गर्मी में घर में बनाएं ये 5 देसी कूलिंग ड्रिंक्स

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
गर्मी ने दस्तक दे दी है। गर्मी का मौसम तपती धूप, लू के थपेड़े शुरू हो चुकी है। इस मौसम में पसीना, डिहाइड्रेशन और लगातार थकान बढ़ती है। तेज होती गर्मी और बढ़ती हीटवेव के दौर में शरीर को ठंडा रखना बेहद जरूरी है। हाइड्रेट रहने के लिए लोग पानी पीते हैं लेकिन इससे शरीर को ठंडक नहीं मिलती। ठंडा पानी और बाजार के केमिकल भरे कोल्ड ड्रिंक्स तुरंत राहत तो देते हैं लेकिन असली ठंडक हमेशा पारंपरिक देसी पेयों में ही मिलती है। बेल का शरबत, आम पन्ना, सत्तू, छाछ और जलजीरा ये सिर्फ पेय नहीं बल्कि भारतीय परंपरा की वह विरासत हैं, जो हर गर्मी में शरीर को राहत और ऊर्जा देती हैं। दादी-नानी के जमाने से घरों में बनने वाले ये पेय न सिर्फ शरीर को ठंडा रखते हैं बल्कि पाचन सुधारते हैं, डिहाइड्रेशन से बचाते हैं और शरीर में प्राकृतिक ऊर्जा भी बनाए रखते हैं।

आम पन्ना

गर्मियों का मौसम शुरू होते ही आम का सीजन भी शुरू हो जाता है। ऐसे में गर्मी में ऐसी चीजों को खाना और पीना चाहते हैं जो हमें इस गर्म हवाओं से बचा सकें और हमारे शरीर को अंदर से ठंडक दे पाएं। इन्हीं ड्रिंक्स में से एक है आम का पन्ना। इस मौसम में आपको रोड किनारे आम पन्ना की ठेली देखने को मिल जाएगी। यह पेय उत्तर भारत में गर्मियों की पहचान है। यह शरीर में इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बनाए रखता है। आम पन्ना लू से बचाता है, शरीर में पानी की कमी नहीं होने देता और पाचन में सुधार लाता है। इसे बनाने के लिए दो कच्चे आम, तीन चम्मच गुड़ या चीनी, भुना जीरा, काला नमक और पुदीना होना चाहिए। आम पन्ना बनान के लिए कच्चे आम को उबालकर उसका गूदा निकाल लें। मिक्सर में गूदा, चीनी और पुदीना डालकर पीस लें। इसमें पानी और मसाले मिलाएं। ठंडा करके सर्व करें।

छाछ

भारतीय रसोई में छाछ को पाचन का सबसे अच्छा साथी माना जाता है। छाछ के सेवन से पाचन में सुधार होता है। यह शरीर को हाइड्रेट रखता है और पेट की गर्मी कम करता है। इसे बनाने के लिए एक कप दही और दो कप पानी मिलाकर मथ लें। इसमें काला नमक और भुना जीरा मिलाएं। ऊपर से पुदीना डालकर सर्व करें।

सत्तू का शरबत

बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश में सत्तू को गर्मियों का सबसे ताकतवर पेय माना जाता है। इसके सेवन से तुरंत ऊर्जा मिलती है। सत्तू का शरबत पेट को ठंडा रहने में मदद करता है और लंबे समय तक भूख नहीं लगने देता। एक गिलास ठंडे पानी में दो चम्मच सत्तू डालकर अच्छी तरह से घोलें। फिर काला नमक, भुना जीरा और नींबू का रस मिलाएं। ठंडा करके पीएं।

जलजीरा

यह मसालेदार पेय स्वाद और स्वास्थ्य दोनों का शानदार मेल है। इसका सेवन पाचन को बेहतर करता है। गैस और अपच से राहत मिलती है। साथ ही शरीर को तरोताजा रखता है। इसे बनाने के लिए एक गिलास पानी मे एक चम्मच जलजीरा पाउडर मिलाएं। फिर नींबू का रस और काला नमक डालें। पुदीना मिलाकर ठंडा सर्व करें।

बेल का शरबत

गर्मी के मौसम में बेल का फल किसी प्राकृतिक औषधि की तरह माना जाता है। यह शरीर की गर्मी को कम करता है और पेट को ठंडक देता है। बेल का शरबत गर्मी में लू से बचाता है। इसका सेवन पाचन तंत्र को मजबूत करता है और शरीर को ठंडा रखता है। इसे बनाने के लिएबेल का शरबत बनाने के लिए ज्यादा सामग्री की भी जरूरत नहीं है। एक पका हुआ बेल, 4 गिलास ठंडा पानी, तीन से चार चम्मच गुड़ या चीनी और थोड़ा सा काला नमक चाहिए। अब शरबत बनाने के लिए बेल को तोडक़र उसका गूदा निकाल लें। पानी डालकर अच्छे से मसलें। छलनी से छान लें। इसमें गुड़ या चीनी और काला नमक मिलाएं। ठंडा करके पीएं।

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