J-K: अरहामा एनकाउंटर पर राज्यपाल के आदेश, परिवार ने राशिद को बताया निर्दोष

जम्मू-कश्मीर के गंदरबल जिले में अरहामा के राशिद अहमद मुगल का सुरक्षा बलों की तरफ से एनकाउंटर कर दिया गया. राशिद के परिवारवालों ने उसे निर्दोष बताया है और आरोप लगाया है कि ये एनकाउंटर फर्जी है. इस मामले पर राज्यपाल मनोज सिन्हा ने जांच के आदेश दिए हैं.

4pm न्यूज नेटवर्क: जम्मू-कश्मीर के गंदरबल जिले में अरहामा के राशिद अहमद मुगल का सुरक्षा बलों की तरफ से एनकाउंटर कर दिया गया. राशिद के परिवारवालों ने उसे निर्दोष बताया है और आरोप लगाया है कि ये एनकाउंटर फर्जी है. इस मामले पर राज्यपाल मनोज सिन्हा ने जांच के आदेश दिए हैं.

जम्मू कश्मीर में सुरक्षाबलों ने 1 अप्रैल को गंदरबल जिले के अरहामा में एक शख्स का एनकाउंटर किया था, जिसकी पहचान राशिद अहमद मुगल के तौर पर हुई है. सुरक्षा बलों ने राशिद को आतंकी बताया है तो वहीं परिवार का आरोप है कि ये एक फर्जी एनकाउंटर है, जिसमें निर्दोष को मार दिया गया. इस मामले में अब जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिंहा ने फर्जी एनकाउंटर में जांच बुलाई है. उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि मैंने अरहामा, गांदरबल की घटना की गहन और निष्पक्ष मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं. यह जांच घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल करेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि न्याय मिले.

सीएम उमर अब्दुल्ला भी की थी जांच की मांग
इस मामले पर सीएम उमर अब्दुल्ला ने 2 अप्रैल को कहा था कि मेरा मानना ​​है कि परिवार के दावे को सीधे-सीधे खारिज नहीं किया जाना चाहिए. कम से कम ये मुठभेड़ की एक पारदर्शी और समय-सीमा के भीतर जांच होनी चाहिए और इससे जुड़ी जानकारी को सार्वजनिक किया जाना चाहिए. उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर कहा था कि जांच की घोषणा को टालने या उसमें देरी करने का कोई भी प्रयास केवल विश्वसनीयता को ही नुकसान पहुंचाएगा और ये किसी के भी हित में नहीं है.

महबूबा मुफ्ती का आरोप
महबूबा मुफ्ती ने इस मामले पर कहा कि आरोप लग रहे हैं कि गांदरबल एनकाउंटर फर्जी है. उन्होंने मीडिया से कहा कि दो दिन पहले अरहामा में एक एनकाउंटर हुआ था, जिसमें 29 साल का एक नौजवान राशिद मुगल मारा गया था. आरोप हैं कि यह एक फर्जी नकाउंटर है. सेना ने पहले कहा था कि वह एक विदेशी आतंकवादी था, लेकिन बाद में कहा कि वह स्थानीय था और आतंकवाद से जुड़ा हुआ था. उन्होंने कहा कि वह एक अनाथ था और एक NGO चलाता था. उन्होंने उसका शव परिवार को नहीं दिया, बल्कि उसे बारामूला में दफना दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि हमारे नौजवानों के साथ यही हो रहा है.

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