मिर्जापुर: 11 मौतों के बीच विधायक पहुंचीं मंत्री का जन्मदिन मनाने, मिर्जापुर में मचा बवाल
मिर्जापुर के ड्रमंडगंज घाटी हादसे में 11 लोगों की मौत के बाद छानबे विधायक रिंकी कोल की गैरहाजिरी पर सवाल उठे। इसी बीच मंत्री नंद गोपाल नंदी के जन्मदिन समारोह में उनकी मौजूदगी ने राजनीतिक विवाद को और तेज कर दिया।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: मिर्जापुर के ड्रमंडगंज घाटी में हुआ भीषण सड़क हादसा पूरे जिले को गहरे सदमे में छोड़ गया। बुधवार रात मिर्जापुर-रीवा हाईवे पर ट्रक, बोलेरो और कार की टक्कर में 11 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। कई परिवारों के घरों के चिराग एक साथ बुझ गए और पूरे क्षेत्र में मातम पसर गया। लेकिन इस त्रासदी के बीच अब एक नया राजनीतिक विवाद भी खड़ा हो गया है। छानबे विधानसभा की विधायक रिंकी कोल की गैरमौजूदगी और हादसे के बाद उनका मंत्री के जन्मदिन समारोह में शामिल होना विपक्ष के निशाने पर आ गया है। स्थानीय लोग और राजनीतिक दल अब जनप्रतिनिधियों की संवेदनशीलता पर सवाल उठा रहे हैं।
ड्रमंडगंज घाटी में दर्दनाक हादसा, 11 लोगों की मौके पर मौत
यह हादसा बुधवार रात करीब 8 बजे ड्रमंडगंज थाना क्षेत्र की ड्रमंडगंज घाटी में हुआ। मिर्जापुर-रीवा हाईवे पर ट्रक, बोलेरो और कार की आमने-सामने की भीषण टक्कर में 11 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों में अधिकांश लोग छानबे विधानसभा क्षेत्र के जिगना इलाके के बताए जा रहे हैं। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। प्रशासन की ओर से राहत और सहायता कार्य जारी होने की बात कही गई है, वहीं पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी।
विधायक रिंकी कोल की गैरहाजिरी पर उठे सवाल
हादसे के बाद सबसे ज्यादा चर्चा छानबे विधानसभा की विधायक रिंकी कोल की गैरमौजूदगी को लेकर हो रही है। आरोप है कि न तो वह घटनास्थल पर पहुंचीं और न ही मृतक परिवारों से मिलने गईं। बताया जा रहा है कि कुछ पीड़ित परिवार उनके आवास तक भी पहुंचे, लेकिन वहां भी उनसे मुलाकात नहीं हो सकी। इससे स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ गई। लोगों का कहना है कि ऐसे समय में जनता अपने जनप्रतिनिधि से सहानुभूति और साथ की उम्मीद करती है, लेकिन यहां तस्वीर कुछ और ही दिखाई दी।
मंत्री के जन्मदिन समारोह में पहुंचीं विधायक
इसी बीच गुरुवार को विधायक रिंकी कोल भारतीय जनता पार्टी कार्यालय पहुंचीं, जहां उन्होंने मिर्जापुर के प्रभारी मंत्री नंद गोपाल नंदी को जन्मदिन की बधाई दी। वहां उन्होंने मंत्री को केक खिलाकर शुभकामनाएं भी दीं। इस दौरान मझवा विधायक, भाजपा जिलाध्यक्ष, नगर पालिका अध्यक्ष समेत कई नेता मौजूद रहे। सोशल और राजनीतिक हलकों में यह तस्वीर तेजी से चर्चा का विषय बन गई। लोगों का सवाल है कि जब पूरा जनपद शोक में डूबा था, तब नेताओं की प्राथमिकता जन्मदिन समारोह क्यों बनी रही।
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने जताई संवेदना
जहां एक ओर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने इस हृदयविदारक हादसे पर संवेदना व्यक्त की, वहीं स्थानीय स्तर पर नेताओं की मौजूदगी को लेकर बहस तेज हो गई। लोगों का कहना है कि शीर्ष नेतृत्व ने संवेदना दिखाई, लेकिन स्थानीय जनप्रतिनिधियों की प्राथमिकता अलग नजर आई। इससे जनता के बीच गलत संदेश गया।
सपा ने बोला हमला-‘जनता शोक में, मंत्री मौज में’
समाजवादी पार्टी ने इस पूरे मामले पर सत्ता पक्ष को घेरते हुए तीखा हमला बोला है। सपा जिलाध्यक्ष देवी प्रसाद चौधरी ने कहा कि ड्रमंडगंज में 11 लोगों की मौत हो गई, लेकिन क्षेत्रीय विधायक घटनास्थल पर नहीं पहुंचीं। वहीं प्रभारी मंत्री के स्वागत में भाजपा के नेता और पदाधिकारी व्यस्त रहे। उन्होंने कहा, “एक तरफ पूरा जनपद शोक मना रहा है, दूसरी तरफ मंत्री जी जन्मदिन मनाने और केक काटने में मशगुल रहे। पोस्टमार्टम हाउस तक जाना भी जरूरी नहीं समझा गया।” सपा ने इसे जनप्रतिनिधियों की संवेदनहीनता बताते हुए कहा कि जनता आने वाले समय में इसका जवाब देगी।
जनप्रतिनिधियों की संवेदनशीलता पर बहस
यह मामला अब सिर्फ एक सड़क हादसे तक सीमित नहीं रहा, बल्कि जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी और संवेदनशीलता पर बड़ा सवाल बन गया है। जब जनता अपने सबसे कठिन समय में प्रतिनिधियों की ओर देखती है, तब उनकी अनुपस्थिति और दूसरी प्राथमिकताएं लोगों के मन में असंतोष पैदा करती हैं। ड्रमंडगंज हादसे ने जहां 11 परिवारों को गहरे दुख में डुबो दिया, वहीं इसने राजनीति में संवेदनशीलता बनाम दिखावे की बहस भी फिर से छेड़ दी है। अब देखना यह होगा कि इस पूरे घटनाक्रम पर विधायक रिंकी कोल और प्रभारी मंत्री नंद गोपाल नंदी की ओर से क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।
रिपोर्ट – संतोष देव गिरी
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