उन्नाव: पैसे लेकर आरोपी को छोड़ा? युवक का शव मिलने के बाद पुलिस पर फूटा गुस्सा
उन्नाव के गंगाघाट क्षेत्र में युवक मोनू का संदिग्ध परिस्थितियों में शव मिलने के बाद परिजनों ने हत्या की आशंका जताई। आरोप है कि पुलिसकर्मी ने पैसे लेकर आरोपित को छोड़ दिया, जिससे गुस्साए परिजनों ने चौकी का घेराव कर हंगामा किया।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: उन्नाव के गंगाघाट कोतवाली क्षेत्र में संदिग्ध परिस्थितियों में एक युवक का शव मिलने के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। मृतक के परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि जिस युवक पर शक था, उसे पुलिस ने पैसे लेकर थाने से छोड़ दिया, जिसके बाद गुस्साए परिजनों ने मरहला चौकी का घेराव कर जमकर हंगामा किया। इस पूरे मामले ने स्थानीय पुलिस की भूमिका को कटघरे में ला खड़ा किया है। खासतौर पर गंगाघाट थाने में तैनात एक पुलिसकर्मी पर लगे आरोपों ने प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
नरवेजपुर गांव के पास मिला युवक का शव
जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान कानपुर नगर के गोलाघाट निवासी मोनू पुत्र ओम कैलाश के रूप में हुई है। मोनू कुछ समय से लापता था और परिजनों ने पहले ही स्थानीय थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। बाद में गंगाघाट कोतवाली क्षेत्र के नरवेजपुर गांव के पास संदिग्ध परिस्थितियों में उसका शव मिलने से परिवार में कोहराम मच गया। शव मिलने की सूचना के बाद परिजन मौके पर पहुंचे और हत्या की आशंका जताई।
मृतक के साथी पर जताया गया था शक
परिजनों का आरोप है कि मोनू के एक साथी पर पहले से ही संदेह था। उनका कहना है कि इस युवक की भूमिका संदिग्ध थी और उन्होंने पुलिस को भी इस बारे में जानकारी दी थी। परिजनों के मुताबिक, यदि समय रहते पुलिस ने सख्ती दिखाई होती, तो शायद सच्चाई पहले सामने आ जाती। उनका दावा है कि आरोपी युवक को हिरासत में लिया गया था, लेकिन बाद में उसे छोड़ दिया गया। यही बात अब पूरे विवाद का सबसे बड़ा कारण बन गई है।
पुलिसकर्मी अंकुर पर पैसे लेकर छोड़ने का आरोप
गुस्साए परिजनों ने गंगाघाट थाने में तैनात पुलिसकर्मी अंकुर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि आरोपी युवक को थाने से पैसे लेकर छोड़ दिया गया। इसी आरोप से नाराज होकर परिजनों और स्थानीय लोगों ने मरहला चौकी का घेराव किया और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। काफी देर तक चौकी के बाहर तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। परिजनों की मांग है कि आरोपी युवक के साथ-साथ संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ भी तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए।
चौकी घेराव के दौरान हंगामा
मरहला चौकी पर पहुंचे परिजनों ने न्याय की मांग करते हुए जमकर हंगामा किया। लोगों का कहना था कि यदि पुलिस निष्पक्ष जांच करती, तो आरोपी खुला नहीं घूमता। स्थानीय लोगों ने भी परिजनों का समर्थन करते हुए पुलिस प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया। मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करना पड़ा, ताकि स्थिति नियंत्रण में रहे। प्रशासन ने परिजनों को जांच और कार्रवाई का आश्वासन देकर मामला शांत कराने की कोशिश की।
पुलिस की भूमिका पर उठे बड़े सवाल
इस घटना ने एक बार फिर पुलिस की जवाबदेही और संवेदनशील मामलों में कार्रवाई की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जब किसी परिवार ने पहले ही गुमशुदगी दर्ज कराई हो और संदेह भी जाहिर किया हो, तब आरोपी को छोड़ने जैसे आरोप बेहद गंभीर माने जाते हैं। यदि जांच में यह साबित होता है कि किसी स्तर पर लापरवाही या लेन-देन हुआ है, तो यह सिर्फ एक आपराधिक मामला नहीं, बल्कि व्यवस्था पर भरोसे का संकट भी बन सकता है।
अब जांच और कार्रवाई पर नजर
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। परिजन साफ कह रहे हैं कि उन्हें केवल आश्वासन नहीं, बल्कि निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई चाहिए। उन्नाव का यह मामला अब सिर्फ एक संदिग्ध मौत नहीं, बल्कि न्याय, पुलिस जवाबदेही और जनविश्वास की बड़ी परीक्षा बन चुका है। आने वाले दिनों में प्रशासन का रुख तय करेगा कि यह मामला सच्चाई तक पहुंचेगा या सिर्फ आरोपों के शोर में दब जाएगा।
रिपोर्ट – रंजन बाजपाई
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