ईरानी गुस्से की आग में झुलसे खाड़ी देश, कतर, बहरीन, कुवैत और सऊदी अरब पर बरपाया कहर!

ट्रंप की नरमी पर ईरान और भी ज्यादा आक्रमक हो गया और अब ईरान ने कतर-बहरीन-कुवैत और सऊदी पर तबाड़तोड़ हमले कर दिए हैं

4pm न्यूज नेटवर्क: ट्रंप की नरमी पर ईरान और भी ज्यादा आक्रमक हो गया और अब ईरान ने कतर-बहरीन-कुवैत और सऊदी पर तबाड़तोड़ हमले कर दिए हैं….जिससे ईरान ने एक बार फिर से बता दिया है कि वो इस युद्ध को खत्म करने और इससे पीछे हटने को बिल्कुल भी तैयार नहीं है…..

दरअसल, मिडिल ईस्ट में चल रही ईरान और अमेरिका के बीच की जंग अब दूसरे महीने में पहुंच चुकी है और हालात सुधरने के बजाय और भी ज्यादा खौफनाक होते जा रहे हैं…जहां एक तरफ अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में बयान दिया कि अमेरिकी सेना जल्द ही ईरान से बाहर निकल सकती है और उन्होंने इसके लिए 2 से 3 हफ्तों का समय भी बताया…ट्रंप का दावा है कि अमेरिका अपने सैन्य लक्ष्यों को लगभग हासिल कर चुका है और अब ऑपरेशन अपने आखिरी चरण में है…

हालांकि, उनके इस बयान को लेकर कई विशेषज्ञों का मानना है कि जमीनी हकीकत इससे काफी अलग हो सकती है…क्योंकि युद्ध अभी भी कई मोर्चों पर जारी है…वहीं दूसरी तरफ युद्ध के मैदान में हमले और जवाबी हमले जारी हैं…कूटनीतिक स्तर पर भी हलचल बनी हुई है…इस पूरे संघर्ष ने न सिर्फ क्षेत्रीय शांति को खतरे में डाला है…बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और सुरक्षा पर भी बड़ा असर डालना शुरू कर दिया है…

इन हमलों से ईरान का रुख बिल्कुल सख्त दिखाई दे रहा है…ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने साफ चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने जमीनी सैनिक भेजने की गलती की…तो उसे भारी नुकसान उठाना पड़ेगा…उन्होंने कहा कि ईरान पूरी तरह तैयार है और जरूरत पड़ी तो 6 महीने तक युद्ध जारी रख सकता है…ईरान के विदेश मंत्री का बयान ये दिखाता है कि ईरान किसी भी हालत में पीछे हटने के मूड में नहीं है…

अराघची ने ये भी कहा कि ईरान खुद जमीनी युद्ध नहीं चाहता…लेकिन अगर उस पर हमला होता है…तो वो पूरी ताकत से जवाब देगा….उन्होंने ये भी साफ किया कि देश की सुरक्षा सबसे ऊपर है और इसके लिए ईरान किसी भी हद तक जा सकता है…इस बयान से ये साफ हो गया है कि आने वाले समय में संघर्ष और तेज हो सकता है…

ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने भी अमेरिका पर भरोसा न करने की बात कही है…उन्होंने याद दिलाया कि 2015 में हुआ परमाणु समझौता अमेरिका ने खुद तोड़ दिया था…जिससे ईरान का भरोसा पूरी तरह खत्म हो गया है…उन्होंने ये भी कहा कि अगर भविष्य में दोबारा संघर्ष न होने की गारंटी दी जाए…तभी ईरान युद्ध खत्म करने पर विचार करेगा…इस बीच जंग का दायरा अब सिर्फ ईरान और अमेरिका तक सीमित नहीं रहा है…लेबनान, इजराइल और अन्य देशों में भी इसका असर साफ दिखने लगा है…लेबनान की राजधानी बेरूत के दक्षिणी हिस्सों में जोरदार धमाके हुए…जहां कई लोगों की जान चली गई…इजराइल ने दावा किया है कि उसने हिज़्बुल्लाह के वरिष्ठ कमांडर को निशाना बनाया है…

इजराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने साफ कर दिया है कि उनका सैन्य अभियान अभी खत्म नहीं हुआ है…उन्होंने कहा कि ये ऑपरेशन तब तक जारी रहेगा जब तक आतंक के ढांचे को पूरी तरह खत्म नहीं कर दिया जाता…इसका मतलब है कि मिडिल ईस्ट में संघर्ष और लंबा खिंच सकता है…इसी बीच तेहरान में भी धमाकों की खबरें आईं…जिसके बाद वहां के एयर डिफेंस सिस्टम को सक्रिय कर दिया गया…इन हमलों से ये साफ है कि युद्ध अब कई मोर्चों पर फैल चुका है और किसी भी समय बड़ा टकराव हो सकता है…

