मिर्जापुर में खौफनाक हत्या! युवक के शव पर 50 किलो पत्थर बांधकर नदी में फेंका
मिर्जापुर के विंध्याचल क्षेत्र में 19 वर्षीय युवक राहुल उर्फ छोटू की हत्या के बाद शव पर भारी पत्थर बांधकर कर्णावती नदी में फेंक दिया गया। तीन दिन से लापता युवक का शव मिलने से इलाके में सनसनी और दहशत फैल गई है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर से एक ऐसी वारदात सामने आई है जिसने पूरे इलाके को दहला दिया है। हत्या की यह कहानी सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि ऐसी क्रूरता का उदाहरण है जिसे सुनकर लोगों की रूह कांप उठे। 19 वर्षीय युवक की हत्या के बाद आरोपियों ने शव को छिपाने के लिए उस पर भारी पत्थर बांधा और नदी में फेंक दिया, ताकि सबूत हमेशा के लिए खत्म हो जाएं। विंध्याचल थाना क्षेत्र के कठवैया गांव से जुड़े इस मामले ने कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हाल ही में शहर में दिनदहाड़े अधिवक्ता और प्रधान पति की हत्या की घटना के बाद अब इस नए हत्याकांड ने लोगों के बीच भय और असुरक्षा की भावना को और गहरा कर दिया है।
कर्णावती नदी में मिला युवक का शव
मंगलवार को विंध्याचल थाना क्षेत्र के राजकीय आईटीआई गैपुरा के पास कर्णावती नदी के किनारे एक शव मिलने की सूचना पुलिस को मिली। सूचना मिलते ही थाना विंध्याचल पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। क्षेत्राधिकारी नगर विवेक जावला के अनुसार, शव की पहचान राहुल उर्फ छोटू (19) पुत्र ललित प्रजापति, निवासी कठवैया कलां, थाना विंध्याचल, मिर्जापुर के रूप में हुई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
तीन दिन से लापता था राहुल
परिजनों के अनुसार, राहुल पिछले तीन दिनों से लापता था। 25 अप्रैल 2026 को उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट विंध्याचल कोतवाली में दर्ज कराई गई थी। परिवार लगातार उसकी तलाश में भटकता रहा। परिजनों का कहना है कि वे मिर्जापुर से लेकर मेजा, प्रयागराज तक बेटे की खोज में गए, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। अब शव मिलने के बाद परिवार ने साफ तौर पर अपहरण के बाद हत्या की आशंका जताई है।
शव पर बांधा गया भारी पत्थर
इस हत्याकांड की सबसे भयावह बात यह है कि आरोपियों ने हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए उस पर लगभग 50 किलो का बड़ा पत्थर बांध दिया। मकसद साफ था, शव नदी के भीतर ही दबा रहे, ऊपर न आए और जलीय जीव-जंतु उसे नष्ट कर दें, जिससे अपराध का कोई सबूत न बचे। लेकिन नदी में पानी कम होने और एक ग्रामीण की नजर शव पर पड़ जाने से पूरी साजिश सामने आ गई। यही बात इस मामले को और भी ज्यादा सनसनीखेज बना रही है।
इलाके में फैली दहशत
इस घटना के बाद कठवैया गांव और आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोग इस निर्ममता को लेकर स्तब्ध हैं। लोगों का कहना है कि जिले में लगातार बढ़ रही आपराधिक घटनाएं पुलिस व्यवस्था को खुली चुनौती दे रही हैं। पहले अधिवक्ता और प्रधान पति की हत्या और अब इस तरह की वारदात ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस अब इस पूरे मामले की हर एंगल से जांच कर रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि राहुल का अपहरण किसने किया, हत्या के पीछे क्या कारण था और इसमें कितने लोग शामिल हो सकते हैं। मोबाइल कॉल डिटेल, दोस्ती और हाल के संपर्कों की भी जांच की जा रही है। पुलिस का मानना है कि जल्द ही मामले का खुलासा किया जा सकता है।
परिवार को न्याय का इंतजार
राहुल के परिवार के लिए यह सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि उनके घर की दुनिया उजड़ने जैसा है। परिजन लगातार यही मांग कर रहे हैं कि दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर कड़ी सजा दी जाए। मिर्जापुर की यह घटना एक बार फिर यह सवाल छोड़ गई है कि क्या अपराधियों के मन से कानून का डर खत्म होता जा रहा है। फिलहाल पूरे जिले की नजर पुलिस जांच पर टिकी है। लोग जानना चाहते हैं कि इतनी निर्ममता से हत्या करने वाले आखिर कौन हैं और उन्हें कब कानून के सामने लाया जाएगा।
रिपोर्ट -संतोष देव गिरी



