AAP से डरी BJP? 100+ नेताओं पर FIR | इसुदान गढ़वी का तीखा हमला
गुजरात में सियासत गरमा गई है। आम आदमी पार्टी के 100 से अधिक नेताओं, कार्यकर्ताओं... और उम्मीदवारों पर FIR दर्ज होने के बाद...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः गुजरात में आम आदमी पार्टी के खिलाफ पुलिस कार्रवाई तेज हो गई है.. गुजरात प्रदेश संगठन महासचिव और सौराष्ट्र जोन-1 के अध्यक्ष प्रकाशभाई डोंगा को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है.. वहीं यह घटना AAP नेताओं और कार्यकर्ताओं पर हो रही कार्रवाई का हिस्सा है.. पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष इसुदान गढ़वी ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी है.. और उन्होंने कहा कि अब तक 100 से ज्यादा AAP नेताओं, कार्यकर्ताओं.. और उम्मीदवारों पर FIR दर्ज हो चुकी हैं.. यह सब स्थानीय निकाय चुनावों से ठीक पहले हो रहा है.. जिससे पार्टी BJP पर राजनीतिक साजिश का आरोप लगा रही है..
आपको बता दें कि प्रकाशभाई डोंगा AAP के पुराने और सक्रिय नेता हैं.. वे 2022 के गुजरात विधानसभा चुनाव में जामनगर ग्रामीण सीट से पार्टी के उम्मीदवार भी थे.. वे वकील हैं और सौराष्ट्र क्षेत्र में पार्टी को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं.. गुजरात AAP में वे प्रदेश संगठन महासचिव हैं.. और सौराष्ट्र जोन-1 के अध्यक्ष भी हैं.. उनकी गिरफ्तारी या हिरासत की खबर ने पार्टी कार्यकर्ताओं में काफी गुस्सा पैदा कर दिया है.. AAP का कहना है कि यह गिरफ्तारी राजनीतिक है.. और BJP सरकार AAP के बढ़ते प्रभाव से डर गई है..
इसुदान गढ़वी गुजरात AAP के प्रदेश अध्यक्ष हैं.. उन्होंने इस पूरे मामले पर साफ कहा है कि BJP AAP को कुचलने की कोशिश कर रही है.. गढ़वी खुद हाल ही में खंभालिया पुलिस स्टेशन पर प्रदर्शन करते हुए गिरफ्तार हुए थे.. और उन्होंने वहां पार्टी कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के खिलाफ आवाज उठाई थी.. बाद में उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया.. गढ़वी ने कहा कि पिछले तीन महीनों में 100 से ज्यादा.. बल्कि कुछ रिपोर्टों में AAP नेताओं.. और कार्यकर्ताओं पर 145 FIR दर्ज की गई हैं.. इनमें से 160 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है.. गढ़वी का आरोप है कि BJP उम्मीदवारों को वोटरों का समर्थन न मिलने के कारण AAP पर दबाव डाल रही है.. और उन्होंने कहा कि BJP सत्ता बचाने के लिए पुलिस का दुरुपयोग कर रही है..
वहीं यह सब गुजरात के आगामी स्थानीय निकाय चुनावों के मद्देनजर में हो रहा है.. मार्च 2026 में AAP ने 460 से ज्यादा उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की थी.. इसमें तालुका पंचायत, जिला पंचायत, नगरपालिका.. और महानगरपालिका के उम्मीदवार शामिल हैं.. इसुदान गढ़वी ने इसे पार्टी के लिए बड़ा कदम बताया था.. और उन्होंने कहा कि AAP बिना किसी गठबंधन के चुनाव लड़ेगी और अपनी ताकत से आगे बढ़ेगी.. सूरत महापालिका के लिए मनोज सोरठिया को प्रमुख चेहरा बनाया गया है.. लेकिन अब पार्टी के कई उम्मीदवार और कार्यकर्ता FIR.. और गिरफ्तारियों के शिकार हो रहे हैं.. गढ़वी ने आरोप लगाया कि BJP उम्मीदवारों की नाकामी छिपाने के लिए AAP पर झूठे मामले दर्ज करवाए जा रहे हैं.. कुछ जगहों पर नामांकन रद्द कराने की भी कोशिश हो रही है..
