पीएम को नियंत्रित कर रहे हैं ट्रंप

नेता प्रतिपक्ष का भाजपा पर प्रहार

  • राहुल गांधी बोले- विपक्ष का सामना भी नहीं कर सके मोदी

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर एकबार फिर करारा प्रहार किया। उन्होने उप पर डोनाल्ड ट्रंप द्वारा नियंत्रित होने का गंभीर आरोप लगाया है, दावा किया कि एप्स्टीन फाइलों के जरिए अमेरिका मोदी को नियंत्रित कर रहा है और इसी तर्ज पर वह अन्नाद्रमुक के माध्यम से तमिलनाडु को नियंत्रित करना चाहते हैं। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ‘नियंत्रित’ किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री चाहते हैं कि अन्नाद्रमुक सत्ता में आए, ताकि वह तमिलनाडु के मुख्यमंत्री को नियंत्रित कर सकें।
गांधी ने दावा किया कि प्रधानमंत्री ने ‘‘हमारी ऊर्जा सुरक्षा को दांव पर लगा दिया और हमारे डेटा को दूसरों के हवाले कर दिया, साथ ही हमारे किसानों और छोटे और मध्यम उद्योगों को बेच दिया।’’ उन्होंने परिसीमन विधेयक पर कहा, ‘‘कल (संसद में) आपने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के चेहरे पर आत्मविश्वास की पूरी कमी देखी।’’ राहुल गांधी ने यहां एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘वह (प्रधानमंत्री) विपक्ष का सामना भी नहीं कर सके। वह अलग बैठे थे। इसका कारण यह है कि वह अमेरिका द्वारा नियंत्रित हैं। उन्होंने भारत-अमेरिका समझौते पर हस्ताक्षर किए, जिसने हमारे देश को बेच दिया।’’ उन्होंने कहा, ‘‘आज अगर डोनाल्ड ट्रंप मोदी को कूदने को कहें, तो मोदी कूद जाते हैं। अगर डोनाल्ड ट्रंप मोदी को लेटने को कहें, तो मोदी लेट जाते हैं। क्यों? क्योंकि डोनाल्ड ट्रंप का मोदी पर पूरी तरह नियंत्रण है। वे उन्हें कैसे नियंत्रित करते हैं? वह एप्स्टीन फाइलों के जरिए नियंत्रित करते हैं। वह उन्हें नियंत्रित करते हैं, क्योंकि उन्हें मोदी की वित्तीय व्यवस्था का पता है और वह अदाणी के साथ मोदी के संबंधों को समझते हैं।’’ राहुल गांधी ने कहा, ‘‘ जिस तरह ट्रंप, मोदी को नियंत्रित कर रहे हैं, वह भी तमिलनाडु के मुख्यमंत्री को उसी तरह नियंत्रित करना चाहते हैं।’’

अन्नाद्रमुक को सत्ता में लाना चाहते हैं पीएम मोदी

उन्होंने कहा, इसीलिए वह (मोदी) तमिलनाडु में ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक)को सत्ता में लाना चाहते हैं।’’ केंद्र सरकार ने नवीनतम जेफरी एपस्टीन केस फाइलों में प्रधानमंत्री मोदी के संदर्भों को खारिज कर दिया था। सरकार ने इन्हें एक सजायाफ्ता अपराधी के घटिया विचार के रूप में वर्णित करते हुए कहा कि यह अत्यधिक तिरस्कार के साथ खारिज किए जाने के योग्य है।

राहुल गांधी को बड़ी राहत दोहरी नागरिकता केस में एफआईआर के आदेश पर रोक

लखनऊ। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने राहुल गांधी के खिलाफ कथित दोहरी नागरिकता मामले में एफआईआर दर्ज करने के अपने पूर्व निर्देश पर रोक लगा दी। न्यायालय ने यह भी कहा कि आरोपी की सुनवाई के बिना कोई निर्णय नहीं लिया जा सकता। एक दिन पहले, उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने उत्तर प्रदेश पुलिस को कांग्रेस सांसद के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि उन्होंने 2००3 में इंग्लैंड में एक कंपनी का गठन करते समय ब्रिटिश नागरिकता छिपाई थी। न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी की पीठ ने राज्य सरकार को जांच किसी केंद्रीय एजेंसी को सौंपने की अनुमति भी दी थी। पीठ ने कहा कि आरोपों के प्रथम दृष्टया अध्ययन से संज्ञेय अपराध प्रतीत होते हैं, जिनके लिए विस्तृत जांच आवश्यक है। यह निर्देश उप सॉलिसिटर जनरल द्वारा अदालत के अनुरोध पर प्रासंगिक दस्तावेज प्रस्तुत करने के बाद आया। यह याचिका कर्नाटक भाजपा कार्यकर्ता विग्नेश शिशिर ने दायर की थी, जिन्होंने आरोप लगाया था कि राहुल ने अगस्त 2003 में पंजीकृत कंपनी, मेसर्स बैकॉप्स लिमिटेड, के गठन के दौरान स्वयं को ब्रिटेन का नागरिक घोषित किया था। याचिकाकर्ता के अनुसार, राहुल ने स्वेच्छा से अपनी राष्ट्रीयता ब्रिटिश बताई थी और लंदन और हैम्पशायर के पते के साथ एक निदेशक पहचान पत्र भी प्रदान किया था। अपने पूर्व आदेश में, पीठ ने लखनऊ की एक विशेष सांसद/विधायक अदालत के 28 जनवरी, 25 के उस फैसले को रद्द कर दिया था, जिसमें एफआईआर दर्ज करने का आदेश देने से इनकार कर दिया गया था। न्यायालय ने पाया कि निचली अदालत आरोपों की पर्याप्त रूप से जांच करने में विफल रही कि क्या प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध बनते हैं।

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