उन्नाव: लकड़ी लाने से मना किया… टीचर ने कक्षा 5 के बच्चे को बेरहमी से पीटा!
उन्नाव के बांगरमऊ क्षेत्र में मिड डे मील के लिए लकड़ी लाने से मना करने पर शिक्षक द्वारा छात्र को पीटने का आरोप लगा है। वीडियो वायरल होने के बाद अभिभावकों ने कोतवाली में शिकायत दी है।

4pm न्यूज नेटवर्क: उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सरकारी स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और मिड डे मील व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में आरोप लगाया जा रहा है कि लकड़ी लाने से मना करने पर एक छात्र को शिक्षक ने पीट दिया। यह घटना बांगरमऊ विकास खंड के ग्राम हीरामनपुरवा स्थित एक प्राथमिक विद्यालय की बताई जा रही है।
क्या है पूरा मामला?
मामले के मुताबिक, कक्षा 5 में पढ़ने वाले छात्र सचिन से मिड डे मील बनाने के लिए लकड़ी लाने को कहा गया था। आरोप है कि जब छात्र ने लकड़ी लाने से मना किया, तो स्कूल के इंचार्ज शिक्षक शिशिर यादव ने उसे पीट दिया। घटना के बाद छात्र ने घर पहुंचकर अपने माता-पिता को पूरी बात बताई। इसके बाद परिवार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
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वीडियो वायरल, अभिभावकों में गुस्सा
छात्र की आपबीती का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद इलाके के अभिभावकों में नाराजगी देखी जा रही है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या मिड डे मील के नाम पर बच्चों से इस तरह का काम करवाना सही है? और अगर बच्चा मना करे, तो क्या उसे सजा दी जानी चाहिए?
कोतवाली में दी गई तहरीर
मामले को लेकर छात्र के अभिभावक ने बांगरमऊ कोतवाली में शिक्षक के खिलाफ तहरीर दी है। पुलिस से कार्रवाई की मांग की गई है। फिलहाल पुलिस की ओर से मामले की जांच की बात कही जा रही है।
मिड डे मील योजना पर फिर उठे सवाल
सरकार की मिड डे मील योजना का मकसद बच्चों को स्कूल से जोड़ना और उन्हें पोषण देना है। लेकिन इस तरह के आरोप सामने आने के बाद योजना के संचालन पर सवाल उठना लाजिमी है। विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों से किसी भी तरह का शारीरिक काम करवाना और मना करने पर सजा देना पूरी तरह गलत है।
प्रशासन की भूमिका पर नजर
अब इस मामले में सभी की नजर प्रशासन पर है कि वह क्या कदम उठाता है। अगर आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित शिक्षक पर सख्त कार्रवाई हो सकती है। उन्नाव का यह मामला सिर्फ एक स्कूल तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे सिस्टम के लिए एक चेतावनी है। बच्चों की सुरक्षा और सम्मान सबसे ऊपर होना चाहिए अब देखना होगा कि जांच के बाद सच्चाई क्या सामने आती है और जिम्मेदार लोगों पर क्या कार्रवाई होती है।
रिपोर्ट- रंजन बाजपेई “निडर”,उन्नाव
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