होमगार्ड भर्ती परीक्षा में हाई-टेक नकल गिरोह का भंडाफोड़: AI और मिनी प्रिंटर से हो रही थी साजिश

कानपुर शहर के चुन्नीगंज स्थित बी.एन.एस.डी. इंटर कॉलेज में आयोजित होमगार्ड भर्ती परीक्षा के दौरान पुलिस ने एक संगठित हाई-टेक नकल गिरोह का पर्दाफाश किया है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: कानपुर शहर के चुन्नीगंज स्थित बी.एन.एस.डी. इंटर कॉलेज में आयोजित होमगार्ड भर्ती परीक्षा के दौरान पुलिस ने एक संगठित हाई-टेक नकल गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस घटना ने प्रतियोगी परीक्षाओं में तकनीक के दुरुपयोग को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

कैसे रची गई नकल की साजिश?

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर परीक्षा में धांधली करने की योजना बना रहे थे। आरोपियों ने:

प्रश्न-पत्र की फोटो मोबाइल से खींची

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से उत्तर तैयार किए

मिनी पॉकेट प्रिंटर से तुरंत प्रिंट निकालकर

एक परीक्षार्थी की OMR शीट भरवाने की योजना बनाई

यह पूरा ऑपरेशन बेहद सुनियोजित तरीके से चलाया जा रहा था, ताकि परीक्षा प्रणाली को चकमा दिया जा सके।

ऐसे हुआ खुलासा

परीक्षा के दौरान पुलिस को संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिली। छापेमारी में संदीप चंद्र विश्वकर्मा नामक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया। उसके पास से:

सील्ड प्रश्न-पुस्तिका

मोबाइल फोन

मिनी पॉकेट प्रिंटर

बरामद किए गए।

पूछताछ में उसने बताया कि वह एनसीसी कक्ष में बैठकर पूरी प्रक्रिया को अंजाम दे रहा था।

ड्यूटी चार्ट में नहीं थे नाम

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी संदीप और उसका साथी निर्मल कुमार परीक्षा ड्यूटी के लिए अधिकृत नहीं थे। न ही उनके नाम स्कूल के आधिकारिक ड्यूटी चार्ट में थे और न ही जिलाधिकारी कार्यालय की सूची में। उन्होंने खुलासा किया कि उन्हें इस काम के लिए अखिलेश सिंह यादव नामक व्यक्ति ने बुलाया था।

तीन मुख्य आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने इस मामले में तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है:

अखिलेश सिंह यादव

निर्मल कुमार

संदीप चंद्र विश्वकर्मा

इनके खिलाफ कर्नलगंज थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

परीक्षा प्रणाली पर उठे सवाल

इस घटना ने साफ कर दिया है कि अब नकल के तरीके भी तकनीकी रूप से बेहद उन्नत हो चुके हैं। AI और छोटे प्रिंटिंग डिवाइस का इस्तेमाल कर परीक्षाओं की पारदर्शिता को चुनौती दी जा रही है।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह के पीछे और कौन-कौन लोग शामिल हैं, और क्या यह नेटवर्क अन्य परीक्षाओं में भी सक्रिय रहा है। साथ ही, परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत पर भी जोर दिया जा रहा है।

रिपोर्ट – प्रांजुल मिश्रा, कानपुर

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