ड्रमंडगंज घाटी हादसे के पीड़ित परिवारों से मिला सपा प्रतिनिधिमंडल, 25-25 लाख मुआवजे की मांग
मिर्ज़ापुर के ड्रमंडगंज घाटी हादसे में एक ही परिवार के 9 लोगों की मौत के बाद सपा प्रतिनिधिमंडल नरैना हरगढ़ गांव पहुंचा। परिजनों से मिलकर संवेदना जताई और प्रत्येक मृतक के परिवार को 25-25 लाख मुआवजे की मांग की।

4पीएम न्यूज नेटवर्कः मिर्ज़ापुर के ड्रमंडगंज घाटी हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। एक ही परिवार के 9 लोगों समेत कई जिंदगियां इस दर्दनाक घटना में खत्म हो गईं। गांव में पसरा सन्नाटा आज भी उस भयावह रात की गवाही दे रहा है, जब बोलेरो में आग लगने से परिवार के कई सदस्य हमेशा के लिए बिछड़ गए। इस हृदयविदारक घटना के बाद समाजवादी पार्टी ने पीड़ित परिवारों के बीच पहुंचकर संवेदना व्यक्त की। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के निर्देश पर सपा का प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को नरैना हरगढ़ गांव पहुंचा और मृतकों के परिजनों से मुलाकात की।
एक ही परिवार के 9 लोगों की मौत से दहला गांव
विधानसभा छानबे के जिगना थाना क्षेत्र स्थित नरैना हरगढ़ गांव में ड्रमंडगंज घाटी हादसे के बाद मातम पसरा हुआ है। हादसे में बोलेरो वाहन में आग लगने से एक ही परिवार के 9 लोगों की मौत हो गई थी। ग्रामीणों के अनुसार, यह घटना सिर्फ एक सड़क हादसा नहीं, बल्कि पूरे गांव के लिए ऐसी त्रासदी बन गई है, जिसकी भरपाई कभी संभव नहीं होगी। घर के आंगन में जहां कभी बच्चों की आवाजें गूंजती थीं, वहां अब सिर्फ शोक और सन्नाटा है।
सपा प्रतिनिधिमंडल ने जताई संवेदना
समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने पीड़ित परिवारों से मिलकर गहरी संवेदना व्यक्त की और उन्हें भरोसा दिलाया कि पार्टी हर कठिन समय में उनके साथ खड़ी रहेगी। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि यह केवल प्रशासनिक घटना नहीं, बल्कि मानवीय संवेदना से जुड़ा गंभीर मामला है, जिसमें सरकार को तत्काल राहत और सहायता सुनिश्चित करनी चाहिए।
25-25 लाख रुपये आर्थिक सहायता की मांग
सपा नेताओं ने प्रशासन से मांग की कि हादसे में मृत प्रत्येक व्यक्ति के परिजनों को 25-25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए। उनका कहना था कि जिन परिवारों ने अपने कमाने वाले सदस्य खो दिए हैं, उनके सामने अब जीवन यापन का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। ऐसे में सिर्फ सांत्वना नहीं, बल्कि ठोस आर्थिक सहयोग जरूरी है। प्रतिनिधिमंडल ने यह भी कहा कि हादसे की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और सड़क सुरक्षा से जुड़ी खामियों को तुरंत दूर किया जाना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
ये नेता रहे मौजूद
सपा प्रतिनिधिमंडल में जिलाध्यक्ष देवी प्रसाद चौधरी, सुशील सिंह, आदर्श यादव, अनिल यादव, शहनवाज खान, संग्राम बिन्द, कीर्ति कोल, सुशील यादव, रामजी यादव और अशोक सिंह सहित कई नेता शामिल रहे। सभी नेताओं ने पीड़ित परिवारों से व्यक्तिगत रूप से मिलकर उनकी स्थिति जानी और हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।
ड्रमंडगंज घाटी हादसे पर लगातार उठ रहे सवाल
इस हादसे के बाद केवल मुआवजे की मांग ही नहीं, बल्कि ड्रमंडगंज घाटी की सड़क सुरक्षा और हाईवे निर्माण की खामियों पर भी लगातार सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों और अधिवक्ताओं का कहना है कि घाटी की खतरनाक ढलान और तकनीकी लापरवाही लंबे समय से दुर्घटनाओं का कारण बन रही है। ऐसे में जनता अब सिर्फ जांच नहीं, बल्कि स्थायी समाधान चाहती है। मीरजापुर की यह त्रासदी केवल एक परिवार का दुख नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए एक चेतावनी है कि सड़क सुरक्षा और प्रशासनिक जवाबदेही को अब टाला नहीं जा सकता।
रिपोर्ट – संतोष देव गिरी
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