बाबा साहेब की विरासत को कमजोर करने की हो रही साजिश: राहुल गांधी
नेता प्रतिपक्ष ने डा. आंबेडकर की जयंती पर अर्पित की श्रद्धांजलि

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि आज कुछ ताकतें बाबासाहेब की विरासत एवं संविधान को सुनियोजित तरीके से कमजोर करने में लगी हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह बाबासाहेब के विचारों की रक्षा के लिए पूरी ताकत से लड़ते रहेंगे।
राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट किया, बाबासाहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर ने हमें सिर्फ संविधान नहीं, न्याय, समानता और सम्मान पर आधारित एक सशक्त भारत का सपना दिया। लेकिन आज कुछ ताकतें सुनियोजित तरीके से बाबासाहेब की इस विरासत और हमारे संविधान को कमजोर करने में लगी हैं, लोकतांत्रिक संस्थाओं को खोखला किया जा रहा है, अधिकारों को कुचला जा रहा है, और समता की सोच पर हमला होरहा है। उन्होंने कहा, यह देश बाबासाहेब के विचारों पर बना है, मैं पूरी शक्ति के साथ, आखिरी दम तक इनकी रक्षा के लिए लड़ता रहूंगा। हम सब मिल कर बाबा साहेब के सपनों के भारत को फिर से साकार करेंगे। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने एक्स पर पोस्ट किया, बाबासाहेब डॉ. बी. आर. आंबेडकर की जयंती पर, हम इस दूरदर्शी नेता को पूरी श्रद्धा से नमन करते हैं जिन्होंने भारत को इसकी नैतिक और संवैधानिक आत्मा दी।

समानता, बंधुत्व और न्याय योद्धा थे डा. आंबेडकर
बाबासाहेब न केवल भारत के संविधान के निर्माता थे, बल्कि स्वतंत्रता, समानता, बंधुत्व और न्याय के लिए एक योद्धा थे।’’ उन्होंने कहा कि ‘‘आज, जब संविधान पर षडयंत्रकारी हमले हो रहे हैं, तो उनके शब्द और चेतावनियां नए सिरे से पूरी तात्कालिकता के साथ गूंजती हैं। उन्होंने कहा कि यह एक ऐसा क्षण है जो साहस और दृढ़ विश्वास की मांग करता है। खरगे ने कहा, हमें केवल उन्हें याद नहीं करना चाहिए, हमें उनके द्वारा स्थापित हर सिद्धांत की रक्षा के लिए, उनके द्वारा हासिल किए गए, हर अधिकार की रक्षा के लिए और उनके द्वारा जिए गए और लड़े गए हर मूल्य को बनाए रखने के लिए उठना चाहिए। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा और पार्टी के कई अन्य नेताओं ने भी आंबेडकर जयंती पर संविधान निर्माता को श्रद्धांजलि अर्पित की।
खरगे की बात पर जोर से हंस पड़े पीएम मोदी
अंबेडकर जयंती के अवसर पर, पीएम मोदी और अन्य नेताओं ने संसद परिसर में स्थित प्रेरणा स्थल पर भारत रत्न डॉ. बी.आर. अंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान पीएम मोदी और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिाकार्जुन खरगे के बीच एक हल्का-फुल्का पल देखने को मिला, जो दो विरोधी नेताओं के बीच कभी-कभी ही देखने को मिलता है। अंबेडकर जयंती पर खरगे और पीएम मोदी की गर्मजोशी भरी मुलाकात का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। वीडियो में देखा जा सकता है कि पीएम मोदी अंबडेकर जयंती के कार्यक्रम के दौरान संसद परिसर के प्रेरणा स्थल में सभी दलों के नेताओं से मुलाकात कर रहे थे। इसी दौरान पीएम मोदी, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के पास पहुंचते और उनसे हाथ मिलाते हैं। वीडियो में खरगे से हावभाव देखकर ऐसा लग रहा है कि उन्होंने मजाकिया अंदाज में पीएम मोदी से कुछ मजेदार बात कही, जिसे सुनकर पीएम मोदी खुद को नहीं रोक पाए और जोर-जोर से हंसने लगे।
सत्ता का दुरुपयोग करना संविधान के खिलाफ : राहुल गांधी
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को देश का सबसे भ्रष्ट मुख्यमंत्री बताते हुए पासपोर्ट विवाद में पवन खेड़ा का पूर्ण समर्थन किया है। यह मामला खेड़ा द्वारा सरमा की पत्नी पर कई पासपोर्ट रखने के आरोप और उसके बाद हुई कानूनी कार्रवाई से जुड़ा है, जिस पर कांग्रेस ने जांच की मांग की है। पर एक पोस्ट में गांधी ने हिमंता बिस्वा सरमा को देश का सबसे भ्रष्ट मुख्यमंत्री बताया और कांग्रेस के आरोपों की जांच की मांग की। उन्होंने लिखा कि असम के वर्तमान मुख्यमंत्री देश के सबसे भ्रष्ट मुख्यमंत्री हैं। वे कानून से नहीं बचेंगे। अपने राजनीतिक विरोधियों और आलोचकों को परेशान करने के लिए सत्ता का दुरुपयोग करना संविधान के खिलाफ है। उठाए जा रहे सवालों की जांच होनी चाहिए। पारदर्शिता, सत्ता की जवाबदेही और कानून का शासन हमारे संवैधानिक मूल्यों का आधार हैं। कांग्रेस पार्टी पवन खेड़ा के साथ खड़ी है। हम डरेंगे नहीं। ये टिप्पणियां असम पुलिस द्वारा तेलंगाना उच्च न्यायालय के उस फैसले के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में अपील करने के बाद आईं, जिसमें पवन खेड़ा को 1० अप्रैल से एक सप्ताह के लिए कुछ शर्तों के साथ पारगमन जमानत दी गई थी।
