासन में गहराता जा रहा है.. और उन्होंने ऊना घटना का जिक्र करते हुए कहा कि करीब 10 साल पहले यह कांड पूरे देश को झकझोर गया था.. चार दलित युवकों को सरेआम निर्वस्त्र कर बेरहमी से कोड़े मारे गए थे.. उस समय राहुल गांधी उनके परिवारों के साथ खड़े हुए थे.. लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि एक दशक बाद भी उन्हें न्याय नहीं मिला.. उनके घाव नहीं भरे और हालात और बदतर हो गए हैं.. राहुल ने कहा कि जब उन्होंने प्रतिनिधिमंडल की बातें सुनीं.. तो यह स्पष्ट हो गया कि स्थिति सुधरने के बजाय और भयावह हो गई है..
आपको बता दें कि ऊना कांड की पूरी घटना 11 जुलाई 2016 की है.. गुजरात के गिर सोमनाथ जिले के ऊना कस्बे के पास.. मोटा समधियाला गांव में चार दलित युवक अपने पारंपरिक पेशे के तहत एक मृत गाय की खाल उतार रहे थे.. गाय की मौत कुछ समय पहले दूसरे गांव में हुई थी.. तभी खुद को गोरक्षक बताने वाले कुछ लोग वहां पहुंचे.. और उन्होंने इन युवकों पर हमला किया.. उन्हें निर्वस्त्र कर कोड़े मारे और पूरे गांव में घुमाया.. बाद में इन्हें अवैध रूप से हवालात में डाल दिया गया.. जहां पुलिसकर्मियों ने भी पिटाई की.. इस घटना ने पूरे देश में आक्रोश पैदा कर दिया था.. दलित संगठनों ने बड़े-बड़े प्रदर्शन किए.. कई दलित युवकों ने आत्महत्या तक की कोशिश की.. जिग्नेश मेवाणी जैसे नेता उस समय उभरे.. राहुल गांधी ने उस समय पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और उनका साथ दिया..
राहुल गांधी ने वीडियो में बताया कि आज भी पीड़ितों को न्याय नहीं मिला है.. और उन्होंने कुछ नई घटनाओं का भी जिक्र किया.. एक व्यक्ति को इतनी बेरहमी से पीटा गया कि उसके शरीर में 19 फ्रैक्चर हो गए.. एक अन्य व्यक्ति के भाई को सिर्फ एक सनक में जिंदा जला दिया गया.. राहुल ने कहा कि ये घटनाएं सिर्फ अपराध नहीं हैं.. बल्कि भय और अन्याय से भरे माहौल की सच्चाई हैं.. सबसे चिंताजनक बात यह है कि जो लोग अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाते हैं.. उन्हें दबा दिया जाता है.. कभी धमकियों से, कभी हिंसा से और कई बार हत्या करके.. गुजरात में भाजपा सरकार के तहत दलितों.. और आदिवासियों के खिलाफ नफरत, भेदभाव.. और अत्याचार का वातावरण लगातार गहराता जा रहा है..
राहुल गांधी ने यह भी कहा कि 10 सालों में न्याय का यह लंबा इंतजार अपने आप में एक बड़ा अन्याय है.. वहीं यह सिर्फ कुछ घटनाओं की बात नहीं है.. बल्कि एक पूरी व्यवस्था की विफलता है.. जहां कमजोरों की आवाज दबाई जा रही है.. और अपराधियों को संरक्षण मिल रहा है.. और उन्होंने कहा कि मैं इन परिवारों के साथ पहले भी खड़ा था.. आज भी खड़ा हूं और न्याय मिलने तक उनकी आवाज उठाता रहूंगा.. राहुल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मॉडल पर भी तंज कसा.. उन्होंने कहा कि भाजपा शासित गुजरात में अपमान, हिंसा.. और हत्या दलितों और आदिवासियों की हकीकत बना दी गई है.. मोदी जी के इसी असंवैधानिक और अन्यायपूर्ण मॉडल को पूरे देश पर थोपा जा रहा है..
जानकारी के मुताबिक यह मुलाकात दिल्ली में हुई.. गुजरात के दलित और आदिवासी समुदाय के कई प्रतिनिधि राहुल गांधी से मिलने पहुंचे थे.. इसमें ऊना कांड के पीड़ित भी थे.. वीडियो में राहुल गांधी ध्यान से उनकी बातें सुनते दिख रहे हैं.. पीड़ित परिवारों ने अपनी पीड़ा बताई.. और उन्होंने कहा कि 10 साल बीत गए.. लेकिन न्याय अभी तक नहीं मिला.. कई आरोपी अभी भी घूम रहे हैं.. पुलिस और प्रशासन में भी पक्षपात होता है.. राहुल गांधी ने उन्हें आश्वासन दिया कि कांग्रेस उनकी आवाज बनेगी..



