उन्नाव में ओवरलोडिंग का काला खेल: नंबर प्लेट छुपाकर दौड़ रहे ट्रक, सिस्टम पर उठे बड़े सवाल
उन्नाव में ओवरलोड ट्रकों का खेल जारी है, जहां नंबर प्लेट छुपाकर और फर्जी नंबर का इस्तेमाल कर वाहन बेखौफ दौड़ रहे हैं। रात में गिट्टी-मौरंग से भरे ट्रक नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। प्रशासन की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

4पीएम न्यूज नेटवर्कः उन्नाव की सड़कों पर दिन में सब कुछ सामान्य दिखता है, लेकिन जैसे ही रात होती है, एक अलग ही तस्वीर सामने आती है। नियमों को दरकिनार कर ओवरलोड ट्रकों का काफिला सड़कों पर उतर आता है। सवाल सिर्फ कानून तोड़ने का नहीं है, बल्कि इस पूरे खेल के पीछे किसकी नजरें बंद हैं—यह अब चर्चा का बड़ा मुद्दा बन गया है।
रात होते ही शुरू होता है खेल
हमारे संवाददाता रंजन बाजपेई की पड़ताल में सामने आया कि रात के समय उन्नाव की सड़कों पर ओवरलोडिंग का खेल तेज हो जाता है। गिट्टी, मौरंग और अन्य निर्माण सामग्री से भरे ट्रक बिना किसी डर के दौड़ते नजर आते हैं। इन वाहनों में वजन तय सीमा से कहीं ज्यादा होता है, जिससे सड़कें भी खराब होती हैं और हादसों का खतरा भी बढ़ जाता है।
नंबर प्लेट छुपाने के नए तरीके
इस खेल को और खतरनाक बनाता है माफियाओं का तरीका। ट्रकों की पहचान छुपाने के लिए नंबर प्लेट पर कालिख पोत दी जाती है या कपड़ा बांध दिया जाता है। कुछ मामलों में फर्जी नंबर प्लेट का इस्तेमाल भी किया जा रहा है, जिससे वाहन आसानी से चेकिंग और सीसीटीवी कैमरों से बच निकलते हैं।
65 किलोमीटर तक बिना रोक-टोक सफर
उन्नाव से लखनऊ सीमा तक करीब 65 किलोमीटर का रास्ता है। इतनी लंबी दूरी में अगर ओवरलोड वाहन बिना रोके निकल रहे हैं, तो यह अपने आप में बड़ा सवाल खड़ा करता है। आखिर रास्ते में पड़ने वाले चेक पोस्ट और अधिकारियों की नजर इन पर क्यों नहीं पड़ती?
सिस्टम पर उठ रहे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सब बिना मिलीभगत के संभव नहीं है। अगर नियमों का सख्ती से पालन हो, तो ओवरलोडिंग पर आसानी से लगाम लगाई जा सकती है। लेकिन जब सिस्टम ही सवालों के घेरे में हो, तो कार्रवाई की उम्मीद कम ही नजर आती है।
खतरा सिर्फ नियमों का नहीं, जान का भी
ओवरलोड ट्रक सिर्फ कानून का उल्लंघन नहीं करते, बल्कि आम लोगों की जान के लिए भी खतरा बनते हैं। भारी वजन के कारण इन वाहनों को नियंत्रित करना मुश्किल होता है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है।
रिपोर्ट – रंजन बाजपाई
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