इसुदान गढ़वी का बीजेपी पर बड़ा वार, किसानों के मुद्दे पर घिरी सरकार, उठाए सवाल

आम आदमी पार्टी के नेता इसुदान गढ़वी ने बीजेपी सरकार पर किसानों के मुद्दे को लेकर निशाना साधा है... उन्होंने आरोप लगाया कि...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः गुजरात में आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष इसुदान गढ़वी ने मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को पत्र लिखकर बीजेपी सरकार पर जमकर हमला बोला है.. और उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार किसानों के साथ लगातार नाइंसाफी कर रही है.. यह सरकार सिर्फ बड़े उद्योगपतियों और कारोबारियों के लिए काम करती है.. आम किसानों, गरीबों.. और आम लोगों की समस्याओं की सरकार को कोई परवाह नहीं है.. इसुदान गढ़वी ने पत्र में किसानों की आय बढ़ाने, फसलों के उचित दाम, मंडी में प्राइस कटिंग बंद करने, सिंचाई सुविधा, कर्ज माफी और अन्य अहम मांगें रखी हैं.. यह पत्र ऐसे समय में आया है.. जब गुजरात के किसान बेमौसम बारिश, कम दाम और बढ़ते खर्च से परेशान हैं.. इस हमले ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है.. और 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं..

इसुदान गढ़वी गुजरात में AAP के सबसे सक्रिय चेहरे हैं.. वे लगातार गांवों-खेतों में जाकर किसानों से मिलते हैं.. और उनकी समस्याएं सुनते हैं.. मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में उन्होंने साफ कहा कि बीजेपी सरकार ने किसानों की उपेक्षा कर दी है.. सरकार का पूरा ध्यान बड़े-बड़े उद्योगों और कारखानों पर है.. किसान, जो देश की रीढ़ हैं.. उनकी आवाज को अनसुना किया जा रहा है.. गढ़वी ने 10 सूत्री मांगपत्र भी सौंपा है.. जिसमें 80,000 से ज्यादा किसानों के हस्ताक्षर हैं.. यह पत्र सिर्फ शिकायत नहीं.. बल्कि सरकार को चेतावनी भी है कि.. अगर मांगें नहीं मानी गईं तो AAP बड़ा आंदोलन करेगी..

इसुदान गढ़वी ने पत्र में सबसे पहले किसानों की आय दोगुनी करने के वादे की बात की.. केंद्र और राज्य सरकार ने कई साल पहले यह वादा किया था.. लेकिन हकीकत में किसान आज भी कर्ज के बोझ तले दबे हैं.. गढ़वी ने मांग की कि सभी फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य लागू किया जाए.. और सरकार MSP पर खरीद सुनिश्चित करे.. गुजरात में कपास, मूंगफली, जीरा, गेहूं जैसी फसलें उगाई जाती हैं.. इनके दाम बाजार में कम मिलते हैं.. जिससे किसान घाटे में रह जाते हैं..

आपको बता दें कि एक साधारण किसान सुबह से शाम तक खेत में मेहनत करता है.. बीज, खाद, पानी और मजदूरी का खर्च बहुत बढ़ गया है.. लेकिन फसल बेचने पर उतना पैसा नहीं मिलता.. परिवार का खर्च, बच्चों की पढ़ाई और घरेलू जरूरतें कैसे पूरी हों.. इसुदान गढ़वी कहते हैं कि बीजेपी सरकार उद्योगपतियों को सब्सिडी और छूट देती है.. लेकिन किसानों के लिए कुछ नहीं करती.. यह नाइंसाफी है..

APMC मंडियों में प्राइस कटिंग यानी दाम काटने की प्रथा किसानों को सबसे ज्यादा परेशान करती है.. किसान अपनी मेहनत की फसल लेकर मंडी जाते हैं.. वहां बिचौलिए और अधिकारी मनमाने ढंग से दाम काट लेते हैं.. नतीजा यह होता है कि किसान को पूरा पैसा नहीं मिलता.. इसुदान गढ़वी ने मांग की कि यह प्रथा तुरंत बंद की जाए..

कई किसानों ने बताया कि वे फसल लेकर मंडी पहुंचते हैं.. तो दाम पहले से तय कर दिए जाते हैं.. अच्छी क्वालिटी की फसल भी कम दाम पर बिकती है.. इससे किसान हताश हो जाते हैं.. गढ़वी का कहना है कि बीजेपी सरकार मंडी सुधार पर ध्यान नहीं दे रही.. सिर्फ उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने में लगी है..

गुजरात कपास उत्पादन में अग्रणी राज्य है.. लाखों परिवार कपास की खेती पर निर्भर हैं.. लेकिन पिछले कुछ सालों से कपास की कीमतें गिर रही हैं.. कॉटन कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया खरीद में देरी करता है.. इसुदान गढ़वी ने पत्र में लिखा कि CCI को अक्टूबर से खरीद शुरू करनी चाहिए.. फसल की गुणवत्ता के हिसाब से अच्छे दाम दिए जाएं.. किसान बताते हैं कि फसल तैयार होने के बाद मंडी में खरीद नहीं होती.. भंडारण का खर्च बढ़ता है.. और फसल खराब हो जाती है.. बेमौसम बारिश ने भी कपास को नुकसान पहुंचाया है.. सरकार की ओर से मुआवजा समय पर नहीं मिलता.. गढ़वी ने कहा कि बीजेपी सरकार किसानों की इन समस्याओं को नजरअंदाज कर रही है..

 

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