कमर के दर्द से हैं परेशान तो करें ये घरेलू उपाय

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और घंटों लैपटॉप के सामने बैठने की मजबूरी ने कमर दर्द को एक वैश्विक महामारी बना दिया है। गलत तरीके से बैठने , अचानक भारी वजन उठाने या शारीरिक सक्रियता की कमी के कारण हमारी रीढ़ की हड्डी और उससे जुड़ी मांसपेशियों पर अत्यधिक दबाव पड़ता है। जब यह दबाव बढ़ता है, तो मांसपेशियों में सूक्ष्म खिंचाव आता है जो सूजन और असहनीय दर्द का रूप ले लेता है। इसे मस्कुलोस्केलेटल पेन कहते हैं, जो लंबे समय तक बना रहे तो आपकी दैनिक दिनचर्या को अस्त-व्यस्त कर सकता है। अच्छी बात यह है कि कमर दर्द के शुरुआती चरणों में महंगी दवाओं के बजाय कुछ आसान उपाय कहीं ज्यादा प्रभावी साबित हो सकते हैं। सिकाई से लेकर सही मालिश और योग के अभ्यास तक, कुछ ऐसे सरल तरीके हैं जो न सिर्फ दर्द की तीव्रता को कम करते हैं बल्कि भविष्य में होने वाली रीढ़ की समस्याओं से भी बचाते हैं।

आदतों में बदलाव

कमर दर्द से स्थाई मुक्ति तभी संभव है जब आप अपना पोस्चर सुधारेंगे। जैसा कि हम अपने दैनिकचर्या में बैठते समय रीढ़ की हड्डी सीधी रखें और पैरों को जमीन पर टिकाएं। इसके अलावाबहुत नरम गद्दे के बजाय मध्यम सख्त गद्दे का चुनाव करें। वहीं भारी सामान उठाते समय घुटनों को मोड़ें न कि कमर को तकलीफ दें। अगर आप इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखते हैं और घरेलू नुस्खे अपनाते हैं, तो आपको कमर के दर्द से बहुत जल्दी आराम मिलेगा।

सही तेल से मालिश

दर्द वाली जगह पर सही तेल से मालिश करने से मांसपेशियों का तनाव कम होता है और ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है। सरसों के तेल में 4-5 कलियां लहसुन की जलाकर बनाया गया तेल कमर दर्द के लिए रामबाण है। इसके अलावा तिल के तेल से की गई हल्की मालिश भी तंत्रिकाओं को शांत करती है। ध्यान रखें मालिश हमेशा हल्के हाथों से करें और रीढ़ की हड्डी पर सीधा दबाव न डालें।

गर्म और ठंडी सिकाई

दर्द को दबाने के लिए सिकाई सबसे कारगर तरीका है। अगर चोट ताजी है, तो शुरुआती 48-72 घंटों में बर्फ से सिकाई करें, यह रक्त वाहिकाओं को सिकोडक़र सूजन कम करती है। इसके बाद, मांसपेशियों की जकडऩ खोलने के लिए गर्म पानी की थैली या हीटिंग पैड का उपयोग करें। गर्मी रक्त संचार को बढ़ाती है, जिससे ऊतकों की मरम्मत तेज होती है और दर्द से राहत मिलती है।ठंडी सिकाई में आमतौर पर आइस पैक, ठंडे पानी में भीगे तौलिए या बाजार में उपलब्ध कोल्ड जेल पैक का उपयोग किया जाता है। ठंडा तापमान प्रभावित जगह के ऊतकों को शांत करता है, जिससे सूजन और जलन जल्दी कम हो जाती है।

हल्का व्यायाम और योग

अक्सर लोग कमर दर्द होने पर पूरी तरह बेड रेस्ट करने लगते हैं, जो मांसपेशियों को और अधिक कमजोर और सख्त बना देता है। इसके बजाय, हल्की सैर या तैराकी करें। योग में मर्कटासन और भुजंगासन रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाने के लिए बेहतरीन हैं। सक्रिय रहने से शरीर में प्राकृतिक पेनकिलर एंडोर्फिन रिलीज होता है, जो दर्द को सहन करने की क्षमता बढ़ाता है और रिकवरी तेज करता है।

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