मिर्जापुर में स्मार्ट मीटर बना ‘स्मार्ट चीटर’? AAP का बड़ा प्रदर्शन, बिजली बिल और पानी संकट पर सरकार को घेरा
मिर्जापुर में प्रीपेड स्मार्ट मीटर को लेकर आम आदमी पार्टी ने बड़ा प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने स्मार्ट मीटर को ‘स्मार्ट चीटर’ बताते हुए हटाने की मांग की। जल जीवन मिशन, पेयजल संकट और टूटी सड़कों पर भी सरकार को घेरा।

4 पीएम न्यूज नेटवर्क: मिर्जापुर में प्रीपेड स्मार्ट मीटर को लेकर लोगों की नाराज़गी अब सड़कों पर दिखाई देने लगी है। आम आदमी पार्टी (AAP) के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने बुधवार को जिला मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन करते हुए बिजली विभाग और प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। पार्टी का आरोप है कि प्रीपेड स्मार्ट मीटर बिजली उपभोक्ताओं के लिए सुविधा नहीं, बल्कि आर्थिक शोषण का नया माध्यम बन गया है। कार्यकर्ताओं ने इसे ‘स्मार्ट मीटर’ नहीं, बल्कि ‘स्मार्ट चीटर’ बताते हुए तत्काल हटाने की मांग की। इसके साथ ही जल जीवन मिशन और अमृत योजना के तहत पेयजल संकट, टूटी सड़कों और कथित भ्रष्टाचार को लेकर भी प्रशासन को घेरा गया।
स्मार्ट मीटर हटाने की मांग को लेकर प्रदर्शन
आम आदमी पार्टी उत्तर प्रदेश के प्रदेश उपाध्यक्ष सुनील कुमार पांडे एडवोकेट के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालय पर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि मिर्जापुर में लगाए जा रहे प्रीपेड स्मार्ट मीटर तुरंत हटाए जाएं और उपभोक्ताओं के घरों में फिर से पुराने मीटर लगाए जाएं। कार्यकर्ताओं का कहना था कि बिना अधिक बिजली उपयोग के भी उपभोक्ताओं को भारी बिल भरना पड़ रहा है, जिससे आम जनता आर्थिक रूप से परेशान है।
“स्मार्ट मीटर नहीं, स्मार्ट चीटर”
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष सुनील कुमार पांडे ने कहा कि प्रदेश में प्राइवेट कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह मीटर जनता का आर्थिक और मानसिक दोहन कर रहा है। उनका कहना था कि कई उपभोक्ताओं को वास्तविक खपत से अधिक बिल देना पड़ रहा है और बिजली विभाग इस व्यवस्था के जरिए निजी कंपनियों को लाभ पहुंचा रहा है। उन्होंने साफ कहा कि आम आदमी पार्टी इसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं करेगी।
महिलाओं की बढ़ी परेशानी
पार्टी की महिला प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष मीरा देवी पटेल ने कहा कि स्मार्ट मीटर की सबसे ज्यादा मार महिलाओं पर पड़ रही है। उन्होंने बताया कि कई घरों में पैसा जमा करने के बाद भी बिजली नहीं आ रही है, जिससे घरेलू कामकाज बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। उनका कहना था कि रसोई, बच्चों की पढ़ाई और गर्मी के मौसम में बिजली कटौती ने परिवारों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। उन्होंने सरकार से तत्काल स्मार्ट मीटर व्यवस्था वापस लेने की मांग की।
जल जीवन मिशन पर भी उठे सवाल
AAP जिलाध्यक्ष प्रोफेसर बी सिंह ने जल जीवन मिशन और अमृत योजना को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि करोड़ों रुपये खर्च कर पाइपलाइन बिछाई गई, लेकिन पूरे जनपद में कहीं भी नियमित पानी की सप्लाई नहीं हो रही है। भीषण गर्मी में लोग पेयजल संकट से जूझ रहे हैं, जबकि कागजों में ‘हर घर जल’ योजना सफल दिखाई जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह योजना धरातल पर नहीं, सिर्फ फाइलों में चल रही है।
“सड़कें चंद्रमा जैसी हो गई हैं”
प्रदर्शन के दौरान नगर क्षेत्र की खराब सड़कों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। प्रोफेसर बी सिंह ने कहा कि पानी और सीवर पाइपलाइन बिछाने के नाम पर पूरे शहर की सड़कें बर्बाद कर दी गई हैं। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि मिर्जापुर की सड़कें अब चंद्रमा की सतह जैसी दिखाई देती हैं। लोगों और व्यापारियों को रोजाना धूल, जाम और दुर्घटना के खतरे का सामना करना पड़ रहा है।
घेराव की चेतावनी
प्रदेश सचिव रमाशंकर साहू ने कहा कि यदि नगर क्षेत्र की सड़कें तुरंत नहीं बनाई गईं, तो आम आदमी पार्टी नगर पालिका परिषद अध्यक्ष और नगर विधायक के आवास का घेराव करेगी। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं को नजरअंदाज करना अब आसान नहीं होगा। व्यापारी वर्ग और आम नागरिक लगातार परेशान हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौन बने हुए हैं।
जनता के बीच बढ़ रहा असंतोष
स्मार्ट मीटर, पेयजल संकट और खराब सड़कों को लेकर मिर्जापुर में जन असंतोष लगातार बढ़ रहा है। लोगों का कहना है कि योजनाएं शुरू तो हो जाती हैं, लेकिन उनका लाभ आम जनता तक नहीं पहुंचता। ऐसे में राजनीतिक दलों का विरोध केवल राजनीति नहीं, बल्कि जनता की वास्तविक परेशानियों की आवाज बनता जा रहा है।
रिपोर्ट – संतोष देव गिरी
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