प्रशासन सोता रहा, माफिया खोदते रहे जमीन! NGT नियम धरे रह गए, उन्नाव में खुलेआम खनन का खेल जारी
उन्नाव के पुरवा क्षेत्र में अवैध खनन का बड़ा खेल सामने आया है। रात में जेसीबी और डंपरों से खनन, NGT नियमों की अनदेखी। ग्रामीणों में आक्रोश, प्रशासन पर उठे सवाल।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में एक बार फिर अवैध खनन का मुद्दा सुर्खियों में है। प्रशासनिक सख्ती के दावों के बीच पुरवा तहसील क्षेत्र से सामने आई तस्वीरें और स्थानीय लोगों के आरोप यह सवाल खड़ा करते हैं कि आखिर नियमों के बावजूद यह खेल किसके संरक्षण में चल रहा है। मामला पुरवा तहसील क्षेत्र का है, जहां असोहा–दरहेटा रोड पर बड़े पैमाने पर अवैध खनन किए जाने के आरोप सामने आए हैं। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यहां दिन के बजाय रात के अंधेरे में डंपर और जेसीबी मशीनों के जरिए खनन को अंजाम दिया जा रहा है।
NGT के नियमों की अनदेखी
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि खनन माफिया, जिनमें रामू और अनीत जैसे नाम सामने आ रहे हैं, प्रशासनिक आदेशों को खुली चुनौती दे रहे हैं। आरोप है कि इन लोगों द्वारा लगातार अवैध तरीके से मिट्टी और खनिज निकाले जा रहे हैं, जिससे पर्यावरण और स्थानीय संसाधनों को नुकसान हो रहा है। यह पूरा मामला राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के नियमों के उल्लंघन से भी जुड़ा है। बिना अनुमति और निर्धारित मानकों के विपरीत खनन करना सीधे तौर पर पर्यावरणीय कानूनों का उल्लंघन माना जाता है।
ग्रामीणों में आक्रोश, प्रशासन की भूमिका पर सवाल
गोमापुर, दरहेटा, चिलौली और चौपई गांवों के लोगों में इसको लेकर भारी नाराजगी है। उनका कहना है कि रात भर चलने वाले खनन कार्य से न केवल सड़कों की हालत खराब हो रही है, बल्कि धूल और शोर से जनजीवन भी प्रभावित हो रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या प्रशासन इस पूरे मामले से अनजान है या फिर जानबूझकर अनदेखी की जा रही है।
रिपोर्ट -रंजन बाजपाई
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