सूरत में BJP बैकफुट पर? AAP का बढ़ता असर | वार्ड 4 में उम्मीदवार तय नहीं!

सूरत की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है... AAP के बढ़ते जनसमर्थन के बीच BJP पर दबाव बढ़ता दिख रहा है...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः सूरत गुजरात की आर्थिक राजधानी मानी जाती है.. यहां की सूरत नगर निगम की चुनावी सरगर्मी इन दिनों चरम पर है.. 26 अप्रैल को होने वाले चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 11 अप्रैल थी.. ठीक इसी बीच 10 अप्रैल की रात बीजेपी ने सूरत नगर निगम के लिए अपने उम्मीदवारों की सूची जारी की.. लेकिन इस सूची में वार्ड नंबर 4 कापोदरा-हिराबाग के लिए कोई नाम नहीं था.. इसी वार्ड से आम आदमी पार्टी के युवा और जुझारू नेता मनोज सोरठिया चुनाव लड़ रहे हैं.. AAP का दावा है कि जनता में बीजेपी के खिलाफ गुस्सा है.. और AAP को भारी समर्थन मिल रहा है.. जिसकी वजह से बीजेपी इस वार्ड में उम्मीदवार घोषित करने से हिचकिचा रही थी.. और यह खबर गुजरात की राजनीति में चर्चा का विषय बन गई है..

आपको बता दें कि सूरत नगर निगम में कुल 30 वार्ड हैं.. और हर वार्ड से 4 पार्षद चुने जाते हैं.. यानी कुल 120 सीटें है.. पिछले कई दशकों से बीजेपी यहां मजबूत रही है.. 2021 के चुनाव में भी बीजेपी ने भारी बहुमत से जीत हासिल की थी.. लेकिन 2026 में AAP ने पहली बार बड़े पैमाने पर चुनौती दी है.. AAP ने अब तक 75 उम्मीदवारों की तीन सूचियां जारी कर दी हैं.. और पूरे शहर में प्रचार जोरों पर है.. मनोज सोरठिया AAP के गुजरात राज्य महासचिव हैं.. वे पहले 2022 के विधानसभा चुनाव में करंज सीट से AAP के उम्मीदवार रह चुके हैं.. वहीं अब वे वार्ड नंबर 4 से नगर निगम का चुनाव लड़ रहे हैं.. AAP के कार्यकर्ता उन्हें युवा और जुझारू नेता बताते हैं..

जानकारी के अनुसार 10 अप्रैल की रात बीजेपी की सूची जारी होने के बाद सबसे ज्यादा ध्यान वार्ड नंबर 4 पर गया.. देशगुजरात के अनुसार.. बीजेपी की सूची में वार्ड 4, 23 और 24 के नाम पूरी तरह गायब थे.. वार्ड 9 में भी सिर्फ तीन नाम थे.. बाकी वार्डों में चार-चार उम्मीदवारों के नाम दिए गए थे.. नामांकन की अंतिम तिथि 11 अप्रैल होने के कारण कुछ लोग इसे रणनीतिक देरी बता रहे थे.. लेकिन AAP इसे डर के रूप में देख रही है.. AAP का कहना है कि मनोज सोरठिया की लोकप्रियता.. और जनता के बीजेपी विरोधी मूड की वजह से बीजेपी इस वार्ड में उम्मीदवार उतारने की हिम्मत नहीं जुटा पाई..

आपको बता दें कि मनोज सोरठिया मूल रूप से भावनगर के लेवा पटेल परिवार से हैं.. पहले कुछ समय बीजेपी के बूथ एजेंट भी रहे थे.. लेकिन 2012 में AAP में शामिल हो गए.. अन्ना हजारे आंदोलन के समय से अरविंद केजरीवाल.. और मनीष सिसोदिया जैसे नेताओं से उनके संबंध रहे.. 2022 में करंज विधानसभा से उन्होंने 27 प्रतिशत वोट हासिल किए थे.. AAP में वे राज्य स्तर पर संगठन मजबूत करने का काम कर रहे हैं.. हाल ही में AAP ने उन्हें वार्ड 4 से टिकट दिया है.. सोशल मीडिया पर AAP कार्यकर्ता उन्हें कापोदरा-हिराबाग का गौरव बता रहे हैं..

वार्ड नंबर 4 यानी कापोदरा इलाका सूरत का मध्य भाग है.. यहां की आबादी करीब 1.6 लाख है.. ज्यादातर मध्यम वर्गीय परिवार, छोटे व्यापारी और पटेल समुदाय के लोग रहते हैं.. इस इलाके में पानी, ड्रेनेज, ट्रैफिक और सफाई की समस्याएं लंबे समय से चली आ रही हैं.. AAP इन मुद्दों पर हमलावर है.. मनोज सोरठिया कहते हैं कि बीजेपी के 20 साल के शासन में सूरत में भ्रष्टाचार बढ़ा है.. और आम आदमी की समस्याएं नहीं सुलझी.. AAP का फोकस साफ-सुथरा सूरत, बिना भ्रष्टाचार पर है..

वहीं यह चुनाव गुजरात की राजनीति में नया मोड़ साबित हो सकता है.. गुजरात में AAP की शुरुआत 2012 में हुई थी.. शुरू में पार्टी को ज्यादा सफलता नहीं मिली.. लेकिन 2022 विधानसभा चुनाव में AAP ने 5 प्रतिशत से ज्यादा वोट शेयर हासिल किया.. अब स्थानीय निकाय चुनावों में AAP पूरे जोर से मैदान में है.. सूरत में AAP का दावा है कि यह शहर देश का पहला महानगरपालिका होगा जहां AAP का मेयर बनेगा.. पार्टी ने 120 में से 75 सीटों पर उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं..

 

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