मिर्जापुर में दर्दनाक हादसा: शादी से लौट रहे बाइक सवारों को ट्रेलर ने कुचला, 2 की मौत, एक गंभीर
मिर्जापुर के ड्रमंडगंज में शादी से लौट रहे बाइक सवारों को ट्रेलर ने टक्कर मार दी। हादसे में 2 लोगों की मौके पर मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल है। यह इलाका पहले से ही दुर्घटना जोन माना जाता है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: सुबह का वक्त, घर लौटने की जल्दी और कुछ ही पलों में सब खत्म। मिर्जापुर के ड्रमंडगंज इलाके में मंगलवार को हुआ एक सड़क हादसा इतनी तेजी से हुआ कि संभलने का मौका तक नहीं मिला। शादी से लौट रहे तीन लोग एक बाइक पर सवार थे, तभी पीछे से आए तेज रफ्तार ट्रेलर ने टक्कर मार दी। हादसा इतना भयावह था कि मौके पर ही दो लोगों की मौत हो गई, जबकि एक युवक जिंदगी के लिए संघर्ष कर रहा है।
हाईवे पर बिखरीं जिंदगियां, मंजर देख कांप उठे लोग
मिर्जापुर जिले के ड्रमंडगंज थाना क्षेत्र में मिर्जापुर-रीवा राष्ट्रीय राजमार्ग पर लहुरियादह गांव के पास यह हादसा सुबह करीब 9 बजे हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक सवार दो लोगों के शव सड़क पर बुरी तरह बिखर गए। इस मंजर को देखकर वहां मौजूद लोगों के होश उड़ गए।
शादी से लौटते वक्त हुआ हादसा, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
जानकारी के अनुसार, मध्य प्रदेश के रीवा जिले के सोहागी थाना क्षेत्र के निवासी 57 वर्षीय लक्ष्मी नारायण पाल और 18 वर्षीय अंकित कुमार पाल अपने रिश्तेदार हरिशंकर पाल के साथ एक वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल होकर लौट रहे थे। तीनों एक ही बाइक पर सवार होकर घर वापस आ रहे थे, तभी लहुरियादह के पास पीछे से आ रहे तेज रफ्तार ट्रेलर ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। हादसे में लक्ष्मी नारायण पाल और हरिशंकर पाल की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बाइक चला रहा अंकित गंभीर रूप से घायल हो गया।
हेलमेट ने बचाई जान, लेकिन हालत नाजुक
बताया जा रहा है कि अंकित ने हेलमेट पहना हुआ था, जिसकी वजह से उसके सिर में गंभीर चोट नहीं आई। हालांकि उसके पैर में गहरी चोटें आई हैं और उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। उसे पहले स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र और फिर गंभीर हालत में मंडलीय अस्पताल रेफर किया गया है।
हादसे के बाद फरार हुआ चालक, पुलिस जांच में जुटी
घटना के बाद ट्रेलर चालक मौके से फरार हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस टीम तुरंत पहुंची और घायल को अस्पताल पहुंचाया। पुलिस ने ट्रेलर को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है और फरार चालक की तलाश की जा रही है।
ड्रमंडगंज घाटी: हर महीने हादसे, फिर भी नहीं सुधरे हालात
ड्रमंडगंज घाटी और इसके आसपास का इलाका लंबे समय से हादसों के लिए बदनाम रहा है। लहुरियादह और भैसोड़बलाए पहाड़ का क्षेत्र पहले ही ‘एक्सीडेंट जोन’ के रूप में पहचाना जाता है। यहां तेज रफ्तार, घुमावदार मोड़ और सुरक्षा इंतजामों की कमी मिलकर बार-बार हादसों को जन्म दे रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि शायद ही कोई महीना ऐसा गुजरता हो, जब यहां कोई बड़ा हादसा न हुआ हो।
सिस्टम पर सवाल, कब सुधरेगा यह ‘मौत का रास्ता’?
यह हादसा एक बार फिर उन सवालों को सामने लाता है, जो हर दुर्घटना के बाद उठते हैं, क्या इस इलाके में सुरक्षा के ठोस इंतजाम होंगे? क्या स्पीड कंट्रोल और चेतावनी संकेतों को मजबूत किया जाएगा? जब तक इन सवालों के जवाब नहीं मिलते, तब तक ड्रमंडगंज घाटी में ऐसे हादसे लोगों की जिंदगी छीनते रहेंगे।
रिपोर्ट- संतोष देव गिरी
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