बांदा में 436 नए सिपाहियों की दमदार एंट्री, दीक्षांत परेड में दिखा अनुशासन और जोश

बांदा में आज का दिन पुलिस इतिहास के लिए बेहद खास रहा। पुलिस लाइन परिसर में आयोजित भव्य दीक्षांत परेड ने हर किसी को गर्व से भर दिया,

4पीएम न्यूज नेटवर्क: बांदा में आज का दिन पुलिस इतिहास के लिए बेहद खास रहा। पुलिस लाइन परिसर में आयोजित भव्य दीक्षांत परेड ने हर किसी को गर्व से भर दिया,

जब 9 महीने की कठिन ट्रेनिंग पूरी कर 436 रिक्रूट आरक्षियों ने शानदार अंदाज़ में उत्तर प्रदेश पुलिस में अपनी आधिकारिक एंट्री की।

सुबह से ही पुलिस लाइन का माहौल उत्साह और ऊर्जा से भरा हुआ था। जैसे ही परेड शुरू हुई, कैडेट्स की सटीक कदमताल, अनुशासन और बेहतरीन तालमेल ने पूरे मैदान को तालियों की गूंज से भर दिया। हर कदम पर उनकी मेहनत और प्रशिक्षण की झलक साफ दिखाई दे रही थी।

समारोह के मुख्य अतिथि राजेश एस., पुलिस उपमहानिरीक्षक (चित्रकूटधाम परिक्षेत्र) ने परेड की सलामी ली। उन्होंने अपने संबोधन में नवचयनित सिपाहियों को बधाई देते हुए कहा कि अब उनके कंधों पर कानून व्यवस्था बनाए रखने की बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने सिपाहियों से अपेक्षा जताई कि वे ईमानदारी, साहस और समर्पण के साथ अपनी ड्यूटी निभाएं।

इस मौके पर योगी आदित्यनाथ ने वर्चुअल माध्यम से जुड़कर कैडेट्स को संबोधित किया। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि “ईमानदारी और निष्ठा के साथ जनता की सेवा ही पुलिस की असली पहचान है।” मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस बल जनता के विश्वास का प्रतीक है और उसे बनाए रखना हर सिपाही का कर्तव्य है।

कार्यक्रम में पलाश बंसल, पुलिस अधीक्षक बांदा ने सभी कैडेट्स को कर्तव्य, निष्पक्षता और निष्ठा की शपथ दिलाई। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि जनता की सुरक्षा, न्याय और कानून का पालन सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

समारोह के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कैडेट्स और प्रशिक्षकों को सम्मानित भी किया गया। इस सम्मान ने न केवल उनका उत्साह बढ़ाया बल्कि अन्य कैडेट्स के लिए भी प्रेरणा का काम किया। पूरे आयोजन में अनुशासन और गर्व का अनोखा संगम देखने को मिला।

गौरतलब है कि इन रिक्रूट्स का प्रशिक्षण 21 जुलाई 2025 को शुरू हुआ था, जो आज सफलतापूर्वक पूर्ण हुआ। 9 महीने की कड़ी मेहनत, शारीरिक और मानसिक प्रशिक्षण के बाद अब ये सभी सिपाही प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए तैयार हैं।

कार्यक्रम में पुलिस-प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी, कैडेट्स के परिजन और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। हर किसी की आंखों में गर्व और खुशी साफ झलक रही थी।

इस ऐतिहासिक मौके के साथ ही बांदा से एक नई ऊर्जा और विश्वास के साथ 436 सिपाही प्रदेश की सेवा के लिए निकल पड़े हैं, जो आने वाले समय में कानून व्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

रिपोर्ट -इकबाल खान, बांदा

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