चैतर वसावा का BJP सरकार पर बड़ा हमला, गुजरात की कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल
आप नेता और विधायक चैतर वसावा ने गुजरात सरकार पर निशाना साधते हुए कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः गुजरात में आम आदमी पार्टी के नेता और विधायक चैतर वसावा ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं.. और उन्होंने दावा किया है कि गुजरात में कानून.. और व्यवस्था की परिभाषा ही बदल गई है.. पुलिस का मुख्य काम नागरिकों को सुरक्षा, सेवा और सलामती देना है.. लेकिन भाजपा सरकार ने पुलिस को अडानी समूह की बिजली कंपनियों का प्राइवेट सुरक्षा गार्ड बना दिया है.. सरकार जनता की सुरक्षा के बजाय कंपनियों से फीस लेकर पुलिसकर्मियों को किराए पर दे रही है.. चैतर वसावा ने कहा कि भाजपा सरकार जनता के पैसे पर अडानी जैसे पूंजीपतियों की दलाली कर रही है.. हाल ही में सामने आए आंकड़ों के अनुसार.. सरकार ने 1,617 पुलिसकर्मियों को अडानी की कंपनियों की सुरक्षा में लगाकर 12.81 करोड़ रुपये कमाए हैं.. इस मुद्दे ने पूरे गुजरात में सियासी तूफान खड़ा कर दिया है..
आपको बता दें कि चैतर वसावा गुजरात में AAP के प्रमुख चेहरे हैं.. वे लगातार सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते रहते हैं.. हाल ही में उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में गुजरात की कानून-व्यवस्था को लेकर खुलकर बात की.. और उन्होंने कहा कि पुलिस का काम आम आदमी की रक्षा करना है.. चाहे कोई छोटा किसान हो, मजदूर हो या आम नागरिक, पुलिस उसकी सुरक्षा करे.. लेकिन भाजपा सरकार ने पुलिस को अडानी समूह की बिजली कंपनियों की सुरक्षा में लगा दिया है.. सरकार इन कंपनियों से फीस वसूलती है.. और पुलिसकर्मियों को उनके यहां तैनात करती है.. चैतर वसावा ने इसे जनता के साथ धोखा बताया..
चैतर वसावा ने आंकड़े देते हुए कहा कि गुजरात सरकार ने 1,617 पुलिसकर्मियों को अडानी समूह की बिजली कंपनियों की सुरक्षा के लिए भेजा है.. इसके बदले सरकार को 12.81 करोड़ रुपये मिले हैं.. उन्होंने पूछा कि क्या पुलिस का काम अब आम लोगों की सुरक्षा करना नहीं रहा.. क्या अब पुलिस सिर्फ बड़े पूंजीपतियों की सेवा करेगी.. जनता के टैक्स के पैसे से भर्ती हुई पुलिस को कंपनियों को किराए पर देना पूरी तरह गलत है.. इससे आम नागरिकों की सुरक्षा प्रभावित हो रही है..
पुलिसकर्मी दिन-रात ड्यूटी करते हैं.. वे परिवार से दूर रहकर ड्यूटी देते हैं.. लेकिन जब उन्हें अडानी की कंपनियों में तैनात किया जाता है.. तो आम इलाकों में पुलिस की संख्या कम हो जाती है.. चोरी, डकैती, महिलाओं की सुरक्षा और छोटे अपराध बढ़ सकते हैं.. चैतर वसावा ने कहा कि भाजपा के 8 गृहमंत्रियों ने पुलिस को प्राइवेट गार्ड बना दिया है.. यह जनता के साथ नाइंसाफी है..
आपको बता दें कि चैतर वसावा ने कहा कि गुजरात में कानून-व्यवस्था की परिभाषा ही बदल गई है.. पहले पुलिस का काम शांति बनाए रखना और जनता की सेवा करना था.. वहीं अब पुलिस का काम अडानी जैसे बड़े उद्योगपतियों की सुरक्षा करना बन गया है.. सरकार जनता को सुरक्षा देने के बजाय कंपनियों से पैसा कमाने में लगी है.. और उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार सिर्फ उद्योगपतियों के लिए काम करती है.. गरीब, किसान और आम आदमी की कोई परवाह नहीं है..
और उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जब कोई आम नागरिक थाने में शिकायत करता है.. तो पुलिस कहती है कि स्टाफ कम है.. लेकिन अडानी की कंपनियों में पुलिसकर्मी तैनात हैं.. यह दोहरी नीति है.. चैतर वसावा ने पूछा कि क्या गुजरात अब अडानी का राज्य बन गया है.. क्या जनता की सुरक्षा अब प्राइवेट कंपनियों के हाथों में सौंप दी गई है.. इस व्यवस्था से आम लोगों पर सीधा असर पड़ रहा है.. गांवों और छोटे शहरों में पुलिस की मौजूदगी कम हो गई है.. महिलाएं अकेले बाहर निकलने से डरती हैं.. किसान अपनी फसल की सुरक्षा के लिए परेशान हैं.. छोटे व्यापारी और मजदूर कहते हैं कि पुलिस अब उनके काम नहीं आती..
एक तरफ सरकार कहती है कि गुजरात विकास का मॉडल है.. दूसरी तरफ पुलिस को प्राइवेट कंपनियों को बेच दिया गया है.. चैतर वसावा ने कहा कि जनता के पैसे पर भर्ती पुलिस को कंपनियों को किराए पर देना गंभीर भ्रष्टाचार है.. सरकार 12.81 करोड़ रुपये कमा रही है.. लेकिन इस पैसे का इस्तेमाल जनता की भलाई में नहीं हो रहा.. पुलिसकर्मियों का मनोबल भी गिर रहा है.. क्योंकि वे अपनी असली ड्यूटी नहीं कर पा रहे..
AAP प्रदेश अध्यक्ष इसुदान गढ़वी ने भी चैतर वसावा के आरोपों का समर्थन किया.. और उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार उद्योगपतियों की दलाली कर रही है.. कांग्रेस के नेता अमित चावड़ा ने भी इस मुद्दे पर सरकार से सवाल पूछे.. उन्होंने कहा कि पुलिस जनता की है, किसी कंपनी की नहीं.. विपक्षी दलों का आरोप है कि भाजपा सरकार अडानी समूह को विशेष सुविधाएं दे रही है.. भाजपा की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक जवाब नहीं आया है.. कुछ नेता कहते हैं कि सुरक्षा देना सरकार का काम है.. और कंपनियां भी राज्य के विकास में योगदान दे रही हैं.. लेकिन विपक्ष इसे जनता के साथ धोखा बता रहा है..



