IPL के नाम पर करोड़ों का खेल! कानपुर में सट्टेबाजी का भंडाफोड़, 3.91 करोड़ कैश बरामद, ‘प्रोफेसर’ फरार
कानपुर में IPL सट्टेबाजी पर पुलिस का बड़ा एक्शन, 3.91 करोड़ रुपये नकद बरामद। 5 आरोपी गिरफ्तार, ऑनलाइन ऐप के जरिए चल रहा था पूरा नेटवर्क। फरार मास्टरमाइंड ‘प्रोफेसर’ की तलाश जारी, जांच में और खुलासों की उम्मीद।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: क्रिकेट के सबसे बड़े लीग मुकाबलों में से एक IPL का रोमांच इन दिनों चरम पर है। लेकिन इस रोमांच के साथ-साथ अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी का अंधेरा कारोबार भी तेजी से पनप रहा है। इसी कड़ी में कमिश्नरेट कानपुर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए सट्टेबाजी के संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसने शहर में अवैध पैसों के बड़े नेटवर्क की ओर इशारा किया है।
दो ठिकानों पर छापेमारी, पांच गिरफ्तार
फजलगंज थाना पुलिस और सर्विलांस/स्वाट सेंट्रल जोन की संयुक्त टीम ने बुधवार को सटीक सूचना के आधार पर दो अलग-अलग स्थानों पर दबिश दी। पहली कार्रवाई गोविंद नगर पुल के नीचे खड़ी एक सफेद सोनेट कार में की गई, जहां से पुलिस ने कार्तिक लखवानी और राजकुमार को हिरासत में लिया। प्रारंभिक पूछताछ में मिले इनपुट के आधार पर पुलिस टीम ने किदवई नगर स्थित एक किराए के मकान पर छापा मारा, जहां से तीन अन्य आरोपी, कल्पेश, रवि नाई और विष्णु को गिरफ्तार किया गया। सभी आरोपी गुजरात के निवासी बताए जा रहे हैं।
3.91 करोड़ की नकदी और हाई-टेक सेटअप बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस को 3 करोड़ 91 लाख 50 हजार रुपये की भारी नकदी बरामद हुई। इसके अलावा छह मोबाइल फोन, दो करेंसी चेकिंग मशीन, एक सोनेट कार और सट्टेबाजी से जुड़े अन्य उपकरण भी जब्त किए गए। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यह गिरोह तकनीकी माध्यमों का इस्तेमाल करते हुए ऑनलाइन एप के जरिए लोगों को सट्टे की आईडी उपलब्ध कराता था और शहरभर से पैसे का कलेक्शन करता था। यह संकेत देता है कि नेटवर्क केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं, बल्कि व्यापक और संगठित था।
‘मनीष उर्फ प्रोफेसर’ बना पुलिस के रडार पर
पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने खुलासा किया कि इस पूरे रैकेट का संचालन ‘मनीष उर्फ प्रोफेसर’ नाम का शख्स कर रहा है, जो फिलहाल फरार है। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित कर दी हैं और संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।
पुलिस आयुक्त ने सराहा ऑपरेशन, 50 हजार का इनाम
इस कार्रवाई को कमिश्नरेट पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस आयुक्त ने ऑपरेशन में शामिल टीम को 50 हजार रुपये के नकद पुरस्कार से सम्मानित किया है। फजलगंज थाने में आरोपियों के खिलाफ सार्वजनिक जुआ अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। साथ ही बरामद रकम को लेकर आयकर विभाग को भी सूचना दे दी गई है, जिससे इस मामले में वित्तीय अनियमितताओं की गहराई से जांच हो सके।
रिपोर्ट – प्रांजुल मिश्रा
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