महिला आरक्षण बिल अटका तो बांदा में बवाल! सड़कों पर उतरी हजारों महिलाएं
लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पास न होने पर बांदा में महिलाओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। विधायक ओममणि वर्मा के नेतृत्व में रैली, नारेबाजी और विपक्षी नेताओं का पुतला दहन हुआ। जानें पूरा मामला और क्यों बढ़ा राजनीतिक तापमान।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: बांदा में महिला आरक्षण बिल को लेकर जबरदस्त राजनीतिक माहौल देखने को मिला। जैसे ही लोकसभा में 131वां संविधान संशोधन विधेयक, जिसे ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023’ से जोड़ा जा रहा था, दो-तिहाई बहुमत न मिलने के कारण पास नहीं हो सका—वैसे ही जिले में इसका असर सड़कों पर दिखने लगा।
सड़क पर उतरीं महिलाएं, जताया आक्रोश
नरैनी क्षेत्र में बड़ी संख्या में महिलाएं एकजुट हुईं और सड़क पर मार्च निकालकर अपना विरोध दर्ज कराया। ब्लॉक सभागार में पहले बैठक हुई, जिसमें क्षेत्र के अलग-अलग गांवों से आई महिलाएं शामिल हुईं। इसके बाद सभी महिलाएं रैली के रूप में बाहर निकलीं और मुख्य चौराहे तक पहुंचकर जोरदार नारेबाजी की। महिलाओं में बिल पास न होने को लेकर नाराजगी साफ नजर आई। उनका कहना था कि महिला आरक्षण लंबे समय से लंबित मुद्दा है और इसे टालना महिलाओं के अधिकारों के साथ न्याय नहीं है।
पुतला दहन से बढ़ा राजनीतिक तापमान
विधायक ओममणि वर्मा के नेतृत्व में प्रदर्शन और तेज हो गया। हजारों की संख्या में मौजूद महिलाओं ने मुख्य चौराहे पर विपक्षी नेताओं राहुल गांधी और अखिलेश यादव का पुतला दहन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने केंद्र और प्रदेश सरकार के समर्थन में भी नारे लगाए। वहीँ विधायक ओममणि वर्मा ने कहा कि महिलाओं को उनका अधिकार मिलना चाहिए और इस बिल का पास न होना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने इसे राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी बताया और जल्द समाधान की उम्मीद जताई।
बांदा में दिखा असर
लोकसभा में बिल के अटकने का असर अब जमीनी स्तर पर दिखने लगा है। बांदा की सड़कों पर उतरी महिलाओं का यह प्रदर्शन साफ संकेत देता है कि यह मुद्दा आने वाले समय में और बड़ा रूप ले सकता है। राजनीतिक हलकों में भी इसको लेकर चर्चा तेज हो गई है। अब नजर इस बात पर है कि आगे इस बिल को लेकर क्या रणनीति बनती है और क्या महिलाओं को उनका प्रतिनिधित्व मिल पाता है या नहीं।
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रिपोर्ट – इक़बाल खान



