बिहार सम्राट पर पीके का हल्ला, शपथ से पहले फैल गया रायता

  • उनके पिता शकुनि चौधरी का एक वीडियो भी तेजी से हो रहा है वायरल
  • नीतीश कुमार की छाया से क्या बाहर निकल पाएगा बिहार!

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
पटना। बिहार में डिप्टी सीएम के पद पर कार्य कर रहे सम्राट चौधरी को प्रमोशन मिला है और उन्हें मुख्यमंत्री बनाया गया है। सम्राट चौधरी के गद्दीनशी होते ही इतना क्लियर हो गया कि राजनीति में सबकुछ बदल गया हो लेकिन कांटे से कांटा निकालने की रीति आज भी कायम है। सम्राट चौधरी के नाम पर मोहर लगने का मतलब इतना तो तय है कि कोरी कुशवाहा के गणित से बिहार की राजनीति बाहर नहीं निकल पायी है। बिहार में इन दोनों जातियों को एक साथ लव-कुश कहा जाता है जो नीतीश कुमार की राजनीति का मुख्य आधार रहा है। सम्राट चौधरी के शपथ लेते ही बिहार में पहली बार बीजेपी का सीधे मुख्यमंत्री वाला राज स्थापित हो जाएगा। सम्राट चौधरी के सीएम बनते ही बिहार में नई बहस शुरू हो चुकी है। वैसे तो वह कुशल राजनीतिक परिवार से आते हैं और राजनीति के सभी दांव पेचों से बखूबी वाकिफ है लेकिन उन पर सभी को साथ लेकर चलने और उनके अतीतकाल को लेकर प्रश्नचिन्ह भी खूब लगाये जा रहे हैं।

सिर चढ़कर बोल रहा है कोरी कुशवाहा समीकरण

बिहार की राजनीति दशकों से लवकुश समीकरण पर टिकी रही है। लव-कुश समीकरण यानी कोरी और कुशवाहा जातियों का गठजोड़ एक बार फिर सत्ता की कुंजी बनता दिख रहा है। यही वह फार्मूला है जिसे नीतीश कुमार ने अपने शासन की रीढ़ बनाया था और अब सम्राट चौधरी के नाम पर मुहर लगने का मतलब है कि वही पुराना समीकरण आज भी उतना ही प्रासंगिक है। लेकिन सवाल यह है कि क्या यह सिर्फ सामाजिक समीकरण की जीत है या राजनीतिक मजबूरी? क्या भाजपा ने एक तीर से कई निशाने साधने की कोशिश की है या फिर यह फैसला आने वाले चुनावों के दबाव में लिया गया एक जोखिम भरा दांव है? बिहार की राजनीति में कांटे से कांटा निकालने की परंपरा भले पुरानी हो लेकिन इस बार कांटा कुछ ज्यादा ही नुकीला नजर आ रहा है। शपथ से पहले ही जो तूफान उठा है, वह साफ संकेत दे रहा है कि आने वाले दिनों में यह सियासी लड़ाई और ज्यादा तेज, और ज्यादा तल्ख होने वाली है।

प्रशांत किशोर ने लगाई आरोपों की झड़ी

बिहार की राजनीति में खुद को चाणक्य समझने वाले प्रशांत किशोर उर्फ पीके को सम्राट चौधरी की ताजपोशी से सबसे ज्यादा दिक्कत लग रही है। चौधरी के नाम का एलान होते ही पीके ने उनको लेकर बड़े आरोप लगाये हैं। उन्होंने कहा है कि पूरे देश में इस पद पर बैठे व्यक्तियों में सम्राट चौधरी से बड़े अपराधिक आरोप किसी दूसरे व्यक्ति पर नहीं लगे हैं। पीके का कहना है कि सम्राट चौधरी कुशवहा समाज के आधा दर्जन लोगों की हत्योंओं के आरोप में जेल में सजा काट चुके हैं और फर्जी नाबालिग सार्टिफिकेट के आधार पर जेल से छूटे व्यक्ति हैं। उन्होंने यह भी कहा है कि हद तो यह है कि चुनाव आयोग के हलफनामे में जेल के सार्टिफिकेट को छुपाया गया है। यदि जांच हो जाए तो यह फिर से जेल चले जाएंगे। उन्होंने कहा है कि जिस कुशवाहा जाति की यह राजनीति करते हैं उसी कुशवाहा जाति के लोगों की हत्याएं हुई थी।

