नोएडा में वेतन बढ़ाने को लेकर उग्र हुआ आंदोलन, अखिलेश यादव ने जमकर घेरा
वेतन वृद्धि और बेहतर कामकाजी परिस्थितियों की मांग को लेकर नोएडा में प्राइवेट कंपनी के कर्मचारियों का आंदोलन लगातार उग्र होता जा रहा है। पिछले तीन दिनों से धरना प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का गुस्सा फूट गया।

4pm न्यूज नेटवर्क: वेतन वृद्धि और बेहतर कामकाजी परिस्थितियों की मांग को लेकर नोएडा में प्राइवेट कंपनी के कर्मचारियों का आंदोलन लगातार उग्र होता जा रहा है। पिछले तीन दिनों से धरना प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का गुस्सा फूट गया।
प्रदर्शन ने तब हिंसक रूप ले लिया जब कर्मचारियों ने सड़कों पर उतरकर पत्थरबाजी शुरू कर दी। साथ ही पुलिस की गाड़ियों के साथ ही कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया। कंपनी में भी तोड़फोड़ की गई। इस दौरान पुलिसकर्मी भी घायल हो गए। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं, हिंसक प्रदर्शन से गौतमबुद्धनगर जिले के कई इलाकों में जाम की स्थिति पैदा हो गई है। ट्रैफिक जाम के कारण दफ्तर जाने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा।
हरियाणा सरकार ने अप्रैल 2026 में मजदूरों के लिए एक बड़ा फैसला लिया। उन्होंने अकुशल, अर्ध-कुशल और कुशल मजदूरों के न्यूनतम वेतन में 35 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर दी। यह बढ़ोतरी 1 अप्रैल 2026 से लागू हुई। हरियाणा में अब अकुशल मजदूर को लगभग 15,220 रुपये महीना मिलने लगा, जबकि पहले 11,274 रुपये थे। यह फैसला मजदूरों के लंबे संघर्ष के बाद लिया गया। महंगाई बढ़ने और ईरान युद्ध जैसी घटनाओं से सामान महंगे होने के कारण मजदूरों ने हरियाणा में हड़ताल की थी। सरकार ने यह वेतन वृद्धि मजदूरों को राहत देने के लिए की। लेकिन यही “वरदान” पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के नोएडा में आग की चिंगारी बन गया।
नोएडा के फेज-2 होसियरी कॉम्प्लेक्स में हजारों गारमेंट फैक्ट्री के मजदूर काम करते हैं। ये मजदूर हरियाणा की फैक्टरियों में काम करने वाले साथियों से जुड़े रहते हैं। जब हरियाणा में वेतन बढ़ा तो नोएडा के मजदूरों ने भी समान वेतन की मांग की। नोएडा में अकुशल मजदूर को अभी 350-435 रुपये रोज मिलते हैं, जबकि हरियाणा में अब 580-750 रुपये हो गए। मजदूरों का कहना था कि वे भी वही काम करते हैं, फिर वेतन क्यों कम? महंगाई से उनका गुजारा मुश्किल हो रहा था। किराया, राशन और LPG की कालाबाजारी उन्हें परेशान कर रही थी।
सुबह 9-10 बजे से प्रदर्शन शुरू हुआ। महिलाएं भी बड़ी संख्या में शामिल थीं। वे सड़क जाम करने लगे और दादरी रोड की तरफ मार्च निकाला। पुलिस ने उन्हें समझाने की कोशिश की लेकिन मजदूरों ने पथराव कर दिया। पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। एक हजार से ज्यादा मजदूर जमा हो गए। सैकड़ों फैक्टरियों में काम रुक गया। ट्रैफिक बिगड़ गया और इलाके में अफरा-तफरी मच गई। प्रशासन, पुलिस और लेबर डिपार्टमेंट के अधिकारी पहुंचे। देर शाम तक बातचीत चली। मजदूरों ने ओवरटाइम डबल रेट पर, साप्ताहिक छुट्टी, बोनस और बेहतर सुरक्षा की मांग रखी।
प्रशासन ने लिखित आश्वासन दिया कि उनकी मांगें ऊपर भेजी जाएंगी। ओवरटाइम 11 अप्रैल से लागू, रविवार काम करने पर दो दिन की छुट्टी और बोनस नवंबर तक। फैक्ट्री मालिकों को चेतावनी दी गई कि कोई मजदूर को न निकालें और वेतन समय पर दें। मजदूर शांतिपूर्ण तरीके से काम पर लौट गए लेकिन यह आंदोलन मजदूरों की एकजुटता दिखाता है। वहीं इस घटना को लेकर विपक्ष भाजपा सरकार पर हमलावर है। इसी कड़ी में सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने जोरदार हमला बोला है।
अखिलेश यादव ने घटना का एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि- नोएडा में वेतन बढ़ाने को लेकर उग्र हुए आंदोलन का कारण भाजपा सरकार की वो एकतरफ़ा नीति है जो पूंजीपतियों का पोषण करती है लेकिन सामान्य काम करनेवाले कर्मचारियों और वेतनभोगी श्रमिकों-मज़दूरों का शोषण। भाजपाई चंदादायी पूँजीपतियों के एटीएम में तो पैसे भरते जा रहे हैं, लेकिन श्रमिकों-मज़दूरों के वेतन के लिए इनके एटीएम खाली हैं। बेतहाशा महंगाई के इस दौर में कम वेतन में घर चलाना कितना मुश्किल है, ये एक परिवारवाला ही समझ सकता है। वेतनभोगी कहे आज का, नहीं चाहिए भाजपा!
नोएडा में प्रदर्शन कर रहे श्रमिकों की मुख्य मांगे हैं कि उनका न्यूतम वेतन 20000 रुपये मासिक किया जाए. बैंक खाते में 30 नवंबर तक बोनस दिया जाए. किसी भी कर्मचारी को अनावश्यक रूप से सेवा से न निकाला जाए. ओवरटाइम का भुगतान दोगुनी दर से किया जाए, कोई कटौती न हो. हर कर्मी को साप्ताहिक अवकाश मिले रविवार को काम कराया जाए तो उसका दोगुना भुगतान किया जाए.
प्रशासन का कहना है कि मजदूरों की मांग मान लीगई है. हालांकि, श्रमिकों का कहना है कि वेतन वृद्धि के मुद्दे पर उन्हें अभी तक कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला है और कंपनी प्रबंधन इस पर टालमटोल कर रहा है. इसी वजह से उनका आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है. गौरतलब है की कि यह मामला अभी तूल पकड़ता जा रहा है।



