चैतर वसावा का शक्ति प्रदर्शन, ‘विजय संकल्प यात्रा’ में उमड़ा जनसैलाब, नर्मदा में सियासत तेज
चैतर वसावा ने नर्मदा जिले के सागबारा तालुका में ‘विजय संकल्प यात्रा’ निकालकर बड़ा शक्ति प्रदर्शन किया... भारी संख्या में समर्थकों की...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः गुजरात के नर्मदा जिले के सागबारा तालुका में आम आदमी पार्टी ने स्थानीय चुनावी मैदान में मजबूत दावेदारी पेश की है.. सागबारा तालुका पंचायत और जिला पंचायत की विभिन्न सीटों के लिए AAP के उम्मीदवारों ने आज चुनाव अधिकारी के समक्ष नामांकन पत्र दाखिल किए.. इस मौके पर डेडियापाड़ा से AAP विधायक चैतर वसावा ने बड़ी संख्या में समर्थकों के साथ विजय संकल्प यात्रा निकाली.. यात्रा में आदिवासी क्षेत्र का पारंपरिक उत्साह, नारेबाजी.. और जनसमर्थन की भारी भीड़ देखने को मिली.. यह यात्रा सागबारा शहर में निकाली गई और नामांकन केंद्र तक पहुंची..
वहीं यह घटना गुजरात में चल रहे स्थानीय निकाय चुनावों (जिला पंचायत, तालुका पंचायत) के संदर्भ में महत्वपूर्ण है.. AAP, जो 2022 के विधानसभा चुनाव में डेडियापाड़ा सीट पर चैतर वसावा को जिताकर पहली बार गुजरात विधानसभा में प्रवेश कर चुकी है.. अब पंचायत स्तर पर भी अपनी उपस्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रही है.. सागबारा तालुका नर्मदा जिले का एक प्रमुख आदिवासी बहुल क्षेत्र है.. यहां की जनता मुख्य रूप से खेती, वन संसाधनों.. और आदिवासी अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर ध्यान देती है..
आपको बता दें कि चैतरभाई दामजीभाई वसावा AAP के डेडियापाड़ा विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं.. और उन्होंने 8 दिसंबर 2022 को शपथ ली थी.. वे गुजरात विधानसभा में AAP के विधायक दल के नेता भी हैं.. चैतर वसावा आदिवासी (भील) समुदाय से आते हैं.. और स्थानीय स्तर पर काफी लोकप्रिय हैं.. वे पहले महेश वसावा के साथ काम कर चुके हैं.. और आदिवासी अधिकारों, अलग भील प्रदेश की मांग, शिक्षा, स्वास्थ्य.. और रोजगार जैसे मुद्दों पर सक्रिय रहते हैं..
2024 के लोकसभा चुनाव में वे भरूच सीट से INDIA गठबंधन के उम्मीदवार भी रहे थे.. चैतर वसावा की राजनीति संघर्ष की कहानी है.. और उन्होंने 2025 में एक विवादास्पद घटना में गिरफ्तारी का सामना किया.. जिसमें डेडियापाड़ा तालुका पंचायत अध्यक्ष संजय वसावा पर कथित हमले का आरोप लगा था.. गुजरात हाईकोर्ट ने सितंबर 2025 में उन्हें नियमित जमानत दी.. लेकिन कुछ शर्तों के साथ.. इसके बावजूद चैतर वसावा लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहे और जनता के मुद्दों को उठाते रहे.. सागबारा में एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल के उद्घाटन जैसे कार्यक्रमों में भी उन्होंने भाग लिया.. और स्थानीय विकास पर सवाल उठाए..
आज की ‘विजय संकल्प यात्रा’ में चैतर वसावा ने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि AAP पंचायत स्तर पर भी भ्रष्टाचार मुक्त, पारदर्शी.. और जनहित वाली सरकार लाएगी.. उन्होंने आदिवासी युवाओं, महिलाओं.. और किसानों के लिए बेहतर सुविधाएं, सड़कें, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का वादा किया..
सागबारा तालुका पंचायत परिसर से शुरू हुई यह यात्रा बड़ी संख्या में समर्थकों की मौजूदगी में निकाली गई.. यात्रा में महिलाएं, युवा, आदिवासी कार्यकर्ता.. और स्थानीय लोग शामिल थे.. लोग नारे लगा रहे थे कि AAP आएगी, बदलाव लाएगी.. चैतर वसावा जिंदाबाद.. विजय संकल्प, AAP का संकल्प आदि.. यात्रा में पारंपरिक आदिवासी संगीत, ढोल और नृत्य भी शामिल था.. जो क्षेत्र की संस्कृति को दर्शाता है.. यात्रा सागबारा शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरी.. रास्ते में लोग घरों की छतों और सड़कों पर खड़े होकर समर्थन जता रहे थे.. चैतर वसावा समर्थकों के बीच घूम-घूमकर हाथ हिलाते रहे.. और जनता से सीधा संवाद किया.. यात्रा के दौरान कुछ जगहों पर छोटी-छोटी सभाएं भी हुईं.. जहां स्थानीय मुद्दों पर चर्चा हुई..
नामांकन केंद्र पहुंचकर AAP के उम्मीदवारों ने जिला पंचायत की विभिन्न सीटों के लिए नामांकन पत्र भरे.. रिपोर्ट्स के अनुसार, AAP ने सागबारा तालुका की कई जिला पंचायत सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं.. कुछ खबरों में दो या तीन सीटों का जिक्र है.. जहां पार्टी ने मजबूत प्रत्याशी दिए हैं.. नामांकन के समय चुनाव अधिकारी ने सभी औपचारिकताएं पूरी की.. उम्मीदवारों ने आवश्यक दस्तावेज, शपथ पत्र और अन्य कागजात जमा किए..
वहीं यह यात्रा सिर्फ नामांकन तक सीमित नहीं थी.. बल्कि यह AAP की स्थानीय स्तर पर मजबूत होने की रणनीति का हिस्सा है.. पार्टी गुजरात में 2026-27 के स्थानीय.. और भविष्य के विधानसभा चुनावों की तैयारी कर रही है.. नर्मदा जिला गुजरात के दक्षिणी भाग में स्थित है.. यह आदिवासी बहुल क्षेत्र है, जहां नर्मदा नदी का प्रभाव प्रमुख है.. जिले का मुख्यालय राजपीपला है.. सागबारा तालुका जिले के प्रमुख तालुकों में से एक है.. यहां की आबादी मुख्य रूप से आदिवासी समुदाय की है.. लोग कृषि, वन उत्पादों (महुआ, तेंदू पत्ता आदि) और मजदूरी पर निर्भर हैं..
जानकारी के मुताबिक क्षेत्र में विकास की कई चुनौतियां हैं.. सड़कों की कमी, स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव, शिक्षा की गुणवत्ता, पेयजल समस्या और वन अधिकार.. AAP इन मुद्दों पर फोकस कर रही है.. चैतर वसावा ने बार-बार कहा है कि आदिवासी क्षेत्रों में विकास राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी से रुका हुआ है.. पंचायत चुनावों में जिला पंचायत सीटें महत्वपूर्ण होती हैं.. क्योंकि ये जिले के विकास कार्यों की योजना बनाती हैं.. जबकि तालुका पंचायत ग्राम स्तर के काम देखती है.. AAP का इन सीटों पर उतरना दिखाता है कि.. पार्टी अब ग्रामीण और पंचायती राज स्तर पर भी सक्रिय हो रही है..