AAP राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी इस मामले को गंभीरता से लिया है.. उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को पत्र लिखा.. केजरीवाल ने लिखा कि गुजरात में AAP कार्यकर्ताओं को राजनीतिक कारणों से निशाना बनाया जा रहा है.. उन्होंने 145 FIR और 160 से ज्यादा गिरफ्तारियों का जिक्र किया.. केजरीवाल ने कहा कि BJP गुजरात में हार का डर महसूस कर रही है.. इसलिए वे तानाशाही कर रहे हैं.. और उन्होंने मांग की कि सभी झूठे मामलों को वापस लिया जाए.. और कार्यकर्ताओं को तुरंत रिहा किया जाए.. केजरीवाल ने ट्वीट भी किया कि लोग इस अत्याचार का जवाब वोट से देंगे..
जानकारी के मुताबिक पिछले तीन महीनों से गुजरात में AAP कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई बढ़ी है.. गढ़वी की गिरफ्तारी के बाद पार्टी ने इसे BJP का डर बताया.. 1 अप्रैल 2026 को खंभालिया पुलिस स्टेशन पर गढ़वी.. और 30 अन्य कार्यकर्ता गिरफ्तार हुए.. जिसको लेकर पुलिस का कहना था कि उन्होंने पुलिस कर्मियों को धक्का दिया.. काम में बाधा डाली और सोशल मीडिया पर लाइव आकर भड़काऊ भाषण दिए.. FIR में दंगा, सार्वजनिक सेवक को बाधित करने और अवैध जमावड़े की धाराएं लगाई गईं.. बाद में गढ़वी जमानत पर बाहर आए.. और उन्होंने इसे राजनीतिक साजिश बताया..
AAP के अन्य नेता भी इस कार्रवाई से प्रभावित हुए हैं.. गोपाल इटालिया जैसे नेता ने सोशल मीडिया पर लोगों से खंभालिया पुलिस स्टेशन पहुंचने की अपील की थी.. चैतर वसावा जैसे विधायक भी पहले से ही गिरफ्तारियों का शिकार बने हैं.. जिसको लेकर पार्टी का दावा है कि किसान आंदोलन के समय भी कई नेता घर में नजरबंद थे.. कुछ कार्यकर्ताओं पर लूट, हमला और अन्य गंभीर आरोप लगाए गए.. लेकिन AAP उन्हें झूठा बता रही है..
आपको बता दें कि AAP इसे पूरी तरह राजनीतिक बता रही है.. पार्टी का कहना है कि गुजरात में AAP का बढ़ता समर्थन BJP को परेशान कर रहा है.. 2022 के विधानसभा चुनाव में AAP ने कुछ सीटें जीतीं और वोट शेयर बढ़ाया था.. वहीं अब स्थानीय चुनावों में वे और मजबूत हो रहे हैं, इसलिए दबाव बढ़ाया जा रहा है.. वहीं इस पूरे मामले का गुजरात की राजनीति में बड़ा असर पड़ेगा.. AAP कह रही है कि लोग इस अन्याय को देख रहे हैं.. और वोट देकर जवाब देंगे.. पार्टी कार्यकर्ता अब और ज्यादा सक्रिय हो गए हैं.. वे सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं.. और सोशल मीडिया पर मुद्दा उठा रहे हैं.. दूसरी तरफ, विपक्षी दलों ने भी AAP का समर्थन किया है.. लेकिन BJP शासन में पुलिस का इस्तेमाल विपक्ष को दबाने के लिए हो रहा है.. यह आरोप पहले भी लग चुका है..
AAP 2012 में गुजरात आई थी.. शुरू में वे दिल्ली मॉडल पर फोकस करते थे.. जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य और भ्रष्टाचार मुक्त शासन सामिल था.. 2022 के चुनाव में वे 5-6% वोट पाने में सफल रहे.. कुछ सीटों पर वे दूसरे नंबर पर रहे.. अब 2026 के स्थानीय चुनाव में वे पंचायत स्तर तक पहुंचना चाहते हैं.. पहली उम्मीदवार सूची में सौराष्ट्र, कच्छ, उत्तर गुजरात सहित पूरे राज्य के नाम शामिल हैं.. प्रकाशभाई डोंगा जैसे नेता इसी क्षेत्र में पार्टी को मजबूत कर रहे थे.. उनकी हिरासत ने सौराष्ट्र में पार्टी को झटका दिया है..