नोएडा में कर्मचारियों के प्रदर्शन में फिर हुआ बवाल
पत्थरबाजों को पुलिस ने लाठीचार्ज कर खदेड़ा
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नोएडा। उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्धनगर जिले में वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर कल हुए हिंसक प्रदर्शन के बाद नोएडा के फेज 2 में प्रदर्शनकारी आज फिर से जमा हो गए। उन्होंने पत्थरबाजी की है। हालात को काबू में करने के लिए यहां पुलिस तैनात कर दी गई है। प्रदर्शनकारियों को मौके से हटाया गया है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, फेज 2 के सेक्टर 80 इलाके में सुबह नौ बजे पथराव किया गया था। यहां पथराव करने वालों पर लाठीचार्ज किया गया, तब भीड़ हटी।
बताया जा रहा है कि गुरु अमरदास इंटरनेशनल कंपनी में यह पथराव हुआ था। नोएडा फेज 2 में अराजकता का माहौल है। लोग चोरी छिपे अराजकता फैला रहे हैं। वहीं, सब-इंस्पेक्टर माता प्रसाद गुप्ता ने बताया कि कुछ शरारती तत्वों ने पत्थर फेंके हैं। जो लोग घरों की साफ-सफाई का काम करते हैं, वे अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे थे। हमने उनसे बात की तो उन्होंने पुलिस पर पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। जिसकी वजह से मुझे भी चोटें आईं। कुछ लोगों को पकड़ लिया गया है और उनसे आगे पूछताछ की जाएगी।
गौतम बुद्ध नगर की पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह कहती हैं कि हमें यह समझना होगा कि एक संगठित समूह है जो श्रमिकों को उकसा रहा है और सुनियोजित तरीके से इस मामले को आगे बढ़ा रहा है। पिछले कुछ दिनों में महज कई फर्जी ट्विटर हैंडल और अन्य सोशल मीडिया अकाउंट बनाए गए हैं। इससे यह संकेत मिलता है कि कोई व्यक्ति किसी कॉल सेंटर का संचालन कर रहा है या तकनीक का इस्तेमाल करके उन्हें सुनियोजित ढंग से भडक़ा रहा है।
सरकार ने जांच के लिए बनाई कमेटी
नोएडा में वेतन वृद्धि की मांग को लेकर हुए हिंसक श्रमिक प्रदर्शनों के बाद, योगी सरकार ने औद्योगिक अशांति को समाप्त करने हेतु एक उच्च-स्तरीय समिति का गठन किया है। यह कदम केवल जांच तक सीमित नहीं, बल्कि श्रमिक संघों और उद्योगपतियों के बीच संवाद स्थापित कर विवाद सुलझाने और क्षेत्र में औद्योगिक सद्भाव बहाल करने का एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक प्रयास है। यह कदम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के बाद उठाया गया है। राज्य श्रम विभाग श्रमिकों के हितों की रक्षा और सामान्य स्थिति बहाल करने के उद्देश्य से कदम उठा रहा है, जिसका लक्ष्य सभी संबंधित हितधारकों के साथ प्रभावी संवाद के माध्यम से औद्योगिक सद्भाव और सार्वजनिक व्यवस्था सुनिश्चित करना है। प्रशासन के अनुसार, इस समिति का गठन सभी हितधारकों से परामर्श करने और श्रमिकों की शिकायतों के समाधान की दिशा में काम करने के लिए किया गया है, विशेष रूप से हाल के प्रदर्शनों के मद्देनजर। इस समिति की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास आयुक्त करेंगे। अतिरिक्त मुख्य सचिव (एमएसएमई) और प्रधान सचिव (श्रम एवं रोजगार) को समिति का सदस्य नियुक्त किया गया है, जबकि कानपुर से मनोनीत एक अधिकारी सदस्य सचिव के रूप में कार्य करेंगे। समिति में श्रमिक संघों के पांच प्रतिनिधि और औद्योगिक संघों के तीन प्रतिनिधि भी शामिल हैं।उच्च स्तरीय समिति गौतम बुद्ध नगर जिले में पहुंच चुकी है और प्राथमिकता के आधार पर मुद्दों की जांच करने के बाद जल्द ही सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
राजस्थान के अलवर जिले में भीषण सडक़ हादसा
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। मंगलवार को राजस्थान के अलवर जिले में एक भीषण सडक़ हादसा हो गया, जिसमें एक निजी बस की केमिकल से भरे ट्रक से टक्कर हो गई। इस हादसे में 3 लोगों की मौत हो गई और 3० अन्य लोग घायल हो गए। घटना दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पिना के पास हुई। यह बस इंदौर से दिल्ली जा रही थी।