इस पूरे संकट पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता बढ़ती जा रही है…United Nations Development Programme (UNDP) ने चेतावनी दी है कि अगर ये युद्ध जल्द खत्म नहीं हुआ…तो इसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा…उनकी रिपोर्ट के मुताबिक मिडिल ईस्ट की GDP में 3.7% से 6% तक गिरावट आ सकती है और करीब 18 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हो सकता है…रिपोर्ट में ये भी बताया गया है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों की संख्या 70% तक घट गई है…यही रास्ता दुनिया के बड़े हिस्से तक तेल पहुंचाने का मुख्य मार्ग है…इस कारण तेल की कीमतें बढ़कर करीब 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं…जिससे दुनिया भर में महंगाई बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है…

सबसे बड़ी चिंता नौकरियों को लेकर है…UNDP के मुताबिक इस संघर्ष के कारण 16 लाख से 36 लाख लोगों की नौकरियां खतरे में पड़ सकती हैं…इसका मतलब है कि ये जंग सिर्फ हथियारों तक सीमित नहीं है…बल्कि आम लोगों की जिंदगी पर भी सीधा असर डाल रही है…इसी बीच ईरान की ताकतवर सैन्य इकाई Islamic Revolutionary Guard Corps ने एक और बड़ा बयान दिया है…उन्होंने धमकी दी है कि अगर संघर्ष जारी रहा…तो वो अमेरिका के बड़े संस्थानों और कंपनियों को निशाना बना सकते हैं…इसमें Microsoft, Google, Apple, Intel, IBM, Tesla और Boeing जैसी कंपनियों के नाम शामिल हैं…ये संकेत देता है कि युद्ध साइबर और आर्थिक मोर्चों पर भी फैल सकता है…

अब इस पूरे मामले में एक और बड़ा और खतरनाक पहलू सामने आया है…वो है स्ट्रेट ऑफ होर्मुज…ईरान के सांसद Ebrahim Azizi ने कहा है कि ये रास्ता अब पहले जैसा नहीं रहेगा…उन्होंने साफ कहा कि अब केवल वही देश इस रास्ते का इस्तेमाल कर पाएंगे जो ईरान के नियमों का पालन करेंगे…उनका ये बयान बेहद अहम माना जा रहा है…क्योंकि ये रास्ता दुनिया के तेल सप्लाई का सबसे बड़ा माध्यम है…

अजीजी ने ये भी कहा कि ईरान की मेहमाननवाजी का दौर खत्म हो चुका है….यानी अब ईरान अपने हितों के लिए सख्त कदम उठाने को तैयार है…अगर ईरान ने इस रास्ते को कंट्रोल कर लिया….तो पूरी दुनिया में तेल संकट और महंगाई का बड़ा झटका लग सकता है…दिलचस्प बात ये है कि डोनाल्ड ट्रंप ने ये कहकर और सनसनी मचा दी कि उनका होर्मुज स्ट्रेट से कोई लेना-देना नहीं है और वो इसके बिना भी युद्ध खत्म कर सकते हैं…हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि ये बयान ज्यादा राजनीतिक हो सकता है…क्योंकि हकीकत में ये रास्ता वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बेहद जरूरी है….

वहीं कूटनीतिक मोर्चे पर भी कुछ हलचल देखने को मिल रही है…ईरान के विदेश मंत्री ने बताया कि उन्हें अमेरिकी अधिकारियों से कुछ संदेश मिल रहे हैं…लेकिन इसे औपचारिक बातचीत नहीं कहा जा सकता…उन्होंने ये भी कहा कि जब तक भरोसा नहीं बनता…तब तक किसी ठोस समझौते की उम्मीद करना मुश्किल है…इस पूरे घटनाक्रम से ये साफ है कि हालात बेहद नाजुक हैं…एक तरफ अमेरिका ये दिखाने की कोशिश कर रहा है कि…युद्ध खत्म होने के करीब है…वहीं ईरान लगातार अपनी ताकत और तैयारी का संकेत दे रहा है…इजराइल और लेबनान में बढ़ते हमले इस आग में और घी डाल रहे हैं…

आम लोगों के लिए सबसे जरूरी बात ये समझना है कि ये जंग सिर्फ दो देशों के बीच नहीं रह गई है…इसका असर पेट्रोल-डीजल की कीमतों से लेकर रोजमर्रा के खर्च तक हर चीज पर पड़ सकता है…अगर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में रुकावट आती है….तो भारत जैसे देशों में भी महंगाई तेजी से बढ़ सकती है…यानी कहा जा सकता है कि ये युद्ध अब एक ऐसे मोड़ पर पहुंच चुका है…जहां से या तो बड़ा युद्ध हो सकता है या फिर कोई बड़ा कूटनीतिक समझौता निकल सकता है…लेकिन फिलहाल जो संकेत मिल रहे हैं…वो यही बताते हैं कि आने वाले समय में हालात और ज्यादा गंभीर हो सकते हैं.

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