विपक्षी नेताओं का दावा- नीतीश कुमार की जगह कोई नहीं ले सकता

एनडीए नेताओं का कहना है कि सम्राट चौधरी नीतीश कुमार के विकास कार्यों को आगे बढ़ाएंगे। वहीं विपक्षी दलों के नेताओं का मानना है कि नीतीश कुमार की जगह कोई दूसरा नेता नहीं ले सकता। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि नीतीश कुमार की जगह कोई नहीं ले सकता उनकी एक अलग छवि थी और उन्होंने बिहार में बहुत काम किया है। उन्होंने कभी किसी वर्ग को पीछे नहीं छोड़ा सभी वर्गों के लिए विकास कार्य किया। इंडिया गठबंधन के वक्त हम सभी लोगों को उम्मीद थी कि वे हमारे साथ रहकर देश के प्रधानमंत्री बनेंगे। भाजपा ने ऐसा खेल किया है कि राज्यसभा के सदस्य के तौर पर रिटायर हो जाएंगे। भाजपा ने नीतीश कुमार का सपना तोड़ दिया। उन्होंने दावा किया कि देश के लोकतंत्र के साथ भाजपा बहुत बड़ा खिलवाड़ करने जा रही है। कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने कहा कि सम्राट चौधरी का पार्टी बदलने के मामले में कोई एक जैसा रुख नहीं रहा है। उनके राजनीतिक सफर की शुरुआत लालू यादव की पार्टी से हुई थी। उनके पिता कांग्रेस पार्टी में थे इसलिए आप कह सकते हैं कि उनकी राजनीतिक पृष्ठभूमि की जड़ें कांग्रेस में ही हैं। उसके बाद समय के साथ वे एक से दूसरी पार्टी में जाते रहे और आखिर में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए। यह कहना मुश्किल है कि भविष्य में वे कहां जा सकते हैं। एआईएमआईएम नेता वारिस पठान ने कहा कि नीतीश कुमार ने लंबे समय तक बतौर सीएम काम किया। उनके साथ एक राजनीतिक खेल खेला गया। भारतीय जनता पार्टी ने उनसे वहां इस्तीफा दिलवाया उन्हें यहां ले आई और अपनी सरकार बना ली। यह भाजपा की एक साजिश लगती है। महाराष्ट्र में शिंदे साहब के साथ क्या हुआ। नायडू भी अब चुप रहेंगे। बिहार के अंदर भाजपा की सरकार आ गई। उन्होंने आशंका जताई है कि जब उनके बेटे का नाम डिप्टी सीएम के लिए आगे नहीं आ रहा है तो नीतीश कुमार ने इस्तीफा देने का विचार क्यों किया। बिहार की जनता ने जो जनादेश नीतीश कुमार के नाम पर एनडीए को दिया बिहार की जनता को धोखा मिला है।

सम्राट चौधरी को तमाम नेताओं ने दी बधाई, मुंगेर में जश्न का माहौल

सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने के एलान के बाद उन्हें बधाईयों का तांता मिलना शुरू हो गया है। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा है कि बिहार में भी भाजपा का नया इतिहास होगा। मुझे पूरा विश्वास है। एलजेपी (राम विलास) नेता मिथिलेश सिंह ने कहा है कि सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री चुने जाने पर हम लोग बहुत खुश हैं। मिठाई बांटी जा रही है। तारापुर विधानसभा में लोगों में उत्साह है। मुंगेर जिले से मुख्यमंत्री बनने वाले सम्राट चौधरी दूसरे नेता हैं। उन्होंने कहा कि सम्राट चौधरी विकास पुत्र हैं, अब और भी विकास होगा। सम्राट चौधरी के अंदर भेदभाव नहीं है। वह पूरे बिहार का विकास करेंगे। उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद ने सम्राट चौधरी को बिहार का नया मुख्यमंत्री चुने जाने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि हम लोग भी चाहते थे कि बिहार में बहार आए और एनडीए की सरकार आए। एनडीए की सरकार आ गई और अब सम्राट चौधरी सीएम बनने जा रहे हैं, बहुत-बहुत बधाई। भाजपा सांसद मैथिली ठाकुर ने कहा कि सम्राट चौधरी को मैं बहुत बधाई देती हूं। आज एक बड़ा और ऐतिहासिक दिन है। वहीं भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने बिहार के मुख्यमंत्री पद से नीतीश कुमार के इस्तीफे और सम्राट चौधरी को भाजपा विधायक दल का नेता चुने जाने पर कहा कि सम्राट चौधरी नीतीश कुमार द्वारा शुरू किए गए विकास कार्यों को आगे बढ़ाएंगे। नितिन नवीन ने विश्वास जताया कि सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार तेजी से विकास की राह पर आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि यह बिहार के लिए बहुत खास है, और जिस तरह नीतीश कुमार ने पिछले 20 वर्षों में बिहार के विकास को कई आयाम दिए हैं अब उन उपलब्धियों को एक नए स्तर तक ले जाने की जिम्मेदारी सम्राट चौधरी को सौंपी गई है।

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