कमीशन के खेल में मजदूरों की जान से खिलवाड़? उन्नाव में सड़क निर्माण का सच कैमरे में कैद

उन्नाव के चमरौली से पाली मार्ग पर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत हो रहे सड़क मरम्मत कार्य पर सवाल उठे हैं। मौके पर नाबालिग मजदूरों से गर्म डामर का काम कराए जाने और सुरक्षा इंतजाम न होने का मामला सामने आया है, जिससे प्रशासन पर कई सवाल खड़े हो गए हैं।

4pm न्यूज नेटवर्क: उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जो सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल खड़े करती है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत ग्रामीण सड़कों के निर्माण और मरम्मत के लिए हर साल लाखों-करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं। इसका मकसद गांवों को बेहतर सड़क सुविधा देना और लोगों की आवाजाही को आसान बनाना होता है।

लेकिन उन्नाव के चमरौली से पाली मार्ग पर चल रहे सड़क मरम्मत कार्य की जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। यहां निर्माण कार्य में लापरवाही, गुणवत्ता पर सवाल और नाबालिग मजदूरों से खतरनाक काम कराए जाने के आरोप सामने आए हैं। यह मामला सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है।

चमरौली से पाली मार्ग पर चल रहा रिपेयरिंग कार्य

जानकारी के मुताबिक चमरौली से पाली मार्ग पर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सड़क की मरम्मत का काम कराया जा रहा है। इस काम को MS रामसनेही नाम की फर्म द्वारा कराया जा रहा है।

मौके पर सामने आई तस्वीरों में सड़क की स्थिति काफी खराब दिखाई दे रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस सड़क पर पहले भी कई बार रिपेयरिंग का काम कराया जा चुका है, लेकिन इसके बावजूद सड़क की हालत जल्द ही खराब हो जाती है। ऐसे में निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क मरम्मत के नाम पर बार-बार पैसा खर्च किया जाता है, लेकिन काम उतना मजबूत नहीं होता जितना होना चाहिए।

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नाबालिग मजदूरों से कराए जा रहे खतरनाक काम के आरोप

इस पूरे मामले का सबसे गंभीर पहलू यह बताया जा रहा है कि मौके पर नाबालिग मजदूरों से भी काम कराया जा रहा है। सामने आई तस्वीरों में कम उम्र के लड़के सड़क पर गर्म डामर डालते नजर आ रहे हैं।

गर्म डामर के साथ काम करना जोखिम भरा माना जाता है और इसके लिए मजदूरों को विशेष सुरक्षा उपकरण दिए जाते हैं। लेकिन यहां काम कर रहे मजदूरों के पास न तो सुरक्षा जूते दिखाई दे रहे हैं और न ही कोई अन्य सुरक्षा इंतजाम।

अगर आरोप सही पाए जाते हैं तो यह श्रम कानूनों का उल्लंघन माना जा सकता है, क्योंकि नाबालिगों से इस तरह के खतरनाक काम कराना कानूनन गलत है।

ठेकेदार पर सुरक्षा नियमों की अनदेखी का आरोप

इस निर्माण कार्य को लेकर ठेकेदार सुनील यादव पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। आरोप है कि मजदूरों की सुरक्षा को लेकर जरूरी इंतजाम नहीं किए गए हैं।

निर्माण कार्यों में मजदूरों के लिए हेलमेट, सुरक्षा जूते और अन्य उपकरण देना जरूरी माना जाता है ताकि किसी भी दुर्घटना से बचा जा सके। लेकिन मौके पर ऐसी व्यवस्थाएं दिखाई नहीं देने की बात सामने आई है।

अधिकारी का क्या कहना है

जब इस मामले को लेकर संबंधित अधिकारी से बात की गई तो पहले उन्होंने ऐसी किसी भी घटना की जानकारी होने से इनकार कर दिया। लेकिन जब उन्हें बताया गया कि पूरा मामला कैमरे में रिकॉर्ड है, तो उन्होंने जांच कराने की बात कही।

संबंधित जेई अनिल का कहना है कि अगर मौके पर नाबालिग मजदूरों से काम कराए जाने या सुरक्षा नियमों के उल्लंघन की बात सही पाई जाती है, तो इस मामले में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

कई सवालों के घेरे में पूरी व्यवस्था

उन्नाव के चमरौली से पाली मार्ग की यह तस्वीरें कई गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं। अगर सरकारी योजनाओं के तहत बनने वाली सड़कों में ही गुणवत्ता और सुरक्षा के नियमों का पालन नहीं होगा तो योजनाओं का असली उद्देश्य कैसे पूरा होगा।

सबसे बड़ा सवाल यह भी है कि क्या अधिकारियों की निगरानी सही तरीके से हो रही है या फिर निर्माण कार्य केवल कागजों तक सीमित रह जाता है।

फिलहाल यह मामला सामने आने के बाद अब नजर इस बात पर है कि प्रशासन इस पूरे मामले की जांच कब करता है और अगर आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।

रिपोर्टर-रंजन बाजपाई “निडर”

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