अधिकारियों ने बताया कि हादसे में बस ड्राइवर, एक महिला और एक बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और एंबुलेंस की मदद से घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। यहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर घायल यात्रियों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। पुलिस का कहना है कि हादसे की असल वजह अभी तक पता नहीं चल पाई है। लेकिन माना जा रहा है कि तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने के कारण यह दुर्घटना हुई होगी।
लद्दाख पर बातचीत में देरी से बढ़ रही नाराजगी: सोनम वांगचुक
सामाजिक कार्यकर्ता बोले- केंद्र जल्द करे वार्ता, लोग कर रहे इंतजार
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लेह। लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने लद्दाख के मुद्दों पर केंद्र से वार्ता फिर शुरू करने में हो रही देरी पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि संवाद में देरी लोगों में निराशा पैदा कर रही है। इससे लेह-कारगिल के बीच विभाजन की भावना भी बढ़ सकती है।
उन्होंने कहा, केंद्र सरकार को लद्दाख के प्रतिनिधियों से जल्द वार्ता शुरू करनी चाहिए। एक्स पर पोस्ट में वांगचुक ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत उनकी नजरबंदी बिना शर्त हटाए जाने को एक महीना हो चुका है। इस फैसले से आपसी विश्वास बहाल होने और रचनात्मक संवाद शुरू होने की उम्मीद जगी थी लेकिन चार फरवरी को हुई पिछली बैठक के दो महीने बाद भी अगली वार्ता की तारीख घोषित नहीं की गई है। अगली दौर की बातचीत विश्वास और अविश्वास के बीच लटकी है और लद्दाख बातचीत का इंतजार कर रहा है।
उन्होंने कहा, इस देरी का फायदा कुछ संदिग्ध तत्व उठा रहे हैं। वे लेह और कारगिल के बीच खासकर धार्मिक आधार पर विभाजन पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं जिससे इस संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्र में सामाजिक सौहार्द प्रभावित हो सकता है। वांगचुक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से अपील की कि राष्ट्रीय हित में लद्दाख के मुद्दों का शीघ्र समाधान किया जाए।
ईरान-अमेरिका में फिर बातचीत की तैयारी
अब जिनेवा में हो सकती है अगली बैठक
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के चलते संकट गहराता जा रहा है। बीते दिनों इस्लामाबाद में हुई शांति वार्ता के असफल होने के बाद हालात और अधिक जटिल हो गए हैं, जिससे वैश्विक चिंता बढ़ गई है।
हालांकि अब एक बार फिर दोनों देशों के बीच नई बातचीत की संभावना जताई जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पिछली विफलता के बावजूद कूटनीतिक चैनल सक्रिय हैं और अगली शांति वार्ता की तैयारी तेज हो गई है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या यह नया प्रयास तनाव को कम कर पाएगा या टकराव और बढ़ेगा?रिपोर्ट्स के अनुसार, दोनों देश इस हफ्ते के अंत तक फिर से आमने-सामने बैठ सकते हैं। यह बातचीत उस दो हफ्ते के अस्थायी युद्धविराम (सीजफायर) से पहले हो सकती है, जो 21 अप्रैल को खत्म होने वाला है।रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अगली बातचीत के लिए जिनेवा को सबसे संभावित जगह माना जा रहा है। हालांकि अभी यह साफ नहीं है कि पिछली बार जैसी ही उच्च स्तरीय टीम इसमें शामिल होगी या नहीं। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि अगर उन्हें लगेगा कि ईरान उनकी शर्तों को मानने के लिए तैयार है, तो वह जल्द ही फिर से आमने-सामने बातचीत के लिए तैयार हैं। सूत्रों के मुताबिक, दोनों देश पिछले छह हफ्तों से जारी तनाव को खत्म करने और समझौता करने की कोशिश में लगे हुए हैं।
हालांकि पिछली बातचीत में कोई नतीजा नहीं निकला था, लेकिन अब फिर से बातचीत को लेकर सहमति बनने की बात सामने आई है। बता दें कि इससे पहले सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के साथ बातचीत को लेकर बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि वार्ता असफल होने के बाद अब ईरान ने फिर से अमेरिका से संपर्क किया है और वह समझौता करना चाहता है। ट्रंप ने अपने पोस्ट में इस बात पर जोर दिया कि ईरान अमेरिका से बातचीत करने के लिए बेचैन है। उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा तनाव मुख्य रूप से ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर है। ट्रंप ने साफ कहा कि अमेरिका कभी भी ईरान को परमाणु हथियार बनाने की अनुमति नहीं देगा।



