ट्रैक्टर बना मौत का कारण या साजिश? उन्नाव में किसान की संदिग्ध मौत

उन्नाव जिले से एक दर्दनाक और संदिग्ध घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: उन्नाव जिले से एक दर्दनाक और संदिग्ध घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है।

फतेहपुर 84 थाना क्षेत्र के सुख्खा खेड़ा पुल के पास एक किसान की ट्रैक्टर से कुचलकर मौत हो गई। शुरुआती तौर पर इस घटना को हादसा बताया जा रहा है, लेकिन ग्रामीणों और परिजनों के बीच इसे लेकर हत्या की आशंका जताई जा रही है।

क्या है पूरा मामला?

मृतक की पहचान मुन्नू सिंह के रूप में हुई है, जो अविवाहित थे और अपने परिवार के साथ गांव में रहते थे। बताया जा रहा है कि मुन्नू सिंह खेत से पैदल अपने घर लौट रहे थे, तभी अचानक एक ट्रैक्टर ने उन्हें टक्कर मार दी। ट्रैक्टर उनके ही परिवार के सदस्य—भतीजे—द्वारा चलाया जा रहा था।

टक्कर इतनी जोरदार थी कि मुन्नू सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) सफीपुर ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत नाजुक देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

हत्या या हादसा? उठ रहे सवाल

घटना के बाद गांव में चर्चाओं का बाजार गर्म है। ग्रामीणों का कहना है कि यह महज एक सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि संपत्ति के लालच में की गई साजिशन हत्या हो सकती है। बताया जा रहा है कि मुन्नू सिंह के नाम काफी जमीन थी और उनके अविवाहित होने के कारण संपत्ति को लेकर परिवार में विवाद की स्थिति बनी हुई थी।

ग्रामीणों का आरोप है कि बड़े भाई और उनके बेटे ने मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक इसे दुर्घटना मानते हुए ही कार्रवाई की है।

पुलिस की कार्रवाई

घटना के बाद मृतक के बड़े भाई के बेटे ने ही थाने में तहरीर देकर इसे हादसा बताया, जिसके आधार पर पुलिस ने एक्सीडेंट का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

परिवार और गांव में मातम

मुन्नू सिंह की मौत के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है। गांव में भी शोक की लहर है। लेकिन इस दुख के बीच संदेह और आरोपों ने माहौल को और भी तनावपूर्ण बना दिया है।

अब सबकी नजर पुलिस जांच पर टिकी है। क्या यह वास्तव में एक हादसा था या फिर संपत्ति के लालच में रची गई एक सोची-समझी साजिश? यह सवाल अभी भी अनुत्तरित है। अगर हत्या के आरोपों में सच्चाई पाई जाती है, तो यह मामला और गंभीर हो सकता है।

यह घटना न सिर्फ एक परिवार की त्रासदी है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि संपत्ति के विवाद किस हद तक खतरनाक रूप ले सकते हैं। पुलिस की निष्पक्ष जांच ही इस मामले की सच्चाई सामने ला सकती है।
रिपोर्ट- रंजन बाजपेई “निडर”,उन्नाव

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